आसाराम की अपील पर हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी, उम्रकैद को चुनौती देने वाली याचिका पर फैसला सुरक्षित
News In Short
- साल 2013 में दर्ज एफआईआर पर हुई थी गिरफ्तारी।
- जोधपुर स्थित आश्रम में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप।
- साल 2018 में पोक्सो कोर्ट ने दी थी उम्र कैद की सजा।
- फिलहाल आसाराम 30 अप्रेल तक स्वास्थ्य कारणों से है जमानत पर।
News In Detail
नाबालिग से रेप के मामले में उम्र कैद की सजा भुगत रहे आसाराम की सजा के खिलाफ अपील पर राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर में सुनवाई पूरी हो गई है। कोर्ट ने सभी पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। वर्ष 2018 में जोधपुर की पॉक्सो कोर्ट ने उन्हें नाबालिग से बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा दी थी।
हाई कोर्ट की प्रिसिंपल सीट जोधपुर में जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने 20 अप्रैल को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। आसाराम और अन्य सह-आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई उम्रकैद की सजा को चुनौती देते हुए यह अपील दायर की थी।
अपीलों पर पिछले कुछ दिनों से लगातार सुनवाई जारी थी। 17 अप्रैल को आसाराम के वकीलों ने अपनी अंतिम बहस पूरी की थी। 20 अप्रैल को पीड़िता के वकील पीसी सोलंकी और सरकारी वकील ने अपनी दलीलें पेश की।
यह है पूरा मामला
साल 2013 में आसाराम पर उनके जोधपुर स्थित मणाई आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद 25 अप्रैल 2018 को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आसाराम को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक उम्रकैद की सजा से दंडित किया था। सह-आरोपी शिवा और शिल्पी को भी 20-20 साल की कैद की सजा दी थी। दो अन्य आरोपी शरद और प्रकाश को कोर्ट ने बरी कर दिया था।
मेडिकल जमानत पर राहत नहीं
आसाराम के वकील ने अपील के साथ-साथ आसाराम की ओर से स्वास्थ्य के आधार पर दी गई जमानत की अवधि बढ़ाने की भी अर्जी लगाई थी। 15 अप्रैल को आसाराम के वकीलों ने कोर्ट से इस पर जल्द सुनवाई का आग्रह करते हुए कहा था कि वर्तमान बेल का समय जल्द ही समाप्त होने वाला है। आसराम की स्वास्थ्य के आधार पर जमानत 30 अप्रैल को समाप्त हो रही है। उसे 30 अप्रैल तक जेल में हाजिर होना है।
16 अप्रैल को हाई कोर्ट ने जमानत अवधि बढ़ाने की अर्जी पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत अर्जी पर रजिस्ट्री द्वारा निर्धारित तारीख पर ही सुनवाई होगी। अब हाईकोर्ट के फैसले से तय होगा कि ट्रायल कोर्ट का आसाराम को दोषी मानकर उम्र कैद की सजा देना सही था या नहीं।
आसाराम केस में अब तक क्या-क्या
अगस्त 2013: जोधपुर आश्रम में नाबालिग से दुष्कर्म, फिर गिरफ्तारी।
25 अप्रैल 2018: जोधपुर पॉक्सो कोर्ट ने ताउम्र कारावास की सजा सुनाई।
जनवरी 2025: सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर पहली अंतरिम मेडिकल जमानत मिली।
27 अगस्त 2025: राजस्थान हाई कोर्ट ने जमानत विस्तार अर्जी खारिज की।
29 अक्टूबर 2025: राजस्थान हाई कोर्ट ने 6 महीने की मेडिकल जमानत मंजूर की।
6 नवंबर 2025: गुजरात हाई कोर्ट ने भी 6 महीने की अंतरिम जमानत दी।
8 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द करने की याचिका खारिज की हाईकोर्ट को तीन महीने में अपील निपटाने का निर्देश दिया।
15 अप्रैल 2026: मेडिकल ग्राउंड पर जमानत आगे बढ़ाने की अर्जी दायर की।
16 अप्रैल 2026: कोर्ट ने जल्दी सुनवाई से इनकार किया।
17 अप्रैल 2026: सजा स्थगन से जुड़ी अपील पर आसाराम पक्ष की बहस पूरी की।
20 अप्रैल 2026: पीड़िता पक्ष की बहस पूरी, अब फैसला सुरक्षित रखा।
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