भाजपा विधायक कालीचरण सर्राफ बोले, महंगी बिजली के कारण राजस्थान में नहीं हो रहा निवेश

राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को भाजपा विधायक कालीचरण सर्राफ ने अपनी ही सरकार की औद्योगिक नीति और राईजिंग राजस्थान कार्यक्रम पर सवालिया निशान उठा दिया। एमओयू करने के बावजूद अनेक उद्योग राजस्थान में निवेश करने से कतरा रहे हैं।

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Mukesh Sharma
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Photograph: (the sootr)

News In Short

  • एमओयू के बावजूद उद्योगपति राजस्थान में निवेश करने से हिचक रहे हैं 
  • सरकार का राजस्थान के उद्योगों पर नहीं ध्यान,उद्योगों के लिए बिजली दर कम हो 
  • कांग्रेस सरकार के दौरान हुए 400 करोड़ के जमीन घोटाले की जांच की घोषणा 
  • फ्री बिजली छोड़ने के लिए सरकार चलाए गिव-अप अभियान

News In Detail

मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में शून्यकाल में मालवीय नगर विधायक कालीचरण सर्राफ ने अपनी ही सरकार की औद्योगिक नीति व राईजिंग राजस्थान पर सवालिया निशान उठा दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए राइजिंग राजस्थान और इस साल प्रवासी राजस्थानी सम्मेलन का आयोजन किया। सरकार का उद्धेश्य इन आयोजनों के माध्यम से प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाना है। इसके लिए विभिन्न नीतियों के जरिए  देश-विदेश से प्रदेश में निवेश आमंत्रित किए जा रहे हैं। जबकि सरकार का राज्य में  अभी चल रहे उद्योगों की ओर ध्यान नहीं है। 

ढाई से तीन रुपए महंगी हो गई बिजली

सराफ ने कहा कि वर्तमान में चल रहे हैं उद्योगों में लाखों करोड़ का निवेश है। इन उद्योगों से लाखों लोगों को रोजगार मिला हुआ है। सरकार को करोड़ों का राजस्व मिल रहा है।  राज्य सरकार ने सितंबर महीने में उद्योगों के बिजली बिल पर कई तरह के शुल्क और सरचार्ज लगा दिया। इस कारण उद्योगों की बिजली 2.50 से 3.00 रुपए प्रति यूनिट महंगी हो गई है।

महंगी बजली के कारण उद्योगों की लागत 25 हजार से 10 लाख रुपए तक की बढ़ गई है। स्टील और प्लास्टिक जैसे उद्योगों में बिजली रॉ मटेरियल की तरह उपयोग में आती है। इससे ऑपरेशन खर्च का 25 से 30% बिजली पर खर्च करना पड़ रहा है। महंगी बिजली के कारण कई इंडस्ट्रियल यूनिट बंद हो रही हैं। नए निवेश के एमओयू के बाद भी  उद्योगपति प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां लगाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने महंगी बिजली के कारण बंद हो चुके उद्योगों को पुन: शुरु करने के लिए बिजली दर कम करने की मांग की। 

कांग्रेस राज के 400 करोड़ के जमीन घोटाले की होगी जांच  

अजमेर के केकड़ी से भाजपा विधायक शत्रुध्नन गौतम ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए  अजमेर जिले के सरवाड़ क्षेत्र में अजगरा गांव में चारागाह की जमीन को गलत तरीके आवंटन करने का मामला उठाया। जवाब में राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने मामले की तीन महीने में जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की घोषणा की। 

राजस्व मंत्री ने कहा कि मामला संदेहास्पद है। आवंटन 4 मार्च 2009  को हुआ और 11 मार्च को ही बेचान हो गया। इससे संदेह और गहरा जाता है। हम इसकी तीन महीने में जांच करवाएंगे और जो भी दोषी अफसर होंगे तो कानून सम्मत कार्रवाई करेंगे।  गौतम ने कहा कि कांग्रेस नेताओ के बीसलपुर विस्थापितों को चारागाह की जमीन आवंटित कर गलत तरीके से बेचने की जांच होनी चाहिए।  

फ्री बिजली छोड़ने के लिए गिव-अप अभियान चलाए सरकार

बिजली और खाद्य विभाग की अनुदान मांगों पर बहस के दौरान भाजपा विधायक पब्बाराम बिश्नेाई ने राशन की तर्ज पर ही फ्री बिजली में गिव-अप अभियान चलाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सक्षम लोग फ्री बिजली का लाभ छोड़ें उनकी जगह नए गरीब लोगों को कनेक्शन देकर उसका फायदा दिया जाए।  

भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत ने 100 यूनिट फ्री बिजली लेने वालों की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इनमें बहुत से अपात्र लोग हैं जिन्हें फ्री बिजली की जरूरत ही नहीं है। गरीब का नंबर इसमें भी नहीं आ रहा है। कई बड़े-बड़े लोग इसका फायदा ले रहे हैं गरीब इसमें भी पीछे रह गए । 

कांग्रेस पर साधा निशाना

विधायक ताराचंद सारस्वत ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जो गरीब की बात करने वाले लोग हैं, इन्होंने 40 साल तक गरीब का नाम लेकर राज किया लेकिन कभी गरीब का भला नहीं किया। गरीब के हक की बात करो तो सही तरीके से करो। केवल गरीब का नाम लेकर राजनीति चमकाना ठीक नहीं है।

जूली को तो भाजपा में होना चाहिए  

विधानसभा में बिजली और खाद्य से जुड़ी अनुदान मांगों पर बहस के दौरान डूंगरगढ़ से भाजपा विधायक ताराचंद सारस्वत ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली को भला आदमी बताते हुए उन्हें भाजपा की विचारधारा वाला नेता बता दिया। दरअसल सारस्वत अनुदान मांगों पर बोल रहे थे इसी दौरान सदन में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली दाखिल हुए। 

उनका देखकर सारस्वत ने कहा  देखो,जूलीजी भी आ गए,जूली तो बहुत भले आदमी हैं।  इनको तो भारतीय जनता पार्टी में होना चाहिए। इनकी विचारधारा तो भारतीय जनता पार्टी की है। जब बोलते हैं तो बड़ी शालीनता से और सभ्यता से बोलते हैं। इनके बाकी नेता तो कोई ऐसे हाथ करता है कोई अजीब इशारे करता है,कोई हाथ हिलाता है।

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