यशवंत क्लब में वोटिंग कल, चुनावी AGM में हर साल 10 और नए सदस्य बनाने के प्रस्ताव से विवाद

Sanjay Gupta | Jun 27, 2026, 20:37 IST
यशवंत क्लब में वोटिंग कल
इंदौर के यशवंत क्लब मैनेजिंग कमेटी के चुनाव रविवार 28 जून को हो रहे हैं। इसके पहले चुनावी एजीएम शनिवार 27 जून को क्लब में हुई। लेकिन इसमें एक प्रस्ताव को लेकर विवाद हो गया। अब दस साल तक हर साल 10 नए सदस्य बनाए जाएंगे।

Indore.इंदौर यशवंत क्लब में चुनाव के एक दिन पहले वर्तमान चेयरमैन टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी ने नया दाव चल दिया। चुनावी एजीएम में हर साल 10 नए सदस्य बनाने का प्रस्ताव रख दिया। ऐसा एक-दो नहीं पूरे दस साल होगा।



यानी दस साल में दस और नए सदस्य बनाए जाएंगे। चुनाव के लिए वोटिंग रविवार 28 जून को सुबह साढ़े नौ से चार बजे तक होगी। इसके बाद पांच बजे से काउंटिंग होगी। रिजल्ट रात साढ़े दस बजे करीब संभव है।



विवाद की वजह क्या है

दरअसल हाल ही में क्लब मैनेजिंग कमेटी ने 100 नए सदस्य बनाए हैं। हालांकि यह भी 25-25 करके चार साल में बनाने थे लेकिन चुनावी साल देखते हुए इस काम को पहले ही पूरा कर लिया गया।



माना जा रहा है कि चुनावी मैनेजमेंट के तहत यह काम तेजी से किया गया। सदस्यों का कहना है कि पहले ही क्लब में मूलभूत सुविधाओं की कमी है। नए सदस्य बनाकर जो राशि आई है उससे जो काम किया जा रहा है उसमें अभी तीन-चार साल का समय लगेगा।



खस्ताहाल होगा क्लब का इन्फ्रास्ट्रक्चर

वहीं सौ नए सदस्य बने हैं, लेकिन हर सदस्य का पूरा परिवार सुविधाओं का उपयोग करता है, ऐसे में 400 से ज्यादा का पहले ही बोझ आया है। फिर 10-10 और नए सदस्य बनाने से हर साल 40-50 नए सदस्यों का और लो़ड क्लब पर आएगा। इस तरह हर साल 800 से 1000 सदस्यों का अतिरिक्त बोझ क्लब इन्फ्रास्ट्रक्चर पर आएगा।



कोई बड़ी बात नहीं कि जैसे 100 सदस्य दो साल में ही पूरे कर लिए गए, आगे जाकर 10-10 नए सदस्य दस साल की जगह फिर कुछ ही सालों में पूरे कर लिए जाएं।



पहले से ही करीब 5500 सदस्य

क्लब में पहले ही करीब साढ़े पांच हजार सदस्य मौजूद है। इसके चलते क्लब के इन्फ्रास्ट्रक्चर की हालत खस्ता है। नए सदस्यों में तेजी से हो रही बढ़ोतरी से हालत और खराब हो रही है। ऐसे में क्लब के पुराने औऱ वरिष्ठ सदस्य इससे खुश नहीं है।



इसके पहले करने वाले थे संविधान में बदलाव

इसके पहले क्लब की मैनेजिंग कमेटी ने संविधान बदलने की भी मंशा बनाई थी और इसके लिए क्लब के सदस्यों से चर्चा की थी। क्लब संविधान के तहत बंधन है कि कोई भी पदाधिकारी लगातार दो बार चुनाव जीतने के बाद उसे एक बार का ब्रेक लेना होगा और इसके बाद भी वह अगला चुनाव लड़ सकता है।



सचदेवा-गोरानी की मैनेजिंग कमेटी ने क्लब सदस्यों से इसमें बदलाव का विचार रखा था, ताकि कोई भी सदस्य कितने भी बार लगातार चुनाव लड़ सके। लेकिन वरिष्ठ क्लब सदस्यों ने इसका विरोध किया, इसके बाद ईओजीएम बुलाने का विचार टाल दिया गया।



चुनाव में जैन- पम्मी पैनल मैदान में

चुनाव में जितेंद्र जैन और पम्मी छाबड़ा की पैनल मैदान में हैं। पम्मी छाबड़ा पैनल से चेयरमैन पद के लिए पम्मी छाबड़ा, सचिव के लिए अतुल सेठ, सह सचिव के लिए पंकज कुकरेजा और कोषाध्यक्ष के लिए सतीश मंगलानी है। वहीं कार्यकारिणी के पांच पदों के लिए अमृत देव, सौरभ भंडारी, बाबी थम्मन, कुनाल कासलीवाल और शिख वर्मा है।



जितेंद्र जैन पैनल से-जितेंद्र जैन चेयरमैन पद के लिए है। वहीं सचिव पद के लिए विजय कस्तूरी, सह सचिव के लिए तेजवीर जुनेजा और कोषाध्यक्ष के लिए रुपल पारिख मैदान में हैं।



कार्यकारिणी के लिए वैभव दुआ, गुनीत चड्ढा, राजेश तलवार, भारती बरोडिया और आशुतोष कौशिक मैदान में हैं। यह निर्दलीय वहीं सचिव पद के लिए मुकाबला त्रिकोणीय है इसमें कुलविंदर गिल भी मैदान में उतर गए हैं। वहीं कार्यकारिणी में भी एक निर्दलीय निशांत तिवारी मैदान में हैं।



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