कांग्रेस में बढ़ी बयानबाजी, डोटासरा के बयान पर संदीप चौधरी का तंज
समझें क्या है पूरा मामला
- डोटासरा के बयान के बाद कांग्रेस में नई चर्चा शुरू हुई है।
- संदीप चौधरी ने नाम बिना जवाबी हमला किया है।
- मामला गहलोत और डोटासरा समर्थकों से जुड़ा बताया जा रहा है।
- दोनों नेताओं के बयानों के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।
- कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान की चर्चा फिर तेज हुई है।
राजस्थान कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयान के बाद सियासी हलचल बढ़ गई है। डोटासरा के बयान पर अब कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी ने नाम लिए बिना निशाना साधा है।
संदीप चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ऐरे-गेरे नत्थूगेरे कुछ बन जाते हैं तो पागल हो जाते हैं। उनके इस बयान को डोटासरा के बयान का जवाब माना जा रहा है। हालांकि चौधरी ने अपने पोस्ट में किसी का नाम नहीं लिया।
डोटासरा के बयान से विवाद
पूरा मामला पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के साथ आए कार्यकर्ताओं से जुड़ा है। मालवीय की अगुवाई में भारत आदिवासी पार्टी (BAP – Bharat Adivasi Party) से जुड़े कई कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल होने पहुंचे थे। इन कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर उनके समर्थन में नारे लगाए थे। कार्यकर्ताओं ने गहलोत को चौथी बार मुख्यमंत्री बनाने के नारे लगाए। इसके बाद जब कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे तो डोटासरा ने अपने भाषण में कई बातें कहीं।
डोटासरा ने किस पर साधा निशाना
डोटासरा ने कहा था कि उन्हें तीसरे ऐरे-गेरे नत्थूगेरे से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके नेता राहुल गांधी ने उनके काम की तारीफ की है। डोटासरा ने कहा कि जब राहुल गांधी पुष्कर आए थे तब अशोक गहलोत, सचिन पायलट सहित कई नेता मौजूद थे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने उनके और टीकाराम जूली के काम की सराहना की थी। डोटासरा के इसी बयान को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हुई।
चौधरी के बयान के मायने
प्रदेश उपाध्यक्ष संदीप चौधरी के बयान को गहलोत खेमे की प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है। चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी नेताओं में शामिल माने जाते हैं। वह कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला के भी नजदीकी बताए जाते हैं। उन्होंने बिना नाम लिए डोटासरा पर हमला किया। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान से जोड़कर देख रहे हैं।
गहलोत ने विवाद से किया इनकार
इस पूरे मामले पर अशोक गहलोत पहले ही सफाई दे चुके हैं। गहलोत ने कहा था कि कांग्रेस में कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी नेता मिलकर काम कर रहे हैं। गहलोत ने डोटासरा के बारे में कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष ने कोई नाराजगी नहीं जताई है। उन्होंने कहा था कि मीडिया के सवालों के कारण बातें ज्यादा चर्चा में आईं।
व्यक्तिवाद पर डोटासरा का हमला
डोटासरा ने अपने भाषण में व्यक्तिवाद को लेकर भी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि व्यक्ति की ब्रांडिंग करने वालों को यह मुबारक है। डोटासरा ने कहा था कि व्यक्तिवाद ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से पार्टी एक बार सरकार बनाती है और दूसरी बार सत्ता से बाहर हो जाती है। डोटासरा के इस बयान को गहलोत की राजनीति से जोड़कर देखा गया था।
कांग्रेस के सामने चुनौती
राजस्थान में आगामी राजनीतिक मुकाबलों को देखते हुए कांग्रेस के अंदर की बयानबाजी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पार्टी में गुटबाजी की चर्चा पहले भी होती रही है। ऐसे में नेताओं के सार्वजनिक बयान राजनीतिक संदेश देते हैं।अब देखना होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस पूरे मामले को कैसे संभालता है।
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