भरतपुर में पूर्व विधायक की हत्या के बाद पुलिस पर एक्शन, थानाधिकारी सस्पेंड, ASP-सीओ एपीओ, पांच आरोपी गिरफ्तार
राजस्थान के भरतपुर जिले में पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या के मामले में अब पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बैठक के बाद वैर थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं, एएसपी प्रेरणा शेखावत और भुसावर सीओ नीरज भारद्वाज को एपीओ किया गया है।
भौंडा गांव में हुई इस घटना के बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गांव में तनाव को देखते हुए आसपास के छह थानों से करीब 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
हत्या के बाद तीन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
मंगलवार को हुई कार्रवाई में वैर थानाधिकारी धीरेन्द्र सिंह को निलंबित किया गया। इसके अलावा एएसपी प्रेरणा शेखावत और भुसावर सीओ नीरज भारद्वाज को आगामी पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया है।
हालांकि, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के विस्तृत कारण और विभागीय जांच की स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
पांच आरोपी गिरफ्तार, जयपुर से पकड़ा गया एक आरोपी
पुलिस ने इस मामले में भागमल गुर्जर, सोनी गुर्जर, बलदेव गुर्जर, शेर सिंह गुर्जर और कुमार सिंह गुर्जर को गिरफ्तार किया है। इनमें चार आरोपी भौंडा गांव के बताए गए हैं, जबकि कुमार सिंह गुर्जर नावर गांव का निवासी है।
पुलिस ने बलदेव गुर्जर को जयपुर के महेश नगर इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से हमले में शामिल अन्य लोगों और घटना के कारणों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
क्रेशर प्लांट के ऑफिस में घुसकर किया था हमला
घटना रविवार शाम की बताई गई है। पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना अपने क्रेशर प्लांट पर मौजूद थे। इसी दौरान करीब 70 से 80 लोगों की भीड़ वहां पहुंची और प्लांट स्थित ऑफिस पर हमला कर दिया।
हमलावरों ने ऑफिस में तोड़फोड़ की। हमले में पूर्व विधायक के साथ उनके सहयोगी गगन शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अतर सिंह को रविवार रात करीब 11:30 बजे जयपुर के एसएमएस अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पत्नी बोलीं- घटना के समय प्लांट पर मौजूद थे कर्मचारी
पूर्व विधायक की पत्नी कमलेश के अनुसार, घटना के समय क्रेशर प्लांट पर करीब 20 से 25 कर्मचारी मौजूद थे। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ प्लांट पर पहुंचने और हमला करने के बाद अब जांच का अहम सवाल यह है कि भीड़ किस वजह से जुटी थी और हमले की शुरुआत कैसे हुई।
गांव में पुलिस का पहरा, कई लोग घर छोड़कर गए
हत्या के बाद भौंडा गांव में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। वैर, भुसावर, हलैना, खेड़ली मोड़, बयाना और नदबई थानों के करीब 100 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। घटना के बाद गांव के कई लोग घर छोड़कर चले गए हैं। गांव में मुख्य रूप से महिलाएं और बच्चे मौजूद बताए जा रहे हैं।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अब जांच में यह सामने आना बाकी है कि हमले की योजना पहले से बनाई गई थी या विवाद के दौरान भीड़ हिंसक हुई। साथ ही, अन्य आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका की पुष्टि भी बाकी है।