एसएमएस अस्पताल की रिपोर्ट से साफ हुई तस्वीर, मरीजों की आंखों में सुधार के संकेत
समझें क्या है पूरा मामला
- डीडवाना-कुचामनमें कैटरेक्ट सर्जरी के बाद मरीजों की आंखों में मिला बैक्टीरिया।
- एंट्रोबैक्टर और सुडोमोनास बैक्टीरिया ने बढ़ाई मरीजों की मुश्किल।
- एसएमएस अस्पताल की रिपोर्ट ने किया खुलासा, दो मरीजों की आंखों में सुधार।
- कुचामन सरकारी अस्पताल में संक्रमण के बाद 5 मरीज जयपुर हुए थे रेफर।
- बैक्टीरिया की पहचान के बाद बदला इलाज, मरीजों को राहत।
राजस्थान के कुचामन सरकारी अस्पताल में कैटरेक्ट सर्जरी के बाद 7 मरीजों की आंखों में संक्रमण हुआ था। सवाई मानसिंह अस्पताल की कल्चर रिपोर्ट में पांच मरीजों में एंट्रोबैक्टर और अन्य में सुडोमोनास बैक्टीरिया मिला है।
कुचामन सिटी राजकीय अस्पताल में कैटरेक्ट सर्जरी के बाद 7 मरीजों की आंखों में संक्रमण की शिकायत हुई थी। गंभीर स्थिति में 5 मरीजों को SMS अस्पताल रेफर किया गया था।
अब कल्चर रिपोर्ट में बैक्टीरिया की पहचान हो गई है। इलाज में भी तेजी आई है और मरीजों की स्थिति में सुधार हो रहा है।
कल्चर रिपोर्ट में क्या खुलासा हुआ?
जयपुर के SMS अस्पताल के नेत्र रोग विभाग की टीम ने रिपोर्ट जारी की। विभागाध्यक्ष डॉ. नगेन्द्र शेखावत ने जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, पांच मरीजों में एंट्रोबैक्टर (Enterobacter) बैक्टीरिया मिला है ।
वहीं, अन्य मरीजों में सुडोमोनास (Pseudomonas) बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है । ये दोनों बैक्टीरिया गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं, खासकर आंखों में।
इलाज कैसे बदला?
रिपोर्ट आने के बाद डॉक्टरों ने इलाज में बदलाव किए। एंटीबायोटिक दवाओं को रिपोर्ट के अनुसार एडजस्ट किया गया। इससे मरीजों की स्थिति में सुधार देखने को मिल रहा है।
डॉ. शेखावत के साथ डॉ. पंकज शर्मा और डॉ. मनीष शर्मा की टीम मरीजों पर नजर रख रही है। सभी मरीजों की नियमित जांच की जा रही है।
मरीजों की स्थिति कैसी है?
डॉक्टरों ने राहत की खबर भी दी है। उपचार के बाद दो मरीजों की आंखों की रोशनी में सुधार हुआ है। बाकी तीन मरीजों की सफेद पड़ चुकी पुतली में भी सुधार के संकेत मिले हैं। सभी मरीजों का इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में जारी है। उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, कुचामन सिटी राजकीय अस्पताल में मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए थे। इन ऑपरेशन के बाद 7 मरीजों की आंखों में संक्रमण की शिकायत हुई थी। स्थिति गंभीर होने पर 5 मरीजों को जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया था। अब कल्चर रिपोर्ट ने संक्रमण के कारणों पर रोशनी डाली है।
आगे क्या होगा?
डॉक्टरों की टीम मरीजों के पूरी तरह ठीक होने तक उनकी देखरेख करेगी। संक्रमण के स्रोत का पता लगाने के लिए भी जांच जारी है। अब यह देखना होगा कि सर्जरी के दौरान कहां लापरवाही हुई। इससे सरकार और चिकित्सा विभाग पर इस मामले में सफाई देने का दबाव बढ़ गया है।
ये भी पढ़ें:-
2 महीने में 18 प्रसूताओं की मौत, गिनाए जा रहे बहाने, मंत्री के पास बेतुके बयान
30-40 सीजेरियन रोज, सर्जिकल सेट सिर्फ 5, 6 दिन में 5 प्रसूताओं की मौत
प्रसूताओं की मौत मामले में ऑक्सीटोसिन को क्लीनचिट, लापरवाही को माना जिम्मेदार
प्रसूताओं को नहीं लाना होगा रिप्लेसमेंट डोनर, ब्लड कॉम्पोनेंट भी फ्री मिलेंगे