जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या, कभी वसुंधरा के महल को उड़ाने की दी थी धमकी
समझें क्या है पूरा मामला
- कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की अजमेर की जेल में हत्या, FSL टीम मौके पर।
- 100 से ज्यादा मामले, तीन बार सरेंडर, फिर भी नहीं छूटी अपराध की राह।
- वसुंधरा राजे का महल उड़ाने की धमकी दी थी जगन गुर्जर ने।
- महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया था, खौफ के कारण 10 साल तक गांव में नहीं हुई शादी।
Ajmer: राजस्थान में सबसे सुरक्षित माने जाने वाले अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल से सोमवार को बड़ा मामला सामने आया है। जेल के भीतर चंबल के पूर्व खूंखार डकैत जगन गुर्जर की बेरहमी से हत्या कर दी गई है।
प्रथम दृष्टया सामने आया है कि सोमवार दोपहर को जेल के भीतर ही जगन गुर्जर पर जानलेवा हमला किया गया। उसे गला घोंटकर मौत के घाट उतार दिया गया। इस वारदात के बाद से पूरे पुलिस महकमे, जेल प्रशासन और राज्य के गृह विभाग में हड़कंप मच गया है।
किसने की हत्या?
जेल प्रशासन के अनुसार, भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड में शामिल आरोपी विष्णु ने जगन गुर्जर की हत्या की है। विष्णु ने टॉवल (तौलिये) का इस्तेमाल कर जगन गुर्जर का गला दबाकर हत्या की। दोनों हार्डकोर कैदी एक ही बैरक में बंद थे।
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने इस हत्या की पुष्टि की है। सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच, जब सेल बंद था, ड्यूटी स्टाफ राउंड पर आया। बैरक खोलने पर जगन गुर्जर का शव पड़ा मिला और उसका साथी विष्णु भी वहीं मौजूद था।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है। जेल प्रशासन और पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है।
छावनी में तब्दील हुई जेल
इस हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और जेल प्रशासन के तमाम आला अधिकारी भारी पुलिस जाब्ते के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे थे। वारदात की सूचना मिलते ही अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला समेत कई पुलिस अधिकारी भी दलबल के साथ जेल परिसर पहुंचे थे।
जेल महकमे की ओर से जेल अधीक्षक पारसमल जांगिड़, अजमेर सेंट्रल जेल अधीक्षक और अनंतेश्वर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। फिलहाल जेल के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।
1994 में शुरू हुई थी अपराध की राह
चंबल का कुख्यात डकैत जगन गुर्जर करीब 27 साल पहले 1994 में जुर्म की दुनिया में आया था। चौतरफा बीहड़ों से घिरे धौलपुर के डांग क्षेत्र में उसने अपना ठिकाना बनाया था।
बीहड़ों में शरण लेने के बाद उसने अपनी खुद की एक मजबूत गैंग खड़ी कर ली। जगन ने करीब सात साल तक राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैले चंबल के जंगलों और बीहड़ों में जमकर आतंक मचाया।
उसका खौफ इतना था कि उसके अपने गांव में 10 साल तक कोई शादी नहीं हुई। कई गांवों में लोगों ने शादियां तक बंद कर दी थीं। डर से उसके पिता भी गांव छोड़कर चले गए थे।
जीजा के हत्यारों से लिया खूनी बदला
जगन गुर्जर के अपराध की शुरुआत निजी बदले से हुई बताई जाती है। उसने अपने जीजा के हत्यारों को जान से मार डाला था। इसके बाद उसने धौलपुर के बीहड़ों को अपना ठिकाना बनाया और अपराध का सिलसिला शुरू हो गया।
100 से ज्यादा मामले, तीन राज्यों में दहशत
जगन गुर्जर पर राजस्थान, उत्तरप्रदेश और मध्यप्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, फिरौती, अपहरण, नकबजनी और डकैती के 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे।
2019 में धौलपुर जिले के करनपुर-सायका पुरा गांव में दो महिलाओं से मारपीट और दुर्व्यवहार का भी आरोप लगा था। एक पुलिसकर्मी की हत्या का भी मामला उस पर था।
वसुंधरा राजे के महल को उड़ाने की दी थी धमकी
साल 2008 में गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान जगन ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देकर पूरे देश में सुर्खियां बटोरी थीं।
उस समय पुलिस ने उस पर 11 लाख रुपए का इनाम रखा था। वह चंबल का सबसे बड़ा और खतरनाक डकैत माना जाने लगा था।
तीन बार सरेंडर, हर बार लौटा अपराध की राह पर
जगन गुर्जर ने 2001, 2009 और 2018 में तीन बार आत्मसमर्पण किया था। लेकिन हर बार जमानत पर बाहर आकर उसने फिर से अपराध की राह पकड़ ली। करीब 15 साल पहले बेटी की शादी के मौके पर उसने जुर्म छोड़ने की कसम खाई थी, लेकिन वह कसम भी नहीं निभा सका।
सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए बड़े सवाल
राजस्थान की हाई सिक्योरिटी जेल में राज्य के सबसे खूंखार अपराधियों, गैंगस्टरों और आतंकियों को रखा जाता है।
ऐसे में इस जेल के भीतर जगन गुर्जर की हत्या वहां की त्रि-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है।
पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस हत्याकांड के पीछे जेल के ही किस गुट या कैदी का हाथ है। इसके पीछे की असली रंजिश क्या थी।
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