मदरसे के सेप्टिक टैंक में गिरी 13 छात्राएं, एक की मौत
Ashish Bhardwaj | Jul 18, 2026, 19:21 IST
मदरसे के सेप्टिक टैंक में गिरी 13 छात्राएं
राजस्थान में डीग के मील मदरसे में सेप्टिक टैंक साफ कराने उतरीं 15 छात्राएं हादसे का शिकार हो गई। हादसे में एक छात्रा की मौत हो गई। बाकी का इलाज जारी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- डीग के गोपालगढ़ में मदरसे के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान 15 छात्राएं हादसे की चपेट में आईं।
- जहरीली गैस और मलबे में फंसने से 16 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई।
- हादसे में करीब एक दर्जन छात्राएं घायल हुईं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।
- पुलिस ने मदरसा प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है।
- जांच में सामने आया कि छात्राओं को टैंक सफाई के लिए अंदर उतारा गया था।
राजस्थान के डीग जिले के गोपालगढ़ थाना इलाके में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां मील स्थित एक मदरसे में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान करीब 15 छात्राएं जहरीली गैस और मलबे की चपेट में आ गईं।
इस हादसे में एक 16 वर्षीय छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा करीब एक दर्जन अन्य छात्राएं गंभीर रूप से घायल हुई हैं। घटना शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की बताई जा रही है।
देर रात हुआ हादसे का खुलासा
डीग पुलिस ने मदरसा प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि रात को ही कुछ लोगों के बयान लिए गए हैं और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन में मचा हड़कंप
अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू करवाया। सभी घायल छात्राओं को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।
15 दिन से बंद था सेफ्टी टैंक
इनमें से करीब डेढ़ हजार छात्र बॉयज हॉस्टल में और डेढ़ हजार छात्राएं गर्ल्स हॉस्टल में रहती हैं। एसपी ने बताया कि गर्ल्स हॉस्टल का सेफ्टी टैंक पिछले 15 दिनों से अवरुद्ध पड़ा था।
टैंक की सफाई के लिए किसी बाहरी व्यक्ति को बुलाने के बजाय हॉस्टल की छात्राओं को ही टैंक के अंदर उतार दिया गया। कुछ छात्राएं लकड़ी की सीढ़ी पर खड़ी थीं, जो अचानक टूट गई। इसके बाद वे भी टैंक में जा गिरीं और कुल 15 छात्राएं टैंक में गिर गईं।
मदरसा प्रबंधन की लापरवाही आई सामने
फिलहाल कुछ छात्राओं को अलवर से छुट्टी दे दी गई है। इस मामले में अलवर पुलिस अधीक्षक से भी बातचीत हुई है। प्रारंभिक जांच में मदरसा प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है, जिसके आधार पर गोपालगढ़ थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज किया है।
अस्पताल में चल रहा इलाज
अस्पताल प्रबंधन छात्राओं की स्थिति को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर रहा है। स्टाफ के मुताबिक आधी से ज्यादा छात्राओं को छुट्टी मिल चुकी है, लेकिन सभी का इलाज अभी इसी अस्पताल में चल रहा है।
परिजनों को नहीं थी हादसे की जानकारी
उन्होंने बताया कि उन्हें इस हादसे की जानकारी सोशल मीडिया और पुलिस के जरिए मिली, जबकि मदरसा प्रबंधन की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई।
अस्पताल में भर्ती एक छात्रा ने बताया कि टैंक को पहले खाली करवाया गया था, लेकिन उसमें कुछ कपड़े और गंदगी बची हुई थी। इसे हटाने के लिए वे टैंक में उतरी थीं, तभी पैर फिसलने से हादसा हो गया। बचाव के दौरान और भी छात्राएं टैंक में गिरती चली गईं, जिससे दबकर एक छात्रा की मौत हो गई।
हॉस्टल की सुविधाओं पर भी उठे सवाल
उन्होंने यह भी बताया कि हॉस्टल में रहने की अच्छी सुविधा नहीं दी जाती। गर्मी में कूलर तक उपलब्ध नहीं कराया जाता, जबकि हर छात्रा से सालाना 12 हजार रुपए फीस ली जाती है, जिसमें खाने का खर्च भी शामिल है।
एक अन्य अभिभावक ने बताया कि उन्हें भी सोशल मीडिया के जरिए ही घटना की जानकारी मिली। मदरसा प्रबंधन की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई थी।
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