सास को खिचड़ी में जहर दे फरार हुई लुटेरी दुल्हन, पीड़ित पति ने कराया मामला दर्ज
News In Short
- अलवर में लुटेरी दुल्हन ने घर से चुराए लाखों के जेवरात और 30 हजार रुपये
- आरोपी दुल्हन ने सास को विषाक्त पदार्थ मिलाकर खिचड़ी खिलाई।
- आरोपी पहले से है दो बच्चों की मां, झांसा देकर की थी शादी।
- आरोपी पहले भी कई युवकों को बना चुकी है अपना शिकार ।
- पीड़ित पति ने पुलिस में कराई शिकायत दर्ज, लेकिन नहीं हुई कोई कार्रवाई।
News In Detail
सुनील जैन@अलवर
राजस्थान के अलवर जिले में एक लुटेरी दुल्हन का मामला सामने आया है। महिला ने शादी के एक माह बाद ही अपनी सास को खिचड़ी में जहर देकर लाखों के जेवरात व 30 हजार रुपए लेकर फरार हो गई।
मामला कैसे आया सामने?
पीड़ित पति विक्रमजीत ने बताया कि उसकी मुलाकात पिंकी कौर के जरिए पिंकी की भांजी रेखा कौर से हुई थी। पिंकी ने विक्रमजीत को बताया कि वह शादियां करवाती है और विक्रमजीत की शादी रेखा से करवा देगी। मौसी पिंकी ने बताया कि रेखा की पहले भी शादी हो चुकी है और तलाक भी हो चुका है। विश्वास में आकर विक्रमजीत ने 9 मई 2025 को रेखा के साथ कोर्ट में लिव-इन रिलेशनशिप का एग्रीमेंट किया और 26 मई 2025 को गुरुद्वारे में शादी कर ली। विक्रमजीत ने इस शादी में 5 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए थे।
शादी के बाद बदला रेखा का व्यवहार
शादी के कुछ दिनों बाद रेखा का व्यवहार बदल गया और वह विक्रमजीत से झगड़ा करने लगी। 23 जून 2025 को रेखा ने विक्रमजीत की बीमार मां को खिचड़ी में विषाक्त पदार्थ मिलाकर खिला दिया। इससे विक्रमजीत की मां की तबीयत खराब हो गई। बीमार मां को हॉस्पिटल में एडमिट कराना पड़ा। रेखा ने इसी मौके का फायदा उठाया और घर में रखे लाखों के जेवरात व 30 हजार रुपये नकदी लेकर फरार हो गई। रेखा के फरार होने के बाद विक्रमजीत को पता चला कि रेखा का पहले पति गुरदीप से तलाक नहीं हुआ था और उनकी शादी तथा चोरी का पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश था।
पहले भी कर चुकी है शिकार
पिंकी कौर और रेखा कौर, जो कि हरियाणा के सिरसा और कैथल की रहने वाली हैं। युवकों को अपने झांसे में फंसाकर शादी करने के बाद उन्हें धोखा देती थीं। रेखा ने विक्रमजीत से शादी के कुछ ही दिन बाद उसे और उसके परिवार को धोखा दिया और लाखों के जेवरात और पैसे चुराए। इसके अलावा, विक्रमजीत ने यह भी बताया कि रेखा ने पहले भी कई अन्य युवकों को इसी तरह ठगा था।
पुलिस में कराया था मामला दर्ज
पीड़ित विक्रमजीत ने 14 जुलाई 2025 को अरावली विहार पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र भेजा, फिर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। जनवरी 2026 में, आरोपियों ने विक्रमजीत से तीन लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। विक्रमजीत ने मजबूर होकर कोर्ट में परिवाद पेश किया।
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