सचिन पायलट पर चल रहे बयानों में अब मदन राठौड़ की एंट्री, बोले-गहलोत आज भी सचिन को समझते हैं नासमझ बच्चा

Ashish Bhardwaj | Apr 28, 2026, 19:30 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर चल रहे बयानों में अब राजस्थान के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ की एंट्री हो गई है। उन्होंने पूर्व सीएम अशोक गहलोत की मंशा पर सवाल उठाए हैं।

News In Short

  • भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने गहलोत के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए पायलट का अपमान बताया।
  • राठौड़ ने गहलोत के 'पायलट की दोनों टांगें अब कांग्रेस में' बयान को नकारात्मक बताया।
  • राठौड़ ने पायलट को भाजपा प्रभारी द्वारा 'बहुरूपिया' बताने का बचाव किया।
  • राठौड़ ने कहा, गहलोत द्वारा कहे "नाकारा" और "निकम्मा" शब्द पायलट को हमेशा चुभते रहेंगे।

News In Detail

कांग्रेस नेता सचिन पायलट को लेकर भाजपा के राजस्थान प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल की गई टिप्पणियों पर उठा सियासी घमासान अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बयानबाजी को हवा देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने सचिन पायलट को लेकर गहलोत के 'अपनत्व' पर सवाल उठाए।



राठौड़ ने कहा कि गहलोत ने पायलट की सिर्फ 'टांगों' की बात की, पूरे सचिन पायलट की नहीं। इस बयान से यह साफ नजर आता है कि गहलोत के मन में पायलट के लिए 'मैल' अभी भी भरा हुआ है।



पायलट को बच्चा मानने की मानसिकता

राठौड़ ने गहलोत के उस बयान पर भी तंज कसा, जिसमे गहलोत ने कहा था कि पायलट ने पहले भूल की थी, अब वह कांग्रेस में ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि गहलोत का यह बयान दर्शाता है कि वे आज भी पायलट को एक नासमझ बच्चा मानते हैं।



'बहरूपिया' शब्द का बचाव

भाजपा प्रदेश प्रभारी राधामोहन दास अग्रवाल द्वारा पायलट को 'बहुरूपिया' कहने का बचाव करते हुए राठौड़ ने एक नया एंगल दिया। उन्होंने पायलट की तारीफ करते हुए कहा कि वे सुंदर और सौम्य हैं, लेकिन उनके व्यक्तित्व के अलग-अलग रूप हैं।



राठौड़ ने याद दिलाया कि जब गहलोत ने पायलट के पिता का अपमान किया था, तो पायलट ने अपने रौद्र रूप को दिखाया था। यही कारण है कि प्रभारी ने उन्हें 'बहरूपिया' कहा था, जो उनके विविध व्यक्तित्व को दर्शाता है।



नाकारा-निकम्मा शब्द की चुभन

राठौड़ ने पायलट के दिल पर लगी पुरानी चोट को याद करते हुए कहा कि 2020 के सियासी संकट के दौरान 'नाकारा' और 'निकम्मा' जैसे शब्द पायलट के दिल में हमेशा चुभते रहेंगे। उन्होंने तंज किया, गहलोत और पायलट चाहे जितना भी साथ दिखाने का नाटक कर लें, ये शब्द हमेशा पायलट के लिए दर्दनाक रहेंगे।



पायलट बोल- मिलेंगे तो पूछूंगा इतना विशेष प्रेम क्यों

​इससे पहले सचिन पायलट ने भाजपा प्रभारी की विवादित टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, राधामोहन मुझसे इतना विशेष प्रेम क्यों रखते हैं, यह जब भी हम मिलेंगे, मैं उनसे जरूर पूछूंगा। पायलट ने राजनीति के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में संगठन का काम करना और अपनी बात को मजबूती से रखना सबका अधिकार है, लेकिन टीका-टिप्पणी का एक गरिमापूर्ण स्तर होना चाहिए।



उन्होंने कड़े लहजे में कहा, राजनीति व्यक्तिगत आक्षेपों के बजाय सैद्धांतिक, वैचारिक और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित होनी चाहिए। जो नेता केवल मुद्दों और विचारधारा की बात करते हैं, वही लंबे समय तक जनता के दिलों में अपनी जगह बना पाते हैं।"



​विवाद की जड़ में 'बहुरूपिया' वाला बयान

​इस विवाद की शुरुआत टोंक में सोमवार को आयोजित भाजपा के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन से हुई थी। वहां राधामोहन दास अग्रवाल ने सचिन पायलट के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उन्हें बाहरी करार दिया था। अग्रवाल ने कहा था कि पायलट न तो टोंक के निवासी हैं और न ही राजस्थान के। टोंक की जनता ने अनजाने में उन्हें चुन लिया है।


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भाजपा प्रभारी ने पायलट को बहुरूपिया संबोधित करते हुए विवादित बयान भी दिया। उन्होंने कहा कि उनकी एक टांग कांग्रेस में रहती है और दूसरी कहां, किसी को पता नहीं। अग्रवाल ने कहा कि टोंक असल में भाजपा का मजबूत गढ़ है और आने वाले चुनावों में पार्टी जिले की सभी चारों सीटों पर जीत हासिल करेगी।



​गहलोत का बयान, अब सचिन भाजपा के बहकावे में नहीं

दिलचस्प बात यह है कि कभी पायलट के साथ सत्ता संघर्ष में उलझे रहे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस बार उनके बचाव में रणनीतिक बयान दिया। गहलोत ने भाजपा प्रभारी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भाजपा ने ही पहले पायलट को बहला-फुसलाकर मानेसर भेज दिया था।



​गहलोत ने कहा, अब सचिन समझ भी गए हैं और संभल भी गए हैं। उन्हें अहसास हो गया है कि एक बार गलती करने का क्या परिणाम होता है।



उन्होंने अग्रवाल के एक टांग वाले बयान पर तंज कसते हुए कहा कि पायलट की दोनों टांगें कांग्रेस में ही हैं और वे पार्टी छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए ईडी और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है।



​गजेंद्र सिंह शेखावत का पलटवार

इस सियासी दंगल में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी कूद पड़े हैं। उन्होंने अशोक गहलोत पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत खुद कांग्रेस को मानेसर की घटना भूलने नहीं देना चाहते। शेखावत ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा, मानेसर की घटना के रचनाकार, उस कहानी के रचयिता और पूरे ड्रामे के डायरेक्टर खुद अशोक गहलोत साहब हैं।



​शेखावत ने आगे कहा कि सचिन पायलट तो उस समय मात्र एक मोहरा थे। उन्होंने दावा किया कि गहलोत आज भी पायलट को एक मोहरे की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि वे अपने स्वयं के राजनीतिक उद्देश्यों को साध सकें और अपनी बयानबाजी जारी रख सकें।



​मानेसर कांड कांग्रेस का पुराना घाव

​इस पूरी बहस के केंद्र में 2020 का 'मानेसर कांड' है। यह राजस्थान की राजनीति का वह दौर था जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सत्ता का संघर्ष चरम पर पहुंच गया था। पायलट अपने समर्थक विधायकों के साथ मानेसर चले गए थे, जिससे गहलोत सरकार गिरने की कगार पर आ गई थी।



​भले ही आज कांग्रेस आलाकमान राजस्थान में 'एकजुटता' का दावा कर रहा हो, लेकिन भाजपा बार-बार मानेसर की याद दिलाकर कांग्रेस की आंतरिक कलह को कुरेदने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है।\



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