हरियाणा से राजस्थान में नकली नोटों की सप्लाई, पकड़ा गया मुख्य आरोपी

Jageshwar prasad | Jun 08, 2026, 11:43 IST
फेक करेंसी नेटवर्क का भंडाफोड़
राजस्थान की दौसा पुलिस ने नकली नोट डिजाइन करने वाले मुख्य आरोपी गुलशन को दिल्ली के रोहिणी से गिरफ्तार किया। हरियाणा से राजस्थान तक फैले नेटवर्क की जांच जारी है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • दौसा पुलिस ने तोड़ा फेक करेंसी गिरोह का नेटवर्क।
  • नकली नोट डिजाइन करने वाला दिल्ली से गिरफ्तार।
  • हरियाणा से राजस्थान तक फैला था नकली नोटों का जाल।
  • 24 लाख से ज्यादा के नकली नोट और प्रिंटर बरामद।
  • मास्टरमाइंड रिमांड पर, पूछताछ जारी।

राजस्थान की दौसा पुलिस ने नकली नोटों की डिजाइनिंग और एडिटिंग करने वाले मुख्य आरोपी को दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी का नाम गुलशन (39) है।



जांच में पता चला है कि यह गिरोह हरियाणा से राजस्थान तक नकली नोटों की सप्लाई कर रहा था। इससे पहले तीन आरोपियों को पहले ही पकड़ा जा चुका है और एक किशोर को निरुद्ध किया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।



दिल्ली से पकड़ा गया डिजाइनर

एसपी (SP) पीयूष दीक्षित के निर्देशन में दौसा पुलिस ने दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र से गुलशन पुत्र प्रेमनाथ को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गुलशन नकली नोटों की डिजाइन तैयार करता था। वह नोटों की एडिटिंग और नकली नोटों की छपाई की प्रक्रिया में भी सीधे शामिल था।



पूछताछ में उसने राजस्थान में नकली नोटों की सप्लाई की जानकारी दी है। फिलहाल गुलशन पुलिस रिमांड पर है। उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ चल रही है।



कैसे खुला यह मामला?

यह मामला 28 मई 2026 को कोतवाली थाने में दर्ज एक फेक करेंसी प्रकरण से शुरू हुआ। सबसे पहले आयुष कुमार मीना को 40 हजार रुपए की नकली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया गया।



इसके बाद जांच में एक किशोर का नाम सामने आया जिसके कब्जे से 47 हजार रुपए के नकली नोट बरामद हुए। किशोर को निरुद्ध किया गया।



फरीदाबाद से पकड़े गए सरगना और साथी

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंची। वहां से नकली नोट छापने और बेचने वाले मुख्य सरगना संतोष सिंह वाल्मीकि और उसके साथी विशाल उपाध्याय को गिरफ्तार किया गया।



आरोपियों के पास से 24 लाख 37 हजार रुपए मूल्य के नकली नोट, बड़ी मात्रा में छपाई का कागज, स्याही, वाटरमार्क डाई, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण बरामद किए गए।



दौसा में फेक करेंसी रैकेट का भंडाफोड़


नेटवर्क की गहन जांच जारी

अभी गुलशन और विशाल दोनों पुलिस रिमांड पर हैं। दोनों से नकली करेंसी के निर्माण, वितरण और सप्लाई नेटवर्क के बारे में पूछताछ जारी है।



पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े और लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अभी तक कुल तीन वयस्क आरोपी गिरफ्तार और एक किशोर निरुद्ध किया जा चुका है।



FAQ

  1. नकली नोट कैसे पहचाने जाते हैं?
    असली नोटों में RBI (Reserve Bank of India - भारतीय रिजर्व बैंक) द्वारा निर्धारित सुरक्षा विशेषताएं होती हैं जैसे वाटरमार्क, सिक्योरिटी थ्रेड और माइक्रो प्रिंटिंग। नकली नोटों में ये खामियां होती हैं।
  2. नकली नोट गिरोह का नेटवर्क कितने राज्यों में था?
    अब तक की जांच में दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में इस गिरोह की गतिविधियां सामने आई हैं। पुलिस की जांच अभी जारी है और और राज्यों में सप्लाई की संभावना भी खंगाली जा रही है।

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