भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा नाला, 15 दिन में तीन बार ढहा, मंत्री ने लिखा पत्र
ऐसे समझें पूरा मामला
- अलवर में नाला निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया।
- 15 दिन में ही तीन बार ढह गया नाला, भ्रष्टाचार का आरोप।
- मंत्री संजय शर्मा ने कलेक्टर को पत्र लिखकर एक्शन को कहा।
- मंत्री ने पत्र में नाले के घटिया निर्माण को रोकने को भी कहा।
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान में अलवर का नगर निगम भ्रष्टाचार को लेकर लगातार सुर्खियों में है। शहर के वार्ड नंबर 65 में बन रहा एक मुख्य नाला मात्र 15 दिन तीसरी बार भरभराकर ढह गया। इस मामले में नगर निगम अधिकारियों और ठेकेदारों की सांठगांठ फिर उजगार हो गई है।
घटिया निर्माण को लेकर वन मंत्री संजय शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। क्षेत्रीय विधायक और मंत्री शर्मा ने जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को पत्र लिखकर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल एक्शन उठाने को कहा है।
मंत्री ने कलेक्टर को ये दिए निर्देश
मंत्री संजय शर्मा ने 17 जुलाई 2026 को जिला कलेक्टर आर्तिका शुक्ला को पत्र लिखा है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि नगर निगम द्वारा वार्ड संख्या 65 में कराया जा रहा नाली व नाला निर्माण कार्य घटिया और गुणवत्ताविहीन है।
पत्र में कहा गया है कि अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के कारण निर्माणाधीन नाले की दीवारें तीन बार गिर चुकी हैं। इस लापरवाही की खबरें लगातार मीडिया में आ रही हैं।
मंत्री ने पत्र में जिला कलेक्टर से कहा है कि विकास कार्यों में ऐसी लापरवाही और भ्रष्टाचार कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने निर्देश दिए कि इस घटिया निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाया जाए। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
95 लाख के प्रोजेक्ट में बड़ा घालमेल
अलवर नगर निगम द्वारा वार्ड नंबर 65 में विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 95 लाख रुपए का ठेका जारी किया है। इसी बड़े प्रोजेक्ट के तहत लगभग 19 लाख रुपए की लागत से इस नाले का निर्माण कराया जा रहा था।
ठेकेदार और निगम अधिकारियों की सांठगांट से इस काम में सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रख दिया गया। 15 दिन के भीतर तीन बार नाले का ढहना यह साबित करता है कि निर्माण बेहद घटिया स्तर का है।
स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा
इस घटना के बाद से वार्ड 65 के लोगों में नगर निगम के खिलाफ भारी गुस्सा है। मोहल्ले वासियों का कहना है कि जब नाले की दीवारें बार-बार ढह रही हैं तो भारी बारिश के दौरान यह नाला कैसे टिक पाएगा?
स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि भविष्य में यह कमजोर निर्माण किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है और लोगों के जान-माल के लिए बड़ा खतरा साबित होगा।
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