कांग्रेस का नीरज डांगी पर फिर भरोसा, बनाया राज्य सभा का उम्मीदवार

Ashish Bhardwaj | Jun 04, 2026, 23:06 IST
Photograph: (the sootr)
भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी राजस्थान से राज्यसभा की सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने निर्वतमान राज्यसभा सांसद नीरज डांगी पर फिर भरोसा जताया है।

News In Short

  • कांग्रेस ने नीरज डांगी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया।
  • यह नीरज डांगी का लगातार दूसरा मौका है।
  • राजस्थान में 18 जून को तीन राज्यसभा सीटों पर वोटिंग होगी।
  • मौजूदा संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को एक सीट जीतने की गारंटी है।
  • तीसरी सीट के लिए बीजेपी को विपक्षी विधायकों के वोट चाहिए, जो मुश्किल माना जा रहा है।

News In Detail

राजस्थान से राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। भाजपा के बाद कांग्रेस ने भी गुरुवार देर रात अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी।



कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार नीरज डांगी को अपना प्रत्याशी बनाया है। मौजूदा संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस को एक सीट पर जीत मिल रही है।



विश्लेषकों के अनुसार डांगी को दूसरा मौका देकर कांग्रेस ने परंपरागत दलित वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है। यह कदम पार्टी के अंदरूनी सियासी समीकरण को मजबूत करने के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।





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राजस्थान में सीटों का हाल

राजस्थान (Rajasthan) से राज्यसभा की तीन सीटें रिक्त हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और राजेंद्र गहलोत तथा कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य नीरज डांगी का 21 जून को कार्यकाल पूरा हो रहा है।



इस बार भाजपा ने अपने दोनों राज्यसभा सदस्यों रवनीत सिंह बिट्टू और राजेंद्र गहलोत को राजस्थान से टिकट नहीं दिया है। उनकी जगह सतीश पूनिया और अलका गुर्जर को मैदान में उतरा है।





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क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक रणनीति

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के 67 विधायक हैं। राज्यसभा में एक सीट जीतने के लिए 51 विधायकों (MLAs) की आवश्यकता है।



अगर बीजेपी (BJP) तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारती है तो निर्विरोध चुनाव होगा। हालांकि तीसरी सीट के लिए बीजेपी को दूसरे दलों के 35 विधायकों (MLAs) के वोट चाहिए।



मौजूदा राजनीतिक हालात में यह लगभग असंभव है। आरएलडी बीजेपी के साथ है और निर्दलीयों, बसपा (BSP) और बीटीपी (BTP) के कुछ वोट भी मिल जाएं, तब भी तीसरे उम्मीदवार के लिए 20 वोट कम पड़ेंगे।



इस परिस्थिति को देखते हुए बीजेपी (BJP) खुद का तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है या किसी निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देकर राजनीतिक समीकरण प्रभावित कर सकती है।



नीरज डांगी को दूसरा मौका क्यों मिला?

नीरज डांगी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नजदीकी माने जाते हैं। राज्यसभा (Rajya Sabha) में जाने के बाद उनकी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से नजदीकी और बढ़ी।



बताया जाता है कि खड़गे ने डांगी की पैरवी की, जिसकी वजह से उन्हें लगातार दूसरा मौका मिला। यह कदम पार्टी के अंदरूनी सियासी समीकरण और दलित वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए उठाया गया।



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