जयपुर में हाथियों का फैशन शो, 62 लाख के आभूषणों में सजा बाबू हाथी
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर में 62 लाख के जेवर पहनकर हाथी ने किया रैंप वॉक।
- विश्व हाथी दिवस पर हाथी गांव में धूम, 21 हाथियों का फैशन शो।
- हाथियों ने पहने राजपरिवार से मिले चांदी के आभूषण।
- सूंड से काटा केक, खाया फलों का बुफे, पर्यटकों ने देखा नजारा।
- बुरी नजर से बचाने के लिए दांतों पर बांधा गया काला धागा।
जयपुर के हाथी गांव में बुधवार को विश्व हाथी दिवस पर एक अनोखा और भव्य फैशन शो आयोजित किया गया। 21 हाथियों ने 50 मीटर लंबे रेड कारपेट पर पारंपरिक शाही अंदाज में रैंप वॉक की।
शो का सबसे बड़ा आकर्षण बाबू हाथी रहा जिसे जयपुर राजपरिवार के 62 लाख रुपए मूल्य की चांदी की पारंपरिक ज्वेलरी से सजाया गया था।
तिरंगे झंडे के साथ रैंप वॉक, सूंड से केक काटना और फलों की दावत इस उत्सव के मुख्य आकर्षण बने। देश-विदेश के पर्यटकों के साथ कई देशों के राजदूत भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
62 लाख के गहने, रॉयल वेडिंग का सफर
बाबू हाथी इस फैशन शो का केंद्र था। उसे श्री, कंठा और पायजेब समेत 62 लाख रुपए मूल्य की पारंपरिक चांदी की ज्वेलरी से सजाया गया था। ये बेशकीमती आभूषण जयपुर राजपरिवार ने हाथी के मालिक शाहिद खान के परिवार को उपहार स्वरूप दिए थे।
बाबू हाथी गांव का एकमात्र नर हाथी है। यही बाबू नवंबर 2025 में उदयपुर में अमेरिकी अरबपति बिजनेसमैन रामा राजू मंटेना की बेटी नेत्रा मंटेना और वामसी गडिराजू की रॉयल वेडिंग में भी गया था जिसमें ट्रंप के बेटे भी शामिल थे।
चंदा, पुष्पा और हेमा ने भी बिखेरा जलवा
बाबू के साथ चंदा, पुष्पा और हेमा जैसी हथिनियों ने भी रेड कारपेट पर शाही अंदाज में वॉक की। सभी हाथियों को पारंपरिक रंगों, फूलों और आकर्षक आभूषणों से सजाया गया था। महावत भी पारंपरिक राजस्थानी परिधानों में सज-धजकर हाथियों के साथ चले।
तिरंगे के साथ रैंप वॉक, देशभक्ति का रंग
स्वतंत्रता दिवस के नजदीक होने की वजह से इस कार्यक्रम में देशभक्ति का रंग भी दिखा। हाथियों को तिरंगे झंडे के साथ रैंप वॉक कराई गई जिसे देखकर दर्शकों में उत्साह का माहौल बन गया।
सूंड से केक, फलों की दावत
फैशन शो के दौरान हाथियों के लिए फ्रूट बुफे यानी केले, तरबूज और अन्य ताजे फलों की विशेष दावत लगाई गई। कार्यक्रम में केक कटिंग भी हुई जब हाथियों ने अपनी सूंड से केक काटा तो दर्शकों ने तालियां बजाकर उत्साह जताया।
विदेशी राजदूत और पर्यटक भी हुए शामिल
इस कार्यक्रम में सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम, सूरीनाम की उप राजदूत साची सोएखो, आर्मेनिया के उप राजदूत मराट मैलाकियन, सोमालिया के राजनयिक अब्दिरिसाक सेइद नूर एवं अब्दुल अजीज और राजस्थान सरकार के अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र नायक विशेष अतिथि रहे।
2015 में 100 थे, अब केवल 76 हाथी
हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान ने बताया कि जश्न के बीच एक चिंता की बात भी है। साल 2015 में हाथी गांव में 100 से अधिक हाथी थे लेकिन अब केवल 76 बचे हैं।
हाथी गांव के हाथी केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र नहीं हैं बल्कि जयपुर आने वाले विदेशी मेहमानों के स्वागत में भी इनकी शाही भूमिका रही है।
बुरी नजर से बचाने की परंपरा भी
महावतों ने इस मौके पर हाथियों के दांतों पर काला धागा भी बांधा। परंपरा के अनुसार यह धागा हाथियों को बुरी नजर से बचाने और नकारात्मक ऊर्जा दूर रखने के लिए बांधा जाता है।
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