सफाई में लापरवाही पड़ी भारी, बूंदी के 12 अधिकारी निलंबित
समझें क्या है पूरा मामला
- बूंदी में गंदगी मिली, मंत्री ने 12 अफसर सस्पेंड किए।
- औचक निरीक्षण के एक महीने बाद हुई बड़ी कार्रवाई।
- 11 VDO और 1 BDO निलंबित, जयपुर किया मुख्यालय।
- तीन पंचायत समितियों में एक साथ गिरी गाज।
- तीन साल के खर्च का हिसाब 7 दिन में मांगा।
पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने बूंदी जिले की तीन पंचायत समितियों का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में सफाई और विकास कार्यों में गंभीर खामियां सामने आईं। इसके बाद मंत्री ने केशवरायपाटन के विकास अधिकारी यानी BDO को निलंबित कर दिया।
साथ ही तीनों पंचायत समितियों के 11 ग्राम विकास अधिकारियों यानी VDO को भी सस्पेंड किया गया। संबंधित 11 ग्राम पंचायतों से तीन साल के खर्च का पूरा हिसाब सात दिन में मांगा गया है।
बूंदी दौरे में क्या मिला मंत्री को
राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर कुछ समय पहले बूंदी जिले के दौरे पर आए थे। उन्होंने केशवरायपाटन, तालेड़ा और हिंडोली पंचायत समितियों का अचानक दौरा किया।दौरे में गांवों की सफाई बेहाल मिली।
विकास कार्यों की स्थिति भी खराब थी। मंत्री ने गहरी नाराजगी जताई और लिखित कार्रवाई के आदेश दिए।
किन अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई
केशवरायपाटन पंचायत समिति के विकास अधिकारी यानी BDO (Block Development Officer) को तुरंत निलंबित कर जयपुर मुख्यालय कर दिया गया।
तालेड़ा के BDO को आदेशों की प्रतीक्षा में रखते हुए जयपुर भेजा गया। तीनों पंचायत समितियों के BDO के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा यानी 16 CCA (Classification, Control and Appeal) नियमों के तहत विभागीय जांच शुरू की गई है। नोडल अतिरिक्त विकास अधिकारियों और सहायक अभियंताओं पर भी यही कार्रवाई हुई।
11 VDO भी हुए निलंबित
मंत्री दिलावर ने तीनों पंचायत समितियों के कुल 11 ग्राम विकास अधिकारियों यानी VDO को निलंबित किया। केशवरायपाटन की ग्राम पंचायत गुडली, चड़ी, रड़ी, भीया और लेसरदा के VDO सस्पेंड हुए।
तालेड़ा की ग्राम पंचायत देलूंदा, सींता, तीरथ, सुवास और जमीतपुरा के VDO भी निलंबित किए गए। हिंडोली की ग्राम पंचायत धोबड़ा के VDO पर भी यही कार्रवाई हुई। निलंबित सभी अधिकारियों का मुख्यालय दूसरी पंचायत समितियों में निर्धारित किया गया है।
ग्राम पंचायत प्रशासकों पर भी एक्शन
पांच ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को पदमुक्त कर दिया गया। इनमें तालेड़ा की जमीतपुरा और सुवास, केशवरायपाटन की रड़ी और भीया, तथा हिंडोली की धोबड़ा पंचायत शामिल हैं।
छह अन्य ग्राम पंचायतों के प्रशासकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इनमें तालेड़ा की देलूंदा, सींता और तीरथ, तथा केशवरायपाटन की चड़ी, गुडली और लेसरदा की पंचायतें हैं।
स्वच्छ भारत के कर्मचारी भी नहीं बचे
SBM (Swachh Bharat Mission) के तहत काम करने वाले तीनों ब्लॉकों के ब्लॉक समन्वयकों और जिला समन्वयक की सेवाएं समाप्त करने के आदेश दिए गए। तीनों पंचायत समितियों के जूनियर तकनीकी सहायकों को भी कार्यमुक्त करने का आदेश जारी हुआ।
3 साल का हिसाब 7 दिन में मांगा
संबंधित 11 ग्राम पंचायतों को निर्देश दिया गया है कि पिछले तीन वर्षों में वित्त आयोग और स्वच्छता मद के तहत मिली और खर्च की गई राशि का पूरा ब्यौरा सात दिन के भीतर प्रस्तुत किया जाए। यह संकेत है कि आगे वित्तीय अनियमितताओं की जांच भी हो सकती है।
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