खेजड़ी माफियाओं से पुलिस की मिलीभगत, अधिकारी भी जांच के घेरे में
समझें क्या है पूरा मामला
- सोलर वसूली केस में पुलिस इंस्पेक्टर फरार।
- 200 करोड़ की वसूली के आरोपों की जांच तेज।
- 2 IPS, 1 IAS समेत कई नाम सामने।
- पवन सिंह छह महीने से ड्यूटी से गायब।
- भाई की कंपनी में 40 करोड़ लेनदेन मिला।
सोलर कंपनियों से करोड़ों रुपये की वसूली के मामले में राजस्थान पुलिस बीकानेर रेंज में तैनात अपने ही एक पुलिस निरीक्षक की तलाश कर रही है। पुलिस निरीक्षक पवन सिंह पिछले छह महीने से न तो जांच अधिकारी को मिले हैं और न ही ड्यूटी पर उपस्थित हो रहे हैं। जांच में 2 आईपीएस, 1 आईएएस और 4 आरपीएस अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि इन अधिकारियों ने आपराधिक गिरोह से मिलकर सोलर कंपनियों और खेजड़ी माफियाओं से करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली की है।
भाई की कंपनी में मिला बड़ा लेनदेन
आरोप है कि आरोपियों ने आपराधिक गिरोह से सांठगांठ कर सोलर कंपनियां और खेजड़ी माफियाओं से करीब 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वसूली है। आरोपी सीआइ के सगे भाई की कंपनी में 40 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेनदेन सामने आ चुका है।
पूगल में थानाधिकारी रहते बनाई कंपनी
सीआइ पवन सिंह ने वर्ष 2025 में पूगल थानाधिकारी रहते हुए अपने भाई के नाम पर करणी कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई थी। आरोप है कि इस कंपनी में आपराधिक गिरोह से जुड़े कई लोगों को शामिल कर लिया गया था। आरोप के मुताबिक ये लोग सोलर व्यापारियों को डरा-धमकाकर कंपनी को काम देने के बहाने रुपये वसूलने लगे। साथ ही पुलिस से मिलीभगत का दावा करते हुए खेजड़ी कटाई के ठेके भी लेने लगे। करीब छह महीने में ही इस कंपनी में 40 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
गोपनीय शिकायत पर शुरू हुई जांच
इस मामले में सोलर कंपनियों की ओर से राज्य सरकार को गोपनीय शिकायत भेजी गई थी। इस पर पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर बीकानेर रेंज आईजी ने एक आईपीएस अधिकारी से मामले की जांच कराई। इसी बीच रतनगढ़ थाना क्षेत्र में आरोपी सीआइ पवन सिंह से जुड़े एक मामले में पुलिस ने बीकानेर निवासी और चूरू जिले के सरदारशहर क्षेत्र के हरदेसर गांव निवासी संदीप स्वामी को गिरफ्तार किया। उसकी पूछताछ में सोलर कंपनियों से वसूली की परतें खुलनी शुरू हुईं।
जांच में जुड़ती गईं कई कड़ियां
आईपीएस अधिकारी की जांच में 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की वसूली की कड़ियां जुड़ी हैं। जांच में सामने आया है कि यह पैसा 2 आईपीएस, 1 आईएएस और 4 आरपीएस अधिकारियों के बीच बांटा गया। सरकार ने इन अधिकारियों का बीकानेर से स्थानांतरण कर दिया है, लेकिन मुख्य आरोपी सीआइ पवन सिंह के अभी तक सामने न आने से मामला अटका हुआ है।
पिता बोले, छह महीने से घर नहीं आया बेटा
सीआइ पवन सिंह के पिता शिवपाल सिंह ने जांच अधिकारी को लिखित में बताया है कि पवन पिछले छह महीने से घर नहीं आया है। उनके मुताबिक जरूरत पड़ने पर वह फोन करता है, लेकिन घरवालों का फोन नहीं उठाता।
तीन बिंदुओं पर मांगा गया स्पष्टीकरण
जांच अधिकारी ने सीआइ पवन सिंह से तीन बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। इसमें भाई के नाम रजिस्टर्ड कंपनी में करोड़ों के टर्नओवर, फरवरी 2026 से नई पोस्टिंग पर ज्वाइन न करने और रतनगढ़ थाने में दर्ज एक मामले में उनकी अनाधिकृत मौजूदगी को लेकर सवाल पूछे गए थे। अंतिम अवसर पर भी जवाब न मिलने पर उनकी दुराचरण रिपोर्ट अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सतर्कता को भेज दी गई है।
पुलिस का कहना है, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक यह शिकायत गंभीर है और सीआइ पवन सिंह पर इस मामले में आरोप हैं। वे छह महीने से बिना सूचना के अनुपस्थित हैं और जांच को लेकर भी अभी तक अपना स्पष्टीकरण नहीं दिया है। बीकानेर पुलिस से जांच के तथ्य प्राप्त हो चुके हैं, जिनका परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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