फर्जीवाड़ा कर बना कांस्टेबल, 15 साल बाद खुला मामला, फिर बन गया साधू
समझें क्या है पूरा मामला
- डमी अभ्यर्थी से परीक्षा देकर बना आरएसी कांस्टेबल, 15 साल बाद खुला फर्जीवाड़े का राज
- 2011 की पुलिस भर्ती परीक्षा में अपनी जगह दूसरे को बैठाकर हासिल की थी सरकारी नौकरी।
- नवीं बटालियन RAC टोंक के कमांडेंट की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज।
- परीक्षा केंद्र के रिकॉर्ड और हस्ताक्षरों की जांच कर संगठित नकल गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस।
- गिरफ्तारी से बचने के लिए साधु का वेश बदलकर लंबे समय से ड्यूटी से गायब आरोपी कांस्टेबल।
राजस्थान पुलिस की आरएसी कांस्टेबल भर्ती 2010-11 का एक फर्जीवाड़ा 15 वर्ष बाद सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने अपनी जांच में पाया कि अभ्यर्थी श्रीराम मीणा ने डमी कैंडिडेट से लिखित परीक्षा दिलाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली थी।
इस मामले में नवीं बटालियन आरएसी टोंक में तैनात कांस्टेबल श्रीराम के खिलाफ वहां कोतवाली में एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें उस पर धोखाधड़ी और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों पर रोक) अधिनियम, 1992 की धारा लगाई गई है।
एसओजी जांच में हुआ खुलासा
कोतवाली प्रभारी बीएल वैष्णव के अनुसार एसओजी की प्राथमिक जांच में श्रीराम मीणा पर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
इसके बाद नवीं बटालियन आरएसी के कमांडेंट राजेश चौधरी की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी दस्तावेज, परीक्षा रिकॉर्ड और विभागीय अभिलेखों की गहन जांच की जा रही है।
डमी अभ्यर्थी ने दी थी लिखित परीक्षा
जांच में पता चला है कि 23 जनवरी 2011 को टोंक स्थित टैगोर बाल निकेतन में आयोजित लिखित परीक्षा में श्रीराम मीणा की जगह किसी अन्य व्यक्ति ने परीक्षा दी थी।
आरोप है कि इसी डमी अभ्यर्थी की मदद से श्रीराम मीणा भर्ती प्रक्रिया में सफल हुआ। चयन के बाद उसने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा किए। 18 जुलाई 2014 को आरएसी कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली। इसके बाद से वह वर्षों तक वेतन और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाता रहा।
संगठित गिरोह की भी जांच
पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था।
जांच एजेंसियां परीक्षा केंद्र के रिकॉर्ड, उपस्थिति पत्रक, हस्ताक्षर, पहचान दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही हैं। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लंबे समय से ड्यूटी से गायब, तलाश जारी
पुलिस के अनुसार आरोपी कांस्टेबल 14 सितंबर 2024 से बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जारी है।
सूत्रों के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए साधु का वेश धारण कर रखा है। कांटोली गांव में उसका एक आश्रम होने की भी जानकारी मिली है।
पुलिस इन सूचनाओं के आधार पर उसकी तलाश कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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