BJP में पूर्व जिलाध्यक्ष का निष्कासन नहीं, क्या हत्या के दोषी को मिल रहा संरक्षण

Jageshwar prasad | Jul 23, 2026, 13:13 IST
हत्या के दोषी पूर्व जिलाध्यक्ष को भाजपा से निष्कासित क्यों नहीं किया? सवालों में पार्टी
राजस्थान के अलवर में हत्या के जुर्म में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा को 5 दिन पहले उम्रकैद की सजा हुई थी। आश्चर्य है कि भाजपा ने अभी तक इंद्रजीत के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • अलवर की एक कोर्ट ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा को हत्या का दोषी माना।
  • कोर्ट ने चर्चित अमरजीत हत्याकांड में इंद्रजीत समेत नौ आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
  • सजा के पांच दिन बाद भी इंद्रजीत भाजपा में बरकार, अभी तक पार्टी ने कोई एक्शन नहीं लिया।
  • इंद्रजीत के भाजपा में बने रहने से पीड़ित परिवार भी व्यथित, कहा, उच्च स्तर पर करेंगे शिकायत।
  • इस मामले में भाजपा के अलवर जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता की चुप्पी सवालों के घेरे में।

Alwar: राजस्थान के अलवर में हत्याकांड में उम्रकैद की सजा के बावजूद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा के खिलाफ पार्टी में कोई कार्रवाई न होना अब सवालों में है।



सजा मिलने के पांच दिन बीत जाने के बाद भी न तो इंद्रजीत सिंह को भाजपा से निष्कासित किया गया है और न ही हाल ही में मिली प्रशासनिक नियुक्ति से हटाया गया है।



​10 साल बाद मिला न्याय, लेकिन सिस्टम की ढिलाई जारी

​हत्या का मामला 10 जून 2016 का है। नौगावां थाना क्षेत्र के पाटा गांव में सरपंच चुनाव की रंजिश में अवतार सिंह की सरेआम हत्या कर दी गई थी।



पुलिस जांच में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह पाटा की भूमिका मुख्य उकसाने वाले के रूप में सामने आई थी। अलवर की जिला अदालत ने 10 साल और 18 दिन लंबे चले ट्रायल के बाद इंद्रजीत सिंह समेत नौ आरोपियों को दोषी ठहराया। उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई।



​पीड़ित परिवार ने अदालत के इस फैसले को न्याय की जीत बताया। मृतक अवतार सिंह के बेटे अजयपाल ने कहा, हमें 10 साल और 18 दिन बाद अदालत से न्याय तो मिल गया, लेकिन हैरानी की बात है कि इतने संगीन अपराध में सजा पाने के बाद भी इंद्रजीत सिंह को भाजपा से बाहर नहीं निकाला गया है।



मृतक अवतार सिंह


​भाजपा जिलाध्यक्ष की भूमिका पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में भाजपा के वर्तमान अलवर जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता की भूमिका और चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।



मृतक अवतार सिंह के पुत्र अजयपाल का सीधा आरोप है कि भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी हत्या के दोषियों को राजनीतिक संरक्षण दे रहे हैं।


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जब इस विषय पर भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने यह माना कि इंद्रजीत सिंह को अभी तक पार्टी से निष्कासित नहीं किया गया है।



हालांकि, जब उनसे इसके पीछे की वजह और भावी कार्रवाई पर सवाल पूछे गए तो उन्होंने चुप्पी साध ली और कोई ठोस जवाब नहीं दिया।



​प्रशासनिक स्तर पर भी लापरवाही का आलम

विवाद केवल राजनीतिक संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक गलियारों में भी इसका असर दिख रहा है।



हत्या के इस संवेदनशील मामले के ट्रायल के दौरान 15 दिन पहले ही इंद्रजीत सिंह को जिला जन अभाव अभियोग समिति का सदस्य नियुक्त किया गया था। अब अदालत द्वारा उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद इस नियुक्ति पर भी बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।



प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सजा की घोषणा के बाद उन्हें समिति से हटाने के लिए उच्च स्तर पर पत्र लिखा गया है, लेकिन अभी तक शासन या प्रशासन की ओर से निष्कासन का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।




हत्या में उम्रकैद के बावजूद भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पर कोई कार्रवाई नहीं


पीड़ित परिवार लड़ेगा आगे की लड़ाई

पीड़ित परिवार का कहना है कि सत्ता और संगठन की यह अनदेखी किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। अजयपाल ने स्पष्ट किया है कि वे इंद्रजीत सिंह को पार्टी और सरकारी समिति से तत्काल हटाने की मांग को लेकर सही मंचों पर अपनी बात मजबूती से रखेंगे।



​अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कानून द्वारा दोषी ठहराए गए किसी अपराधी के खिलाफ कार्रवाई करने में भाजपा संगठन और स्थानीय प्रशासन आखिर क्यों हिचकिचा रहे हैं?



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