कूनो नेशनल पार्क का चीता भटक कर राजस्थान आया, तीन दिन से नहीं किया हैं कोई शिकार

Ashish Bhardwaj | Feb 27, 2026, 18:41 IST
Photograph: (the sootr)
कूनो नेशनल पार्क का चीता केपी-2 राजस्थान के बारां जिले में देखा गया है। बताया जाता है कि यह चीता भटक कर राजस्थान सीमा में आ गया। इस चीते ने तीन दिन से शिकार नहीं किया है।

News In Short

  • कूनो नेशनल पार्क से चीता केपी-2 भटक कर राजस्थान आया।
  • यह चीता तीन दिन से राजस्थान के बारां जिले में देखा गया।
  • चीता ने तीन दिन से नहीं किया कोई शिकार, भटक रहा खेतों में।
  • इस चीते की मूवमेंट पर रखी जा रही है निगरानी।
  • चीता प्रोजेक्ट के लिए 17,000 वर्ग किमी कॉरिडोर बनाने की योजना।

News In Detail

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क का एक चीता केपी-2 भटक कर राजस्थान पहुंच गया है। गुरुवार शाम को यह चीता बारां जिले में मांगरोल रेंज के वन क्षेत्र में दिखाई दिया। यह रेनगढ़-मोरेडी गांव के पास सड़क पर चलते हुए राहगीरों को दिखा। हालांकि, कुछ समय बाद यह चीता जंगल में चला गया। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चीता बारां जिले के जंगलों में सुरक्षित क्षेत्र की तलाश कर रहा है।



कौन है केपी-2 चीता

केपी-2 एक अफ्रीका से लाए गए चीते ओवान-आशा के शावकों में से एक है। इसकी उम्र लगभग ढाई साल है। वन विभाग के अनुसार चीता के हर मूवमेंट पर लगातार नजर रखी जा रही है। उसकी हर गतिविधि को नोट किया जा रहा है।



चीते ने नहीं किया है कोई शिकार

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक पिछले तीन दिन से केपी-2 ने कोई शिकार नहीं किया है। वह खेतों और पार्वती नदी के किनारे के जंगलों में घूम रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस समय वह यहां सुरक्षित महसूस कर रहा है और कोई बड़ी समस्या नहीं दिख रही है।



ग्रामीणों को दी गई है सलाह

वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल उसे ट्रेंकुलाइज करने की संभावना कम है। अगर वह यहां कुछ और दिन रुकता है तो यह इलाका उसके लिए नया घर बन सकता है।



ट्रेंकुलाइज से ज्यादा खतरा

पूर्व वन्यजीव प्रतिपालक रविंद्र सिंह तोमर ने बताया कि बार-बार चीते को ट्रेंकुलाइज करना उसके लिए खतरनाक हो सकता है। बार-बार बेहोशी की दवा देने से चीते के शरीर और महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ सकता है। जैसे दिल की धड़कन अस्थिर हो सकती है और श्वसन प्रणाली प्रभावित हो सकती है।



राजस्थान में चीता प्रोजेक्ट

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चल रहे चीता प्रोजेक्ट में अब राजस्थान को भी शामिल किया जा हरा है। दोनों राज्यों के बीच 17,000 वर्ग किमी का चीता कॉरिडोर बनेगा, जिसमें चीते खुले में घूम सकेंगे। राजस्थान के 7 जिले इस प्रोजेक्ट में शामिल होंगे।



प्रोजेक्ट का यह मिलेगा फायदा

इस चीता प्रोजेक्ट के तहत चीते कूनो नेशनल पार्क से राजस्थान के मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व और मंदसौर गांधी सागर सेंचुरी तक विचरण कर सकेंगे। इस कॉरिडोर में उत्तर प्रदेश के झांसी और ललितपुर का वन्य क्षेत्र भी शामिल हो सकता है। इस प्रोजेक्ट से न केवल चीते को बेहतर आवास मिलेगा, बल्कि जंगलों की जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलेगा।



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