SEBI का नाम लेकर साइबर ठगी, फर्जी ऐप से लगाया 27 लाख का चूना

Jageshwar prasad | Jun 14, 2026, 17:13 IST
SEBI रजिस्टर्ड निवेशक बताया और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए 26.98 लाख ठगे
राजस्थान के भीलवाड़ा में SEBI रजिस्टर्ड निवेशक बताया और फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए युवक व परिवार से 26.98 लाख ठगे। साइबर पुलिस ने 5.65 लाख होल्ड कराए और 1.50 लाख पीड़ित को रिफंड करवाए।

समझें क्या है पूरा मामला

  • भीलवाड़ा में शेयर मार्केट और IPO का झांसा देकर 6.98 लाख की ठगी।
  • ठगों ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड बताकर फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाए।
  • पीड़ित से 25 फरवरी से 30 मार्च के बीच रकम ट्रांसफर करवाई गई।
  • साइबर थाना पुलिस ने ठगों के खातों में 5.65 लाख रुपए होल्ड करवाए।
  • कानूनी प्रक्रिया के बाद पीड़ित को 1.50 लाख रुपए रिफंड करवा दिए गए।

भीलवाड़ा में शेयर मार्केट और IPO (Initial Public Offering) में मुनाफे का लालच देकर एक युवक और उसके परिवार से 26.98 लाख रुपए की ठगी हुई। ठगों ने खुद को SEBI रजिस्टर्ड बताया और फर्जी मोबाइल ऐप के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाए।



साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठगों के अलग-अलग बैंक खातों में 5.65 लाख रुपए होल्ड करवाए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीड़ित को 1.50 लाख रुपए रिफंड भी करवाए गए।



WhatsApp ग्रुप से शुरू हुआ जाल

ठगों ने पीड़ित को कोटक सिक्योरिटीज प्राइवेट मार्केट ट्रेडिंग नाम के WhatsApp ग्रुपों में जोड़ा। ये ग्रुप देखने में बिल्कुल असली लगते थे।



ग्रुप में जोड़ने के बाद पीड़ित को दो फर्जी ट्रेडिंग एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई गईं। इन ऐप पर मुनाफे के फर्जी आंकड़े दिखाए जाते थे ताकि पीड़ित का भरोसा बना रहे।



25 फरवरी से 30 मार्च के बीच लुटाए 26.98 लाख

ठगों ने धीरे-धीरे मानसिक दबाव बनाया। 25 फरवरी से 30 मार्च के बीच पीड़ित और उसके परिवार के बैंक खातों से कुल 26.98 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए।



इसके बाद ठगों ने पीड़ित की सहमति के बिना ही उसके नाम पर शेयर आवंटित दिखा दिए। फिर केस सेटल करने के नाम पर और पैसे मांगने लगे। तब पीड़ित को समझ आया कि ठगी हो चुकी है।



साइबर थाने में रिपोर्ट और पुलिस की कार्रवाई

पीड़ित ने 13 अप्रैल को साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ठगों के अलग-अलग बैंक खातों में जमा 5.65 लाख रुपए होल्ड करवाए। इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर 1.50 लाख रुपए पीड़ित को वापस दिलवाए गए।



कैसे पहचानें ऐसे फ्रॉड को

शेयर मार्केट या IPO में मुनाफे का वादा करने वाले WhatsApp ग्रुपों से सावधान रहें। SEBI रजिस्टर्ड होने का दावा करने वाले किसी भी ग्रुप की पहले sebi.gov.in पर जाकर पुष्टि करें। कोई भी ट्रेडिंग ऐप केवल Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। किसी अनजान के कहने पर बैंक खाते की जानकारी या पैसे ट्रांसफर न करें।



साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।



FAQ

  1. शेयर मार्केट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से कैसे बचें?
    SEBI रजिस्टर्ड होने का दावा हमेशा sebi.gov.in पर जाकर वैरीफाई करें। WhatsApp ग्रुपों में शेयर टिप्स देने वाले हमेशा संदिग्ध होते हैं। कोई भी ट्रेडिंग ऐप सिर्फ आधिकारिक ऐप स्टोर से डाउनलोड करें और अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  2. साइबर ठगी होने पर क्या करें?
    तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतना अधिक पैसा होल्ड कराया जा सकता है। इस मामले में भी समय पर शिकायत से 5.65 लाख रुपए बचाए गए।

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