छात्र से रिश्वत लेते दो प्रोफेसर गिरफ्तार, हाजिरी सही करने के बदले मांगे थे पैसे

Ashish Bhardwaj | May 22, 2026, 17:20 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के टोंक में ACB ने बड़ी कार्रवाई की है। ACB ने डॉ. केएन मोदी यूनिवर्सिटी के दो प्रोफेसर डॉ. मीनू गंगल और रमेश चंद मीणा को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है।

News In Short

  • एसीबी ने टोंक में डॉ. मीनू गंगल और रमेश चंद मीणा को 20 हजार रिश्वत लेते किया गिरफ्तार।
  • दोनों प्राध्यापक बीएड छात्रों की अनुपस्थिति सुधारने और प्रवेश पत्र जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत।
  • एसीबी ने ट्रैप के दौरान रिश्वत राशि बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।
  • अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ जारी।

News In Detail

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने शुक्रवार को राजस्थान के टोंक में बड़ी कार्रवाई की। ACB ने डॉ. केएन मोदी विश्वविद्यालय निवाई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मीनू गंगल और असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश चंद मीणा को छात्र से रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।



क्यों मांगी थी रिश्वत

शिकायत में परिवादी ने बताया कि वह बीएड 2024-26 पाठ्यक्रम का छात्र है। दोनों प्राध्यापकों ने उसकी अनुपस्थिति सही करने, मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति देने और प्रवेश पत्र जारी करने के बदले 23 हजार रुपए की रिश्वत मांगी।



ACB ने किया ट्रैप

एसीबी टीम ने गुरुवार को ट्रैप करने की योजना बनाई। डॉ. मीनू गंगल और रमेश चंद मीणा ने परिवादी से 20 हजार रुपए ले लिए। रमेश ने राशि अपनी जेब जैसे ही रखी वैसे ही एसीबी ने मौके पर ही कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।



मामले में हो रही है पूछताछ

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरविजन में आरोपियों से पूछताछ जारी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।



पहले भी हुई थी कार्रवाई

8 मई को टोंक के दत्तवास थाने में तैनात एएसआई (ASI) गणेश नारायण चौधरी को 25 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था। आरोपी ने किसी मामले में राहत और जब्त मोबाइल वापस करने के बदले राशि मांगी थी।



FAQs

टोंक एसीबी रिश्वत मामले में आरोप कौन-कौन हैं?



इस मामले में डॉ. मीनू गंगल, एसोसिएट प्रोफेसर और रमेश चंद मीणा, असिस्टेंट प्रोफेसर को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।



रिश्वत लेने का आरोप क्या था?



दोनों प्राध्यापकों ने परिवादी छात्र से अनुपस्थिति सुधारने, मुख्य परीक्षा में बैठने और प्रवेश पत्र जारी करने के बदले रिश्वत मांगी।



आगे की कार्रवाई क्या होगी?



एसीबी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज है और जांच जारी है।



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