राजस्थान में राम मंदिर दान चोरी जैसा मामला आया, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज
समझें क्या है पूरा मामला
- बुटाटी धाम मंदिर में 22 करोड़ की गड़बड़ी का आरोप।
- कोर्ट के आदेश पर पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
- 40 लाख के दान का हिसाब नहीं मिलने का आरोप।
- जांच में 35 किलो अतिरिक्त चांदी खरीद का हुआ दावा।
- 2219 रसीदों का रिकॉर्ड में जिक्र नहीं मिला है।
उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी जैसा एक मामला राजस्थान में भी सामने आया है। यहां के नागौर जिले के बुटाटी धाम मंदिर में करीब 22 करोड़ रुपए की बड़ी आर्थिक गड़बड़ी सामने आई है।
कोर्ट के आदेश पर चतुरदास महाराज मंदिर विकास समिति के पूर्व अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ समेत समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परिवाद ग्रामीणों की ओर से दिया गया था। मामले की जांच शुरू कर दी गई।
बुटाटी धाम मंदिर के पदाधिकारियों पर केस दर्ज
परिवाद में गबन और हिसाब में गड़बड़ी करके संपत्ति के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया। इस मामले में समिति के निर्वतमान अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ को नामजद किया गया। समिति के अन्य पदाधिकारियों पर भी करीब 22 करोड़ रुपए के गबन के आरोप लगाए गए।
ग्रामीण जयपाल सिंह राठौड़, सुशील चोयल, सुखराम चोयल और कानाराम भाणवाल की ओर से परिवाद दिया गया था। इसी परिवाद पर पुलिस थाना कुचेरा में मुकदमा दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता 2023 की कई धाराओं के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने इसकी जांच भी शुरू कर दी है।
मंदिर से जुड़ी नकदी और सोने-चांदी में गड़बड़ी का आरोप
परिवाद में आरोप लगाया गया है कि देवेंद्र सिंह राठौड़ करीब तीन वर्षों तक मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष रहे। इस दौरान वे मंदिर के प्रबंधन, बैंक खातों, दान पेटियों, रसीद पुस्तकों और लेखा-अभिलेखों से जुड़े कार्यों में प्रभावी भूमिका में रहे। उनके इसी कार्यकाल की जिला मजिस्ट्रेट, नागौर की ओर से एक समिति गठित कर जांच कराई गई थी। इस जांच में कई गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, जिनमें करोड़ों रुपये की नकदी और सोना-चांदी शामिल बताया गया है।
दस्तावेजों में विसंगतियों के आरोप
परिवाद के मुताबिक प्रशासनिक जांच के दौरान समिति का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। बुटाटी धाम मंदिर की दानराशि, आय, रसीदों और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियों का आरोप है। परिवाद में करीब 40 लाख रुपए के दान का लेखा-जोखा नहीं होने और करीब 2219 रसीदों का रिकॉर्ड में उल्लेख न होने की बात कही गई है। सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य सामग्री के रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता में भी अंतर पाए जाने का आरोप है।
चांदी खरीद और खर्चों पर भी उठे सवाल
परिवाद के अनुसार जांच में करीब 35.5 किलोग्राम चांदी अतिरिक्त खरीदने का आरोप लगाया गया है। सोना-चांदी और अन्य बहुमूल्य संपत्ति का अनुमानित मूल्य करीब 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार रुपये बताया गया है। श्री चतुरदास महाराज मंदिरभोजनशाला निर्माण के नाम पर वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 में करीब 49 लाख 49 हजार रुपये खर्च दिखाए जाने का आरोप है, जबकि परिवाद में कहा गया है कि मौके पर यह खर्च नजर नहीं आता।
रसोई संचालन के नाम पर करीब 1 करोड़ 17 लाख रुपये के खर्च को भी संदिग्ध बताया गया। इसके अलावा ग्राम विकास कार्यों, सीसीटीवी कैमरे खरीदने और गौशाला समिति को दी गई राशि में भी लाखों रुपये की अनियमितता के आरोप लगे।
FAQ
- राजस्थान के बुटाटी धाम मंदिर में किस तरह की आर्थिक गड़बड़ी से जुड़ा मामला सामने आया?
मंदिर विकास समिति के पदाधिकारियों पर करीब 22 करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। यह आरोप नकदी, सोना-चांदी और अन्य संपत्ति से जुड़ा है। यह मामला कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ। - बुटाटी धाम मंदिर में गबन और हिसाब में गड़बड़ी से जुड़े मामले में किसके खिलाफ दर्ज हुआ है?
मुकदमा मंदिर समिति के निर्वतमान अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज हुआ है। यह परिवाद ग्रामीणों की ओर से दिया गया था। पुलिस थाना कुचेरा में यह मामला दर्ज किया है। - शुरुआती जांच में क्या अनियमितताओं के आरोप सामने आए?
परिवाद के मुताबिक 40 लाख रुपये के दान का हिसाब नहीं मिला और 2219 रसीदें रिकॉर्ड में नहीं हैं। करीब 35.5 किलोग्राम चांदी अतिरिक्त खरीदने का भी आरोप है। भोजनशाला और रसोई खर्च को भी संदिग्ध बताया गया।
यह खबरें भी पढ़ें...
राजस्थान सरकार ने लिया यू-टर्न, 23 दिन बाद खत्म हुई पटवारियों की हड़ताल
मंदिरों की लूट बंद हो, BJP विधायक चिंतामणि मालवीय ने उठाई सनातन बोर्ड की मांग
'राजस्थान पुलिस चाहे तो गिरफ्तार कर ले, लेकिन...' आशुतोष रांका अब क्यों भड़के?
राजस्थान में प्रसूता संकट गहराया, नागौर और डीडवाना में भी दो मौतें