अवैध हिरासत और मारपीट पर आरोपी व नाबालिग रिहा, SHO पर केस दर्ज करने के आदेश

Jageshwar prasad | Sept 25, 2026, 09:41 IST
धौलपुर में रात 10 बजे तक खुला रहा कोर्ट
धौलपुर के बाड़ी में बाइक चोरी के एक आरोपी और नाबालिग को 3 दिन तक थाने में अवैध हिरासत में रखने का मामला सामने आया। ACJM डॉ. सिद्धार्थ शंकर शर्मा ने गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए दोनों को रिहा कर दिया और जांच अधिकारी और SHO पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए।

समझें क्या है पूरा मामला

  • रात 10 बजे तक खुला रहा कोर्ट, नाबालिग को तुरंत रिहा किया।
  • पुलिस ने 3 दिन थाने में बैठाया, बाइक बरामद फिर भी पेश नहीं किया।
  • पिता को उठा लाई पुलिस, नाबालिग को भी हिरासत में रखा।
  • ACJM ने SHO और जांच अधिकारी पर केस दर्ज करने को कहा।
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला, गिरफ्तारी को अवैध बताया।

धौलपुर जिले के बाड़ी में गुरुवार को एक अनोखा मामला देखने को मिला, जब ACJM कोर्ट संख्या-1 रात 10 बजे तक खुला रहा।



मामला बाइक चोरी के एक आरोपी और एक नाबालिग को 3 दिन तक थाने में बैठाकर रखने का था। पुलिस ने दोपहर 3 बजे आरोपी को कोर्ट में पेश किया, लेकिन कोर्ट में आरोपी की बात सुनते ही पूरा केस पलट गया।



कोर्ट में आरोपी ने बताई आपबीती

कोतवाली थाना पुलिस ने 19 साल के एक युवक को बाइक चोरी के आरोप में पकड़ा था। वकील श्रीराम मंगल के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी से पहले पुलिस उसके पिता को घर से उठाकर ले आई और पूरी रात थाने में रखा। जब युवक ने थाने में आत्मसमर्पण कर दिया तो पिता को छोड़ा गया।



आरोपी ने चोरी कबूल कर ली और चोरी की बाइक भी बरामद हो गई, फिर भी पुलिस ने उसे 3 दिन तक थाने में बैठाए रखा। उसके साथ एक नाबालिग को भी थाने में रखा गया था।



कोर्ट में पेश होने पर आरोपी ने बताया कि उसके साथ मारपीट की गई और समय पर कोर्ट में पेश नहीं किया गया। उसके पिता को भी एक दिन अवैध रूप से हिरासत में रखा गया।



दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक चली बहस

ACJM डॉ. सिद्धार्थ शंकर शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया। दोपहर 3 बजे से शुरू हुई सुनवाई रात 10 बजे तक चली। कोर्ट ने जांच अधिकारी ASI सुरेश चंद्र से पूछताछ की, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। रात 10 बजे SHO महेंद्र शर्मा कोर्ट में पेश हुए और अपना पक्ष रखा।



कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने आरोपी को अमानवीय यातनाएं दी, जो कानूनन गलत है।



गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए रिहा किया

कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि आरोपी को 3 दिन तक थाने में बैठाकर रखना और मारपीट करना अवैध है। कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी को अवैध मानते हुए तुरंत रिहा कर दिया। नाबालिग को भी उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया।



कोर्ट ने परिवार से प्रार्थना पत्र और शपथ पत्र भी लिए।



SHO और IO पर केस दर्ज करने के आदेश

ACJM ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि मामले के जांच अधिकारी और थाना अधिकारी ने झूठे सबूत रचने, कानूनी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग करने और गलत दस्तावेज लगाने का काम किया है। प्रथम दृष्टया अपराध प्रतीत होने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।



कोर्ट ने धौलपुर SP, IG, ADG क्राइम, ADG विजिलेंस और रेंज IG भरतपुर को निर्देश दिए कि मामले में विशेष जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट ACJM कोर्ट में पेश की जाए। साथ ही हाईकोर्ट के आदेश और संवैधानिक प्रावधानों की अवहेलना का भी जिक्र किया।



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