मामा का आरोप- आयुषी ने पहले पिता को मारा, फिर चुराई ज्वेलरी से दी मां की सुपारी

Jageshwar prasad | Jul 12, 2026, 12:15 IST
चचेरे भाई के प्यार में भांजी ने करवाई मां की हत्या, पहले पिता को भी मारा
राजस्थान में जयपुर के नीरज शर्मा हत्याकांड में मामा राकेश शर्मा का दावा, चचेरे भाई बलराम ने आयुषी को प्रेमजाल में फंसाकर मां-पिता दोनों की हत्या करवाई।

समझें क्या है पूरा मामला

  • मामा का दावा, चचेरे भाई के प्यार में फंसी थी भांजी आयुषी।
  • घर से चुराई ज्वेलरी से दी गई थी मां की हत्या की सुपारी।
  • 7 लाख बदमाशों को दिए, मां को स्कॉर्पियो से कुचलवाया।
  • पहले पिता को मारा और मां को जूस में जहर देने की कोशिश की।
  • निचली कोर्ट ने भी आयुषी की जमानत याचिका खारिज दी है।

जयपुर के नीरज शर्मा हत्याकांड में एक नया मोड़ सामने आया है। नीरज शर्मा के भाई राकेश शर्मा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि चचेरे भाई बलराम ने आयुषी को अपने प्रेमजाल में फंसाया था।



आरोप है कि इसी साजिश के तहत पहले पिता और फिर मां की हत्या करवाई गई। शहर की निचली अदालत ने भी फिलहाल आयुषी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।



पहले जानिए मूल मामला

प्रतापनगर थाना इलाके की रविंद्र नगर निवासी नीरज शर्मा की 3 जुलाई को हत्या हुई थी। वे बेटे को कोचिंग छोड़कर लौट रही थीं। उसी दौरान एक स्कॉर्पियो ने उन्हें कुचल दिया था। शुरुआत में इसे हिट एंड रन हादसा माना गया था।



पुलिस जांच में सामने आया कि बेटी ने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर योजना बनाई थी। आरोप है कि 7 लाख रुपए की सुपारी देकर मां को स्कॉर्पियो से कुचलवाया गया। पुलिस अब तक इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।



हादसे की आड़ में हत्या का खुलासा

पुलिस को शुरू में यह हिट एंड रन का मामला लगा था। लेकिन घटनास्थल के तकनीकी साक्ष्यों ने शक पैदा किया। सीसीटीवी (Closed Circuit Television) फुटेज की टाइमिंग और चोटों के पैटर्न ने भी सवाल खड़े किए। डीसीपी पूर्व रंजीता शर्मा के निर्देश पर स्पेशल टीम बनाई गई।



टीम ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, यानी सीडीआर (CDR – Call Detail Record) की गहन जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि बेटी को मां की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति की उम्मीद थी। इसी महत्वाकांक्षा में हत्या की सुपारी दी गई।



मामा के चार बड़े आरोप

राकेश शर्मा ने कुल चार गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका पहला आरोप है कि नीरज शर्मा ने 1 मार्च 2026 को सांगानेर थाने में शिकायत दी थी। इसमें घर पर कब्जे की कोशिश और ज्वेलरी-कैश चोरी होने की बात कही गई थी। पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की।



राकेश शर्मा का दावा है कि उसी चोरी की ज्वेलरी और कैश का इस्तेमाल बाद में हत्या की सुपारी देने में हुआ। उनका कहना है कि समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती तो बहन की जान बच सकती थी। यह आरोप अभी जांच का विषय है।



पिता की मौत पर भी शक

दूसरा आरोप विजय शर्मा की मौत को लेकर है। विजय राजस्थान हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर रहे थे और ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। मामा का दावा है कि इलाज के दौरान वे लगातार ठीक हो रहे थे। आयुषी और बलराम उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी दिलाकर ले गए थे।



राकेश शर्मा के अनुसार करीब तीन महीने तक परिवार को विजय से मिलने नहीं दिया गया। पूछने पर बताया जाता था कि वे आईसीयू में भर्ती हैं। कुछ समय बाद उन्हें घर लाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। मामा का आरोप है कि यह संदिग्ध मौत थी।



विजय शर्मा और नीरज शर्मा की शादी की फाइल फोटो। विजय शर्मा हाईकोर्ट में कोर्ट मास्टर थे।

संपत्ति के लिए रची साजिश

तीसरा आरोप संपत्ति हड़पने की साजिश से जुड़ा है। मामा के अनुसार बलराम पढ़ाई में कमजोर और बेरोजगार था। विजय शर्मा ने ही उसे एलएलबी की पढ़ाई करवाई थी। इसी दौरान साथ रहने पर बलराम ने प्रॉपर्टी हड़पने की योजना बनाई।



राकेश शर्मा का दावा है कि आयुषी को मोहरा बनाकर प्रेमजाल में फंसाया गया। साल 2025 के आखिर तक आयुषी पूरी तरह बलराम के वश में आ चुकी थी। इसके बाद वह घर पर अक्सर झगड़ा करने लगी थी।



जहर देने का भी आरोप

चौथा और सबसे गंभीर आरोप जहर देने से जुड़ा है। मामा का दावा है कि पिछले एक साल से बलराम और आयुषी लिव-इन में रह रहे थे। संपत्ति के लालच में पहले जूस में जहर देकर विजय को मारने की कोशिश हुई थी।



राकेश शर्मा के अनुसार बलराम को उम्मीद थी कि पिता की मौत के बाद आयुषी को अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी। लेकिन मां नीरज ने खुद नौकरी जॉइन कर ली थी। इसी वजह से आगे मां की हत्या की योजना बनी।



जमानत याचिका खारिज

शहर की निचली अदालत ने भी आयुषी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी पर हत्या जैसे गंभीर अपराध के आरोप हैं। मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए इस स्तर पर जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।



आयुषी की ओर से कोर्ट में राहत की मांग की गई थी। लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आवेदन खारिज कर दिया। पुलिस जांच अब भी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं।



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