2 गर्भवतियों की मौत पर सवाल, स्वास्थ्य स स्टम कटघरे में
Ashish Bhardwaj | Jul 31, 2026, 21:24 IST
गर्भवती महिलाओं की मौत
राजस्थान में अलवर के गोविंदगढ़ क्षेत्र में दो गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। एक मामले में रेफरल सिस्टम और एंबुलेंस देरी के आरोप हैं। दूसरे मामले में झोलाछाप इलाज को लेकर शिकायत सामने आई है।
समझें क्या है पूरा मामला
- अलवर के गोविंदगढ़ क्षेत्र में दो गर्भवती महिलाओं की मौत हुई है।
- एक मामले में रेफरल सिस्टम पर लापरवाही के आरोप लगे हैं।
- दूसरे मामले में झोलाछाप इलाज से मौत का दावा किया गया है।
- घटनाओं के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
- मातृ स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।
राजस्थान के अलवर जिले के गोविंदगढ़ उपखंड क्षेत्र में दो गर्भवती महिला की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला दिया है। दोनों घटनाएं अलग-अलग गांवों की हैं। इनमें परिजनों ने इलाज में देरी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब प्रदेश में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। कोटा में सामने आए गर्भवती महिलाओं की मौत के मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ाने की बात कही थी।
गर्भवती की मौत
इसके बाद परिवार निजी एंबुलेंस से महिला को लेकर गया। परिजनों का कहना है कि महिला को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से दोबारा रेफर होने के बाद अलवर और जयपुर में इलाज चला।इलाज के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग के कारण महिला की मौत हो गई। परिजनों ने रेफरल व्यवस्था और समय पर उपचार नहीं मिलने को लेकर सवाल उठाए हैं।
झोलाछाप पर आरोप
इंजेक्शन लगाने के बाद महिला की हालत बिगड़ गई। इसके बाद उपचार मिलने से पहले ही उसकी मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जिस क्लीनिक में इलाज हुआ, उसे पहले स्वास्थ्य विभाग ने सील किया था। इसके बावजूद क्लीनिक दोबारा चल रहा था।
स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
रेफरल सिस्टम पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्भावस्था के दौरान ज्यादा रक्तस्राव जैसी स्थिति में तुरंत इलाज मिलना बेहद जरूरी होता है। वहीं झोलाछाप इलाज का मामला भी चिंता बढ़ाने वाला है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना अनुमति चल रहे क्लीनिक लोगों की जान के लिए खतरा बन सकते हैं।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
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