भिवाड़ी में एक लाख से अधिक फ्लैट्स, सोसायटियों में सुरक्षा भगवान भरोसे, उठ रहे गंभीर सवाल
सुनील जैन@भिवाड़ी
राजस्थान के सबसे बड़े औद्योगिक नगरी भिवाड़ी और टपूकड़ा इलाके में आसमान छूती बहुमंजिला इमारतें और पॉश हाउसिंग सोसायटियाँ बाहरी तौर पर जितनी आधुनिक और सुरक्षित नजर आती हैं, धरातल पर वे उतनी ही खोखली साबित हो रही हैं।
इस पूरे क्षेत्र में करीब एक लाख से अधिक फ्लैट्स हैं, जहाँ लाखों लोग सुरक्षित आशियाने की उम्मीद में रहते हैं। लेकिन हाल के दिनों में इन सोसायटियों में बढ़ती आपराधिक वारदातों ने स्थानीय निवासियों की रातों की नींद उड़ा दी है। सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाले हाई-टेक गेट, सीसीटीवी और गार्ड्स अब पूरी तरह नकारा साबित हो रहे हैं।
इसी कड़ी में खैरथल-तिजारा जिले के भिवाड़ी स्थित आशियाना तरंग सोसाइटी में हाल ही में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई, जिसने पॉश सोसायटियों की तथाकथित थ्री-लेयर सिक्योरिटी की पोल खोलकर रख दी है। यहां एक शातिर बदमाश कूरियर बॉय बनकर एक फ्लैट में घुसा और दो साल के मासूम बच्चे की गर्दन पर चाकू अड़ाकर मां के सामने ही लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गया।
कूरियर के नाम पर खुला दरवाजा, मासूम को बनाया बंधक
जानकारी के अनुसार आशियाना तरंग सोसाइटी के बी-ब्लॉक स्थित फ्लैट नंबर 403 में गेल इंडिया (GAIL India) में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत शुभम सक्सेना अपनी पत्नी अपूर्वा सक्सेना और दो साल के बेटे के साथ रहते हैं।
रोजाना की तरह शुभम सुबह करीब 9 बजे अपनी ड्यूटी के लिए घर से निकले थे। उनके जाने के कुछ ही देर बाद एक अज्ञात बदमाश उनके फ्लैट के बाहर पहुंचा और दरवाजे की घंटी बजाई।
घर में अकेली मौजूद अपूर्वा सक्सेना को लगा कि शायद कोई कूरियर आया है। उन्होंने बिना किसी शक के जैसे ही दरवाजा खोला, बदमाश ने जबरन अंदर घुसकर उनके दो साल के मासूम बच्चे को दबोच लिया।
बदमाश ने बच्चे की गर्दन पर चाकू अड़ा दिया और महिला को धमकी दी कि यदि वह चिल्लाई तो बच्चे का गला रेत देगा। मासूम की जान खतरे में देख मां बुरी तरह सहम गई और बेबस होकर खड़ी रही। इसके बाद बदमाश ने अलमारी की चाबी लेकर उसमें रखे सोने के कड़े, 70 हजार रुपये कैश और एक मोबाइल फोन लूट लिया।
इस वारदात के बीच एक हैरान करने वाला मोड़ तब आया, जब लूटपाट के दौरान ही एक असली कूरियर बॉय भी वहां पार्सल देने पहुंच गया। लेकिन शातिर बदमाश ने जरा भी हड़बड़ाहट नहीं दिखाई। वह खुद दरवाजे पर गया, उससे पार्सल लिया और उसे रवाना कर दिया। बाहर खड़े असली कूरियर बॉय को भनक तक नहीं लगी कि अंदर एक मां और बच्चे की जान आफत में है। वारदात को अंजाम देकर बदमाश आसानी से फरार हो गया।
पुलिस महकमे में हड़कंप, एसपी खुद पहुंचे मौके पर
दिनदहाड़े हुई इस वारदात की सूचना मिलते ही भिवाड़ी डीएसपी सहित स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए भिवाड़ी पुलिस अधीक्षक (SP) ब्रजेश उपाध्याय भी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की कमान खुद संभाली। पुलिस सोसाइटी के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
एसपी ब्रजेश उपाध्याय ने बताया, घटना बेहद गंभीर है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। शुरुआती जांच में मामला योजनाबद्ध प्रतीत हो रहा है और ऐसा अंदेशा है कि आरोपी ने पहले फ्लैट की रेकी की थी। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आखिर कहां है सोसायटियों की सुरक्षा?
इस घटना ने भिवाड़ी की हाई-राइज सोसायटियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर और तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। इसका जवाब बिल्डर्स, मेंटेनेंस एजेंसियों और सुरक्षा एजेंसियों के पास नहीं है।
बिना वेरिफिकेशन एंट्री कैसे: सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी और सुरक्षित मानी जाने वाली सोसाइटी में कोई अनजान बदमाश बिना किसी एंट्री, बिना किसी डिजिटल ऐप वेरिफिकेशन (जैसे MyGate या NoBrokerHood) और बिना गार्ड की अनुमति के चौथी मंजिल तक कैसे पहुंच गया?
गार्ड्स की भूमिका पर सवाल: सोसायटियों में रहने वाले निवासियों से हर महीने मेंटेनेंस के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती है। इसके बावजूद सुरक्षा गार्ड्स संदिग्धों पर नजर रखने में पूरी तरह नकारा क्यों साबित हो रहे हैं?
रेकी का पता क्यों नहीं चला?: पुलिस का मानना है कि अपराधी ने पहले रेकी की थी। यदि कोई अज्ञात व्यक्ति लगातार सोसाइटी में घूम रहा था, तो सुरक्षा तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?
निष्कर्ष:
भिवाड़ी और टपूकड़ा की सोसायटियों में रह रहे लोगों में इस घटना के बाद से भारी दहशत और आक्रोश है। यदि मोटी रकम ऐंठने वाले बिल्डर्स और मेंटेनेंस विभाग केवल सीसीटीवी कैमरों को शोपीस बनाकर रखेंगे और गार्ड्स की जवाबदेही तय नहीं होगी, तो लाखों फ्लैटों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा हमेशा दांव पर लगी रहेगी।
स्थानीय निवासियों ने अब प्रशासन से मांग की है कि सभी सोसायटियों के सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य किए जाएं और लापरवाह सुरक्षा एजेंसियों पर सख्त कार्रवाई हो।
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