हार के बाद कांग्रेस में इस्तीफों का दौर शुरू, जितेंद्र सिंह ने महासचिव पद छोड़ा
News In Short
- असम में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी महासचिव जितेंद्र सिंह ने दिया इस्तीफा।
- जितेंद्र सिंह ने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष खरगे को भेजा है।
- पार्टी महासचिव जितेंद्र ने कहा कि वे इस हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं।
- जितेंद्र ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी में निष्ठा बरकरार रहेगी।
News In Detail
Jaipur: पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। असम चुनाव में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी महासचिव जितेन्द्र सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है।
हार की ली नैतिक जिम्मेदारी
जितेंद्र सिंह असम के प्रभारी महासचिव के रूप में कार्यरत थे। पत्र में जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि असम में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने लिखा, हालिया चुनाव परिणाम बेहद निराशाजनक रहे हैं। मैं इस परिणाम के लिए अपनी भूमिका की पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के अथक प्रयासों के बावजूद, कांग्रेस असम की जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी।
नए नेतृत्व के लिए छोड़ा रास्ता
इस्तीफे के कारणों को विस्तार देते हुए जितेंद्र सिंह ने संगठन के व्यापक हित को सर्वोपरि बताया। उनके अनुसार, उनके पद छोड़ने से संगठन को एक नया नेतृत्व और नई दिशा मिलने का रास्ता साफ होगा। राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस कदम से पार्टी के भीतर अन्य राज्यों के प्रभारियों पर भी जवाबदेही तय करने का दबाव बढ़ सकता है।
कार्यकर्ताओं और जनता का आभार
अपने पत्र में सिंह ने असम की जनता और स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विशेष धन्यवाद किया। उन्होंने लिखा कि उन्हें असम के लोगों और नेताओं से जो प्रेम और सम्मान मिला है, वे उसके लिए सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे को उनके मार्गदर्शन और कार्यकाल के दौरान जताए गए विश्वास के लिए भी धन्यवाद दिया।
पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता बरकरार
जितेंद्र सिंह ने भले ही पद से दूरी बना ली है, लेकिन उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस के मूल्यों और विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे और भविष्य में किसी भी उपयुक्त क्षमता में पार्टी के प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेंगे।
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