कौन हैं अमृत लाल मीणा, जिन्हें NTA टास्क फोर्स में मिली जगह
समझें क्या है पूरा मामला
- पीएम मोदी ने परीक्षा सुधार टास्क फोर्स में अमृत लाल मीणा को किया शामिल।
- नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय टीम में शामिल, NTA सुधारों की कमान।
- परीक्षा को लीक-प्रूफ बनाने की रहेगी जिम्मेदारी, ISRO पूर्व अध्यक्ष भी शामिल।
- करौली के डाबरा गांव के किसान बेटे अमृत लाल मीणा बिहार के मुख्य सचिव रहे।
- 35 साल का बेदाग करियर, PM गतिशक्ति मास्टर प्लान में रही अहम भूमिका।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को लीक-प्रूफ बनाने के लिए 6 सदस्यीय उच्चस्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें नंदन नीलेकणी (इंफोसिस सह-संस्थापक) को अध्यक्ष बनाया गया है।
राजस्थान के करौली जिले के मूल निवासी पूर्व IAS अधिकारी अमृत लाल मीणा को इस टीम में शामिल किया गया है। वे 1989 बैच के IAS हैं और बिहार के पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं।
इसके अलावा, ISRO के पूर्व अध्यक्ष, IB के पूर्व निदेशक और IIT मद्रास के निदेशक भी इस टीम में शामिल हैं।
कौन हैं अमृत लाल मीणा?
अमृत लाल मीणा का जन्म राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा उपखंड के डाबरा गांव में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने जयपुर के MNIT (मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में B.E. की डिग्री हासिल की। इसके बाद वे 1989 बैच के IAS अधिकारी बने और उन्हें बिहार कैडर आवंटित हुआ।
35 साल का बेदाग करियर
अमृत लाल मीणा के पास 35 वर्षों का समृद्ध प्रशासनिक अनुभव है। उन्होंने 1995 से 2004 के बीच सिवान, नालंदा, भोजपुर, गया और मुजफ्फरपुर जैसे नक्सल प्रभावित जिलों में 9 सालों तक जिलाधिकारी के रूप में कानून-व्यवस्था संभाली।
वे केंद्र सरकार में कोयला सचिव और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) रहे। इसके बाद उन्होंने बिहार के मुख्य सचिव के रूप में राज्य की नौकरशाही के सर्वोच्च पद की जिम्मेदारी संभाली।
उन्होंने पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति को जमीनी धरातल पर उतारने में केंद्रीय भूमिका निभाई। कोयला सचिव के रूप में उनके कार्यकाल में कोयला उत्पादन में ऐतिहासिक दोहरे अंकों की वृद्धि दर्ज की गई।
टास्क फोर्स के अन्य सदस्य
इस 6-सदस्यीय पैनल में नंदन नीलेकणी (अध्यक्ष), ISRO के पूर्व अध्यक्ष एस सोमनाथ, IB के पूर्व निदेशक तपन डेका, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि, पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव अनिता करवल और अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
क्या होंगे बदलाव
यह टास्क फोर्स NTA के पूरे ढांचे को नया रूप देगी। इसमें लीक-प्रूफ डिजिटल और फिजिकल सुरक्षा, पेपर छपने से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की पूरी चेन को ट्रैक करने के लिए अमृत लाल मीणा के लॉजिस्टिक्स अनुभव का उपयोग किया जाएगा।
साथ ही, केंद्र सरकार संसद में एंटी-पेपर लीक बिल भी ला रही है, जिसमें अपराधियों पर भारी जुर्माना और तुरंत सजा का प्रावधान होगा।
FAQ
- अमृत लाल मीणा को किस टास्क फोर्स में शामिल किया गया है?
उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गठित NTA (National Testing Agency) सुधार टास्क फोर्स में शामिल किया गया है, जिसका उद्देश्य NEET, JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को लीक-प्रूफ बनाना है। इस टीम के अध्यक्ष नंदन नीलेकणी हैं। - अमृत लाल मीणा का प्रशासनिक करियर कैसा रहा है?
वे 1989 बैच के IAS अधिकारी हैं और बिहार के पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। उन्होंने कोयला सचिव, वाणिज्य मंत्रालय में विशेष सचिव (लॉजिस्टिक्स) और पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान में अहम भूमिका निभाई है। उनके पास 35 वर्षों का बेदाग प्रशासनिक अनुभव है। - NTA सुधार टास्क फोर्स में और कौन-कौन सदस्य हैं?
इस टीम में नंदन नीलेकणी (अध्यक्ष), ISRO के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, IB के पूर्व निदेशक तपान डेका, IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामकोटि, पूर्व शिक्षा सचिव अनिता करवल और अमृत लाल मीणा शामिल हैं।
ये भी पढ़ें:-
क्या मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास को मिलेगा सेवा विस्तार या नए चेहरे पर लगेगा दांव?
पॉवर कपल को मिला साथ रहने का तोहफा, IAS मुद्रा रहेजा का अब राजस्थान ट्रांसफर
माइक्रोसॉफ्ट की नौकरी छोड़ आईएएस बने माधव भारद्वाज, पिता थे LBSNAA में कर्मचारी
कभी कलेक्टर की गाड़ी के पीछे दौड़ते थे, आज हैं मुख्यमंत्री के सचिव