राजस्थान में बागियों पर BJP का वार, 41 नेता निष्कासित

Raghvendra Singh Rathore | Sept 08, 2026, 12:19 IST
BJP में बगावत पर बड़ा एक्शन, 41 नेता निष्कासित
नगर निकाय चुनाव में बगावत करने पर BJP ने 41 नेता-कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया। जयपुर में सबसे ज्यादा 26 नेताओं पर कार्रवाई हुई, जिनमें पूर्व पार्षद और मंडल पदाधिकारी शामिल हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • BJP का बड़ा एक्शन, 41 बागी नेता 6 साल के लिए बाहर
  • जयपुर में सबसे ज्यादा गाज, 26 नेता निष्कासित
  • पूर्व पार्षद से मंडल पदाधिकारी तक, कोई नहीं बचा
  • निर्दलीय लड़ने वालों पर BJP की सख्त कार्रवाई
  • पूर्व महापौर की पत्नी भी बगावत में शामिल, निष्कासित

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बीच टिकट नहीं मिलने के बाद बगावत करने वाले नेताओं पर बीजेपी ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पार्टी ने अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरने और निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन करने वाले 41 नेता-कार्यकर्ताओं को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। कार्रवाई की सबसे बड़ी मार जयपुर में पड़ी है, जहां अकेले 26 नेताओं को पार्टी से बाहर किया गया है।



बीजेपी राजस्थान की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नगर निकाय चुनाव 2026 में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ना या निर्दलीय प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। इसी आधार पर प्रदेशाध्यक्ष के निर्देश पर छह साल के निष्कासन की कार्रवाई की गई है। आदेश प्रदेश महामंत्री एवं मुख्यालय प्रभारी श्रवण सिंह बगड़ी की ओर से जारी किया गया है।



जयपुर बना BJP के लिए बगावत का सबसे बड़ा केंद्र

पूरे प्रदेश में निष्कासित किए गए 41 नेताओं में से 26 अकेले जयपुर नगर निगम क्षेत्र से हैं। यानी पार्टी की कार्रवाई की सूची में 60 फीसदी से ज्यादा नाम जयपुर के हैं। इनमें पूर्व पार्षद, वार्ड अध्यक्ष, मंडल पदाधिकारी और विभिन्न मोर्चों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हैं।



सबसे दिलचस्प तस्वीर विद्याधर नगर विधानसभा क्षेत्र में सामने आई है। यहां वार्ड 1 से मोहनलाल कुमावत और छीतर मल शर्मा, वार्ड 2 से नेमीचंद सैन, वार्ड 3 से पूर्व पार्षद हरिशंकर बोहरा सहित कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पार्टी के दस्तावेज में इन पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप है।



पूर्व पार्षद दिनेश कांवट पर वार्ड 8 से अपनी पत्नी मंजू शर्मा को निर्दलीय चुनाव लड़ाने का आरोप लगाया गया है। इसी तरह वार्ड 9 से चंदा कुमावत, वार्ड 11 से कमलेश तिवारी, वार्ड 12 से बनवारी सैनी, वार्ड 14 से महर्षि शर्मा और वार्ड 15 से पंकज गोयल को भी निष्कासन सूची में शामिल किया गया है।



पूर्व पार्षद और पदाधिकारी भी नहीं बचे

कार्रवाई केवल सामान्य कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं है। जयपुर में पार्टी के पुराने पदाधिकारी और पूर्व पार्षद भी इसकी जद में आए हैं। वार्ड 17 के वार्ड अध्यक्ष राजेश सालोदिया, वार्ड 20 के नारायण सोनी और समा राठौड़ के नाम सूची में हैं। इसके बाद झोटवाड़ा से पूर्व पार्षद राजू अग्रवाल, सांगानेर से किसान मोर्चा के पूर्व पदाधिकारी जय वशिष्ठ और पूर्व पार्षद शंकर शर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।



मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 77 से पूर्व पार्षद रमेश चंद्र सैनी और वार्ड 81 से पूर्व पार्षद स्वाति परनामी भी पार्टी से बाहर किए गए हैं। किशनपोल में प्रदेश एससी मोर्चा उपाध्यक्ष मुकेश किराड़, पूर्व पार्षद प्रत्याशी बीना मेठी और मंडल महामंत्री नरेश शर्मा को निष्कासित किया गया है।



हवामहल विधानसभा क्षेत्र से पूर्व पार्षद विक्रम सिंह तंवर और शिव सोनी, जबकि आमेर के वार्ड 148 से पूर्व पार्षद बरखा सैनी और किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष अविनाश सैनी पर कार्रवाई हुई है। पार्टी के दस्तावेज में इन सभी के सामने निर्दलीय चुनाव लड़ने का आरोप दर्ज किया गया है।



जयपुर के बाहर भी बागियों पर चला डंडा

जयपुर के अलावा प्रतापगढ़ के 7 नेताओं को निष्कासित किया गया है। इनमें पूर्व सभापति/जिला मंत्री रामकन्या, पूर्णिमा खराड़ी, पूर्व पार्षद मुकेश कुमार शर्मा, पूर्व पार्षद प्रहलाद गुर्जर और नगर मंडल उपाध्यक्ष जितेश सोनी समेत अन्य नाम शामिल हैं।



अजमेर में 6 नेताओं पर कार्रवाई हुई है। इनमें सबसे प्रमुख नाम पूर्व महापौर धर्मेंद्र गहलोत का है। पार्टी ने उनकी पत्नी हेमलता गहलोत को भी सूची में शामिल किया है। दस्तावेज के मुताबिक धर्मेंद्र गहलोत पर निर्दलीय चुनाव लड़ रही पत्नी के पक्ष में प्रचार करने के साथ सोशल मीडिया पर अमर्यादित बयान देने का आरोप लगाया गया है। वहीं पूर्व मंडल महामंत्री शंकर सिंह रावत पर निर्दलीय चुनाव लड़ रही अपनी बेटी विनीता रावत के पक्ष में प्रचार करने का आरोप है।



सिंबल मिलने के बाद बदला फैसला, फिर भी कार्रवाई

बीजेपी ने दो ऐसे मामलों में भी कार्रवाई की है जहां मामला सीधे पार्टी के चुनाव चिह्न से जुड़ा है। सिरोही के शिवगंज में वार्ड 25 की सीमा पर आरोप है कि पार्टी का चुनाव चिह्न दिए जाने के बाद विरोधी दल का चुनाव चिह्न लेकर पार्षद प्रत्याशी के लिए आवेदन किया गया। वहीं पाली के तखतगढ़ में पूर्व पार्षद राजेश कुमावत पर पार्टी का चुनाव चिह्न लेने के बाद नाम वापस लेने का आरोप है।



टिकट वितरण के बाद सामने आई बगावत

नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशी घोषित होने के बाद कई वार्डों में टिकट के दावेदारों ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के सामने निर्दलीय ताल ठोक दी। कुछ मामलों में नेता खुद मैदान में उतरे तो कहीं परिवार के सदस्य को निर्दलीय लड़ाया या उसका प्रचार किया। अब बीजेपी ने एक साथ कार्रवाई कर यह संदेश दिया है कि अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ जाने वालों को संगठन में जगह नहीं मिलेगी।



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