अजमेर दरगाह में शिव मंदिर का दावा, कोर्ट में याचिका स्वीकार, सुनवाई अगले माह

Purshottam Kumar Joshi | Jan 19, 2026, 17:49 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के अजमेर दरगाह में शिव मंदिर के दावे को लेकर महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने कोर्ट ने याचिका स्वीकार की है। कोर्ट ने 21 फरवरी को अगली सुनवाई तय। इससे पहले हिंदू सेना के विष्णु शर्मा ने भी याचिका दायर कर रखी है।

News In Short

  1. महाराणा प्रताप सेना के राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया है।
  2. अजमेर दरगाह के नीचे 40 साल से बंद शिव मंदिर का दावा कर दायर की एक ओर दूसरी याचिका।
  3. 2022 में राष्ट्रपति को भेजी गई याचिका को कोर्ट में पेश किया गया।
  4. अदालत ने 21 फरवरी को अगली सुनवाई की तारीख तय की है।
  5. इस मामले में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी पहले ही याचिका कर रखी दायर।

News In Detail

महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने अजमेर दरगाह के नीचे शिव मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका दायर की है। इस याचिका में दावा किया गया कि 40 वर्षों से बंद शिव मंदिर को फिर से खोला जाएगा और वहां पूजा की जाएगी। याचिका को स्वीकार कर कोर्ट ने 21 फरवरी को अगली सुनवाई का दिन तय किया। इसके अलावा हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया था। इस मामले में कई प्रमाण जैसे शिवलिंग की तस्वीरें पेश की गई हैं।



अजमेर दरगाह में शिव मंदिर का दावा

राजस्थान के अजमेर दरगाह शरीफ में शिव मंदिर होने का दावा करते हुए महाराणा प्रताप सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजवर्धन सिंह परमार ने याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट के वकील डॉक्टर एपी सिंह द्वारा दाखिल की गई याचिका को सोमवार को कोर्ट ने स्वीकार किया। इस मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजवर्धन सिंह को प्रमुख पक्षकार माना और याचिका को अहम मानते हुए नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 21 फरवरी को होगी।



पहली याचिका और 40 साल पुराना मंदिर

इससे पहले हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने भी अजमेर दरगाह शरीफ में संकट मोचन महादेव मंदिर के होने का दावा करते हुए याचिका दाखिल की थी। राजवर्धन सिंह परमार ने 2022 में राष्ट्रपति के नाम एक याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने दावा किया कि अजमेर दरगाह के नीचे 40 सालों से बंद भगवान शिव का मंदिर है, जो जल्द ही खुलेगा। इसमें लाखों लोगों के हस्ताक्षर और शिवलिंग की तस्वीर सहित कई प्रमाण पेश किए गए थे।



अगली सुनवाई और अदालत के निर्देश

अदालत ने इस मामले में 21 फरवरी को अगली सुनवाई तय की है। राजवर्धन सिंह परमार ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि भगवान शिव का मंदिर जल्द ही खुलेगा और वहां पूजा की जाएगी। इसके अलावा वे अदालत से किसी भी अतिरिक्त प्रमाण की मांग पर पूरा करने का आश्वासन दे रहे हैं।



याचिका में पेश किए गए प्रमाण

  • शिवलिंग की तस्वीर
  • मंदिर का नक्शा
  • रेकी और अन्य सबूत

महाराणा प्रताप सेना का आभार

राजवर्धन सिंह परमार ने बताया कि उन्हें इस मामले में राजस्थान की जनता का पूरा समर्थन मिला है। उन्होंने कहा, "यह याचिका हिंदू समाज की जीत है और हम अदालत के निर्णय का सम्मान करते हैं।" उनके अनुसार, यह उनके लंबे संघर्ष का परिणाम है और अब शिव मंदिर के खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।



न्यायालय ने दरगाह कमेटी समेत तीन पक्षकारों को नोटिस जारी किया

विष्णु गुप्ता द्वारा अजमेर कोर्ट मेंदायर की गई पहली याचिका में दरगाह कमेटी समेत तीन पक्षकारों को नोटिस जारी किया गया था। इस मामले में भी 21 फरवरी को सुनवाई रखी गई है, जिसमें दरगाह कमेटी की ओर से 7/11 एप्लीकेशन दायर की गई है।



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