पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाई कोर्ट से झटका, कोर्ट ने नहीं दी जमानत

Mukesh Sharma | Jun 30, 2026, 23:06 IST
पूर्व विधायक बलजीत यादव को हाईकोर्ट से जमानत नहीं
विधायक निधि से स्कूलों के खेल सामान खरीद में 3.72 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाई कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अलवर के 32 सरकारी स्कूलों के लिए 3 गुना महंगी और घटिया क्वालिटी की खेल सामग्री खरीदकर हुआ 3.72 करोड़ का हेरफेर।
  • फर्जीवाड़ा,टेंडर मिलने के बाद बनीं कंपनियां, फर्जी GST नंबरों से रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर हुआ सरकारी पैसा।
  • बच्चों के खेलकूद के सामान की खरीद में 3 गुना ज्यादा कीमत दिखाकर किया गया 3.72 करोड़ का हेरफेर।
  • कमाई का ठिकाना, ED का बड़ा दावा, गबन के 2.78 करोड़ रुपयों से खरीदी बेनामी संपत्तियां और चुनाव में किया खर्चा।

पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाई कोर्ट से झटका लगा है। जस्टिस रवि चिरानिया की अदालत ने पूर्व विधायक को जमानत देने से इंकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने 25 जून को दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।



बलजीत यादव को ईडी ने विधायक निधि (MLA Fund) से 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के दुरुपयोग और गबन के आरोप में तीन फरवरी को गिरफ्तार किया था।



ईडी मामलों की विशेष अदालत ने 25 अप्रेल को बलजीत यादव की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद पूर्व विधायक की ओर से हाई कोर्ट में जमानत याचिका दायर की गई थी।



ईडी ने कहा-गबन की राशि से संपत्तियां खरीदी

बहस के दौरान ईडी ने कहा कि इस मामले में एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज करके मामले की जांच शुरू की।



जांच में पता चला कि जिन फर्मों को काम के ठेके दिए गए वो वर्क ऑर्डर मिलने के बाद बनाई गई अथवा उनके जीएसटी पंजीकरण फर्जी थे।



इन फर्मों के जरिए धनराशि यादव के सहयोगियों और रिश्तेदारों तक पहुंचाई गई। ईडी ने कहा कि बलजीत यादव ने गबन के 2.78 करोड़ रुपए से संपत्तियों की खरीद और राजनीतिक खर्चा किया।



यह था घोटाला

2021 में बलजीत यादव ने विधायक रहते हुए अलवर के 32 सरकारी स्कूलों में क्रिकेट बैट, बैडमिंटन किट और अन्य सामग्री खरीदी में भूमिका निभाई थी।



आरोप है कि सामान ढाई-तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा। सामग्री घटिया क्वालिटी की थी। 3.72 करोड़ की हेराफेरी में यादव की भूमिका थी।



इस केस में बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्रा. लिमिटेड, सूर्या इंटरप्राइजेज, राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज, शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज के संचालक व शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं।



पेपर लीक व बेरोजगारी के विरोध में लगाई थी सेंट्रल पार्क में दौड़

बहरोड़ से निर्दलीय विधायक बने बलजीत यादव ने 2022 और 2023 में पेपर लीक और सीकर की एक यूनिवर्सिटी की फर्जी रिपोर्ट देने के मामले का विरोध किया था।



विरोध में बलजीत यादव ने सेंट्रल पार्क में सुबह से रात तक 100-125 किलोमीटर की दौड़ लगाई थी। इस दौरान वह बेरोजगार युवाओं की तकलीफ को लेकर फेसबुक लाईव करते हुए रो पड़े थे।



तत्कालीन मंत्री महेश जोशी व भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने सेंट्रल पार्क पहुंचकर उन्हें दौड़ने से रोकने की कोशिश की थी। लेकिन वह नहीं माने थे और उन्होंने दौड़ लगाई थी।



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