एयरफोर्स विमान हादसे ने छीना राजस्थान का वीर सपूत, घर पर चल रही थी शादी की बात
समझें क्या है पूरा मामला
- असम के जोरहाट में IAF का AN-32 विमान रूटीन उड़ान के दौरान क्रैश हो गया।
- हादसे में भारतीय वायुसेना के 5 जवान शहीद हो गए, जिनमें एक अग्निवीर भी शामिल है।
- राजस्थान के डीडवाना-कुचामन के खेमाराम कुमावत भी इस हादसे में शहीद हुए।
- विमान हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ, जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
- घर में शादी की तैयारियों के बीच शहादत की खबर से गांव में शोक फैल गया।
असम के जोरहाट में शनिवार सुबह करीब 10 बजे IAF (Indian Air Force) का AN-32 विमान क्रैश हो गया। हादसे में वायु सेना के 5 जवान शहीद हुए। इनमें राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव के 25 वर्षीय अग्निवीर खेमाराम कुमावत भी शामिल हैं। खेमाराम का अग्निवीर कार्यकाल जल्द ही खत्म होने वाला था। घर में उनकी शादी की तैयारी चल रही थी।
शनिवार सुबह हुआ हादसा
शनिवार सुबह करीब 10 बजे जोरहाट वायुसेना स्टेशन से एक रूटीन उड़ान के दौरान AN-32 विमान क्रैश हो गया। वायुसेना ने बयान जारी कर हादसे की पुष्टि की। विमान में सवार पांचों जवान शहीद हो गए।
शहीदों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीर वायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीर वायु दानिश आलम के नाम शामिल हैं।
घर में चल रही थी शादी की बात
खेमाराम कुमावत दिसंबर 2022 में अग्निवीर बने थे। उनका कार्यकाल जल्द समाप्त होने वाला था। घर पर परिवार उनकी शादी की तैयारियों में जुटा था।
ममेरे भाई महेश कुमावत ने बताया कि खेमाराम की जल्द ही शादी होने वाली थी। लेकिन इससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया। जो बेटा घर लौटने वाला था, वह शहीद होकर लौटेगा।
किसान परिवार का इकलौता सहारा
खेमाराम के पिता रामदेव कुमावत पांचोता गांव में किसान हैं। माता-पिता दोनों बुजुर्ग हैं। परिवार में दो बड़े भाई और एक छोटी बहन भी हैं।
खेमाराम की असम के जोरहाट में पोस्टिंग थी। खबर मिलते ही परिजन वायुसेना के अधिकारियों से लगातार संपर्क में हैं। पांचोता गांव और आसपास के इलाके में गहरा शोक है।
AN-32 विमान का इतिहास
जो विमान क्रैश हुआ वह सोवियत मूल का AN-32 ट्विन-इंजन परिवहन विमान है। वायुसेना इसे दशकों से उपयोग में ला रही है। यह विमान पहले भी हादसों का शिकार हो चुका है।
जून 2019 में जोरहाट से अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के लिए उड़ान भरने के बाद एक AN-32 लापता हो गया था। मलबा मिला तो सभी 13 जवान शहीद पाए गए।
जुलाई 2016 में चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर जा रहा एक और AN-32 बंगाल की खाड़ी के ऊपर लापता हो गया था। उसमें 29 लोग सवार थे। 2024 में उस विमान के मलबे की पहचान हो सकी।
वायुसेना ने जताया शोक
IAF ने बयान में कहा कि जोरहाट में AN-32 हादसे में वायुसेना ने पांच जवानों को खो दिया। विमान रूटीन उड़ान पर था। हादसे की जांच शुरू हो गई है। वायुसेना मृतकों के परिजनों से संपर्क में है।
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