विधायक हरीश चौधरी बने रिपोर्टर, दिखाई अस्पताल की हकीकत
समझें क्या है पूरा मामला
- बायतु में 11 करोड़ का अस्पताल तैयार, फिर भी बंद पड़ा
- हरीश चौधरी ने वीडियो बनाकर दिखाई अस्पताल की हकीकत
- अस्पताल शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
- करोड़ों की इमारत पर ताले, मरीज परेशान
- कांग्रेस विधायक ने सरकार पर लगाए लापरवाही के आरोप
बाड़मेर के बायतु में 11 करोड़ की लागत से उप-जिला अस्पताल बनकर तैयार है। लेकिन प्रशासनिक ढिलाई के कारण इसे अब तक शुरू नहीं किया गया। कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने खुद वीडियो बनाकर इसकी हकीकत दिखाई। उन्होंने सरकार पर राजनीतिक श्रेय की होड़ में जनता को परेशान करने का आरोप लगाया। अब उन्होंने अस्पताल जल्द शुरू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विधायक ने खुद बताई अस्पताल की हकीकत
बायतु से कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने एक अनोखा तरीका अपनाया। उन्होंने खुद ग्राउंड रिपोर्टर की तरह वीडियो बनाकर अस्पताल की स्थिति दिखाई। इस वीडियो में साफ नजर आया कि इमारत पूरी तरह तैयार है। फिर भी इस पर ताले लगे हुए हैं।
चौधरी ने कहा कि यह राजस्थान के स्वास्थ्य तंत्र की बदहाली का बड़ा उदाहरण है। उनका कहना था कि सरकार और प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
करोड़ों की संपत्ति बेकार पड़ी
बायतु और आसपास के गांवों के लिए यह अस्पताल बेहद जरूरी माना जा रहा था। इमारत बनकर तैयार है और जरूरी संसाधन भी मौजूद हैं। इसके बावजूद अस्पताल पर ताले लगे हुए हैं।
इससे करोड़ों रुपए की सरकारी संपत्ति धूल खा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी सुविधा होने के बाद भी वे इसका फायदा नहीं उठा पा रहे।
मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
विधायक ने बताया कि क्षेत्र के गरीब और किसान परिवारों को छोटी बीमारियों के लिए भी दूर जाना पड़ रहा है। मरीजों को बाड़मेर या जोधपुर के अस्पतालों तक जाना पड़ता है। यह दूरी 50 से 150 किलोमीटर तक है।
इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। आपातकालीन स्थिति में यह दूरी और भी बड़ी समस्या बन जाती है।
कागजों में दावे, जमीन पर हालात अलग
हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सिर्फ बैठकों में विकास के दावे करते हैं। उनका कहना था कि असल हालात इससे बिल्कुल अलग हैं।
उन्होंने मांग की कि अस्पताल में तुरंत डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था की जाए। साथ ही जरूरी मेडिकल सुविधाएं बहाल कर इसे आम जनता के लिए खोला जाए।
अब आंदोलन की चेतावनी
वीडियो सामने आने के बाद बाड़मेर और राजस्थान की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। हरीश चौधरी ने साफ कहा कि अगर जल्द अस्पताल शुरू नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।
स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने भी विरोध जताना शुरू कर दिया है। सभी की मांग है कि अस्पताल जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
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