अजमेर में निर्दलीयों ने बदला गणित, भाजपा का 36 साल का रिकॉर्ड कायम; अनामिका बनीं मेयर

Saurabh Mishra | Sept 21, 2026, 15:33 IST
अनामिका शर्मा
भाजपा की अनामिका शर्मा 43 वोट लेकर अजमेर नगर निगम की नई महापौर बनीं हैं। कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। निर्दलीयों के वोट से भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा पार किया।

समझें क्या है पूरा मामला

  • निर्दलीयों ने पलटा अजमेर मेयर चुनाव का गणित।
  • कम पार्षद फिर भी भाजपा ने जीती मेयर की कुर्सी
  • वार्ड 3 से पार्षद चुनाव जीतीं अनामिका शर्मा बनीं मेयर।
  • अजमेर में कायम रहा भाजपा का पुराना दबदबा
  • भाजपा के 32 और कांग्रेस के 37 पार्षद जीते थे।

अजमेर. राजस्थान के अजमेरनगर निगम चुनाव में कांग्रेस से पिछड़ने के बावजूद भाजपा ने मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया। भाजपा की अनामिका शर्मा 43 वोट लेकर मेयर चुनी गईं। कांग्रेस की किरण गढ़वाल को 37 वोट मिले। अनामिका वार्ड 3 से चुनाव जीती थीं। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार संध्या काबरा को हराया था। उन्होंने पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।



अनामिका के पिता मनीष शर्मा अजमेर जिला क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं और ससुर भाजपा के मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। अजमेर नगर निगम चुनाव में भाजपा के सिर्फ 32 पार्षद जीते थे। कांग्रेस के पास 37 पार्षद थे, लेकिन मेयर चुनाव में 11 निर्दलीयों के वोट ने पूरा गणित बदल दिया। भाजपा का आंकड़ा 43 तक पहुंच गया और अनामिका शर्मा महापौर चुनी गईं।



इसके साथ ही अजमेर नगर निगम में भाजपा ने अपना लंबे समय से चला आ रहा दबदबा कायम रखा। महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों पार्टियां बहुमत का दावा कर रही थीं। आखिर में बाजी भाजपा के हाथ लगी।



अजमेर नगर निगम मेयर चुनाव में निर्दलीयों ने बदला गणित

अजमेर नगर निगम में कुल 80 वार्ड हैं। पार्षद चुनाव में कांग्रेस के 37 और भाजपा के 32 उम्मीदवार जीते थे। 11 सीटों पर निर्दलीयों ने जीत दर्ज की थी। महापौर बनाने के लिए 41 वोट की जरूरत थी। इसलिए दोनों ही दल अपने दम पर मेयर नहीं बना सकते थे।



चुनाव से पहले कांग्रेस ने भी निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिलने का दावा किया था। नतीजे में कांग्रेस को 37 वोट ही मिले। वहीं भाजपा अपने 32 पार्षदों से बढ़कर 43 वोट तक पहुंच गई। इस तरह भाजपा ने बहुमत के 41 के आंकड़े को भी पार कर लिया।



महापौर पद के लिए हुई वोटिंग के दौरान हुआ हंगामा

अजमेर महापौर चुनाव के दौरान नगर निगम के बाहर कई बार माहौल गरमाया। कांग्रेस पार्षद बस से मतदान करने पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग पर बस को जांच के लिए रोक लिया। इसे लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच बहस हुई। कांग्रेस पार्षदों ने विरोध किया। मामला बढ़ने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद बस को नगर निगम परिसर में जाने दिया गया।



कांग्रेस के महापौर प्रत्याशी किरण की कार को लेकर हुआ था विवाद

वोटिंग शुरू होने से पहले भी नगर निगम परिसर के बाहर हंगामा हुआ। कांग्रेस की मेयर प्रत्याशी किरण गढ़वाल के साथ पूर्व देहात कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भी पहुंचे थे। बैरिकेडिंग के अंदर उनके प्रवेश को लेकर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। भाजपा नेताओं ने सवाल उठाया कि भूपेंद्र सिंह को अंदर जाने की अनुमति कैसे दी गई। विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने बीच-बचाव किया और उन्हें परिसर से बाहर कर दिया।



दोनों दलों ने किया था जीत का दावा

मतदान से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों अपना बोर्ड बनने का दावा कर रहे थे। कांग्रेस की पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली ने कहा था कि पार्टी के पास बहुमत के लिए जरूरी संख्या है। वहीं भाजपा विधायक अनिता भदेल ने भाजपा का बोर्ड बनने का दावा किया था। उन्होंने क्रॉस वोटिंग को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा था। नतीजा आया तो भाजपा का दावा सही साबित हुआ। अनामिका शर्मा 43 वोट लेकर मेयर बन गईं।



अजमेर में भाजपा का दबदबा कायम

अजमेर के निकाय की राजनीति में भाजपा लंबे समय से मजबूत रही है। 1990 में तत्कालीन नगर परिषद में भाजपा के रतनलाल यादव सभापति बने थे। इसके बाद 1995 में वीर कुमार, 2000 में अनिता भदेल और 2005 में धर्मेंद्र गहलोत सभापति बने। 2010 में कांग्रेस के कमल बाकोलिया सीधे चुनाव के जरिए मेयर बने थे। हालांकि उस समय बोर्ड में भाजपा का बहुमत था। इसके बाद 2015 में धर्मेंद्र गहलोत मेयर बने।



2021 में भाजपा की ब्रजलता हाड़ा अजमेर नगर निगम की पहली महिला मेयर बनी थीं। अब अनामिका शर्मा ने भाजपा के लिए मेयर की कुर्सी बरकरार रखी है।



अनामिका शर्मा बोलीं- अजमेर की जीत

अजमेर का महापौर चुने जाने के बाद अनामिका शर्मा ने इसे शहर की जनता की जीत बताया। नतीजा आने के बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। रिटर्निंग अधिकारी ने अनामिका शर्मा को जीत का सर्टिफिकेट दिया। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी किरण गढ़वाल भी वहां मौजूद थीं। किरण ने अनामिका को गले लगाकर जीत की बधाई दी।



यह खबरें भी पढ़ें...



निकाय चुनाव: अजमेर में 4 वोट की तलाश, सीकर में बहुमत; फिर कांग्रेस को किस बात का डर?



राजस्थान निकाय चुनाव: अलवर नगर निगम और भोपालगढ़ में भाजपा प्रत्याशी विजयी



अजमेर राजस्व मंडल पहुंचे मुख्य सचिव, बोले- भ्रष्ट अधिकारियों पर हो सख्त कार्रवाई



जोधपुर नगर निगम चुनाव 2026: महापौर प्रत्याशी नामांकन पर 'आपत्ति वॉर'!



Tags:
  • राजस्थान
  • निगम चुनाव
  • अजमेर
  • अजमेर नगर निगम मेयर