शिक्षकों की डेपुटेशन सूची में विषयों की अनदेखी, लॉ विवि भेजे गए फिजिक्स प्रोफेसर

Jageshwar prasad | Jul 18, 2026, 12:39 IST
आमेट से वापस जयपुर, तबादला आदेशों में शिक्षकों का जयपुर मोह साफ
कॉलेज शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति के अजीबो-गरीब आदेश। राजस्थान कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने 69 शिक्षकों को प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के लिए भेजा। लेकिन मूल विषय और जरूरत का ध्यान नहीं रखा।

समझें क्या है पूरा मामला

  • लॉ यूनिवर्सिटी में फिजिक्स प्रोफेसर, पत्रकारिता विवि में मनोविज्ञान शिक्षक।
  • 69 शिक्षकों की डेपुटेशन सूची में विषय तक नजरअंदाज, पसंद पर प्रतिनियुक्ति।
  • सीकर से लॉ प्रोफेसर को जयपुर भेजा, जहां अभी लॉ के कोर्स शुरू नहीं।
  • जयपुर छोड़ना नहीं चाहते शिक्षक, आमेट जाने के बाद वापस आयुक्तालय।
  • JDA में वनकर्मियों की तैनाती पर विवाद, विभाग ने वनकर्मियों को वापस बुलाया।

कॉलेज शिक्षकों की तबादला सूचियों के बाद अब प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) के अजीबो-गरीब आदेश सामने आए हैं। कॉलेज शिक्षा आयुक्तालय ने प्रवेश, परीक्षा, प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों के नाम पर 69 शिक्षकों को अस्थायी कार्य व्यवस्था पर लगाया है।



इन आदेशों में शिक्षकों के मूल विषय और संस्थान की जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया है। भवानीमंडी कॉलेज के फिजिक्स प्रोफेसर को जयपुर की लॉ यूनिवर्सिटी में भेजा गया है। सीकर से लॉ प्रोफेसर को भी वहीं भेजा गया है। हैरानी है कि इस यूनिवर्सिटी में अभी लॉ के पाठ्यक्रम शुरू ही नहीं हुए हैं।



सोजत सिटी के फिजिक्स और नदबई के साइकोलॉजी प्रोफेसर को पत्रकारिता यूनिवर्सिटी में लगाया गया है।



विषय और संस्थान का नहीं रखा ध्यान

कई मामलों में शिक्षक के मूल विषय और संबंधित संस्थान की जरूरत का भी ध्यान नहीं रखा गया। भवानीमंडी कॉलेज के फिजिक्स प्रोफेसर को जयपुर की लॉ यूनिवर्सिटी में लगाया गया है। सीकर से लॉ के एक प्रोफेसर की भी यहीं प्रतिनियुक्ति की गई है। हैरानी यह है कि इस यूनिवर्सिटी में अभी लॉ के पाठ्यक्रम ही शुरू नहीं हुए हैं। फिर भी सरकारी कॉलेजों से शिक्षक भेज दिए गए।



सोजत सिटी के फिजिक्स प्रोफेसर और नदबई के साइकोलॉजी प्रोफेसर को जयपुर की पत्रकारिता यूनिवर्सिटी में लगाया गया है। इन आदेशों को देखकर लगता है कि प्रतिनियुक्तियां संस्थानों की शैक्षणिक जरूरत के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षकों की पसंद के अनुसार की गई हैं।



जयपुर छोड़ना नहीं चाहते शिक्षक

सूची में कई ऐसे मामले भी हैं जिनमें शिक्षक जयपुर और कॉलेज आयुक्तालय छोड़ना नहीं चाहते। पिछले साल आयुक्तालय में कार्यरत इकोनॉमिक्स के एक प्रोफेसर का तबादला आमेट कर दिया गया था। उन्हें फिर आयुक्तालय में प्रशासनिक कार्यों के लिए जयपुर बुला लिया गया है।



रुक्टा महामंत्री प्रो. बनय सिंह का कहना है कि उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजकर शिक्षकों के स्थानांतरण को पारदर्शी, न्यायसंगत और नीतिगत आधार पर करने की मांग की है।



JDA में वनकर्मियों पर विवाद

जेडीए (JDA) में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर भी विवाद है। वन विभाग ने एकसाथ 15 रेंजर, वनपाल, सहायक वनपाल और वनरक्षकों को JDA में पदस्थापित किया था।



गार्डन शाखा में स्टाफ जरूरत से ज्यादा हो गया तो JDA ने एक उप वन संरक्षक (डीसीएफ) और तीन सहायक वन संरक्षकों (एसीएफ) को वापस भेज दिया। जवाब में वन विभाग ने दो दिन पहले सभी 15 अधिकारी-कर्मचारियों को वापस मूल विभाग में बुलाने के आदेश जारी कर दिए।



UDH और DLB की नई सूचियां

स्वायत्त शासन विभाग (UDH) से बैकडेट में तबादला सूचियां जारी होने का सिलसिला जारी है। डिपार्टमेंट ऑफ़ लोकल बॉडीज (DLB) ने 500 के आसपास अधिकारी-कर्मचारियों की तबादला सूची जारी की।



तबादला सूची में 105 अधिकारी-कर्मचारियों को एपीओ कर दिया गया, जबकि पहले से एपीओ चल रहे 50 अधिकारियों-कर्मचारियों को पोस्टिंग मिली है। जयपुर निगम के 17 जेईएन को दूसरी जगह पदस्थापित करने के बजाय एपीओ कर दिया गया।



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