परिवारवाद और रंजिश का मंच बना अलवर निगम चुनाव, जानिए किन दिग्गजों के दांव पर लगी साख

Jageshwar prasad | Aug 25, 2026, 14:50 IST
65 में से 15 वार्डों पर घमासान, दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों की लाइन से आलाकमान की बढ़ी सिरदर्दी
अलवर नगर निगम चुनाव को लेकर टिकट की दावेदारी चरम पर है। इसमें कई बड़े घटनाक्रम सामने आ रहे हैं जैसे 6 साल पहले हुए बहुचर्चित थप्पड़कांड से जुड़े एक्सईएन कुमार संभव अवस्थी की पत्नी और पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता का आमने-सामने होना।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अलवर नगर निगम चुनाव, रिश्तों और रंजिश के बीच छिड़ी टिकट की जंग।
  • 6 साल पुराने थप्पड़कांड की गूंज, XEN की पत्नी और पूर्व चेयरमैन आ सकती हैं आमने-सामने।
  • वर्तमान मेयर घनश्याम गुर्जर ने पुत्रवधू के लिए ठोकी दावेदारी।
  • वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के साढ़ू राजीव शर्मा ने वार्ड 23 से मांगा बीजेपी का टिकट।
  • दिग्गज नेताओं के रिश्तेदारों की लाइन से आलाकमान की बढ़ी सिरदर्दी।

राजस्थान के अलवर नगर निगम चुनाव की बिसात बिछते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस बार का चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों का नहीं, बल्कि पुरानी रंजिशों और नए राजनीतिक रिश्तों के दांव-पेच का मैदान बनता दिख रहा है।



65 वार्डों वाले अलवर नगर निगम के करीब 15 वार्डों में टिकट पाना प्रत्याशियों के लिए आसान नहीं दिख रहा है, जहां दिग्गजों और उनके रिश्तेदारों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।



6 साल पुराने थप्पड़कांड की गूंज

अलवर नगर निगम में 6 साल पहले हुआ थप्पड़कांड एक बार फिर चर्चा में है। तत्कालीन कार्यवाहक आयुक्त (वर्तमान एक्सईएन) कुमार संभव अवस्थी और पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता के बीच हुआ यह हाई-प्रोफाइल विवाद कोतवाली थाने तक पहुंचा था।



अब इस विवाद के सालों बाद XEN अवस्थी की पत्नी सुशीला शर्मा ने बीजेपी से पार्षद पद का टिकट पाने के लिए बायोडाटा सौंपा है। वहीं दूसरी ओर, साल 2021 में रिश्वत मामले में जेल जा चुकीं और फिलहाल जमानत पर चल रहीं पूर्व चेयरमैन बीना गुप्ता ने कांग्रेस से फिर से दावेदारी ठोकी है।



यदि दोनों प्रमुख दलों से इन्हें टिकट मिलता है, तो यह मुकाबला चुनाव से ज्यादा व्यक्तिगत साख और पुरानी रंजिश का केंद्र बन जाएगा।



पुत्रवधू के लिए मेयर साहब की किलेबंदी

बीना गुप्ता के भ्रष्टाचार मामले में बर्खास्त होने के बाद उप सभापति से सभापति और फिर नगर निगम बनने पर पहले मेयर बने घनश्याम गुर्जर अब अपनी अगली पीढ़ी को राजनीति में स्थापित करने में लगे हैं।



चूंकि इस बार अलवर में मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित है, इसलिए वर्तमान मेयर घनश्याम गुर्जर ने अपने बेटे एडवोकेट जितेंद्र (जीतू) की पत्नी (अपनी पुत्रवधू) को मैदान में उतारने के लिए पार्टी से टिकट की मांग की है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी आलाकमान परिवारवाद के इस दांव को मंजूरी देता है या नहीं।



वन मंत्री संजय शर्मा के साढ़ू ने भी जताया हक

सत्ता के गलियारों में पकड़ का लाभ उठाने के लिए दावेदारों की होड़ लगी है। अलवर के वार्ड नंबर 23 से राजस्थान के वन राज्य मंत्री संजय शर्मा के साढ़ू राजीव शर्मा ने बीजेपी से पार्षद के टिकट के लिए आवेदन किया है।



मनुमार्ग निवासी राजीव शर्मा पूर्व में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे और वर्तमान में व्यवसायी हैं। मंत्री का नजदीकी होने के कारण वार्ड में उनकी दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है, हालांकि अन्य स्थानीय दावेदार भी कड़ी चुनौती दे रहे हैं।



आलाकमान के लिए सिरदर्दी बने कई वार्ड

अलवर नगर निगम के कई वार्डों में बड़े नेताओं के परिजनों और समर्थकों द्वारा दावेदारी ठोकने से दोनों प्रमुख पार्टियों (बीजेपी और कांग्रेस) के आलाकमान की चिंता बढ़ गई है। टिकट बंटवारे को लेकर जारी खींचतान ने चुनाव को बेहद रोचक बना दिया है।



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