कृषि मंत्री किरोड़ी के निशाने पर बीमा कंपनियां, बोले - कर रही हैं किसानों से धोखाधड़ी
News In Short
- राजस्थान के कृषि मंत्री के निशाने पर बीमा कंपनियां।
- अंता में बोले, किसानों से कर रहीं हैं बड़ी धोखाधड़ी।
- मंत्री का आरोप, बीमा कंपनियां और माफिया का गठजोड़।
- मंत्री की चेतावनी, बीमा कंपनियां सुधारें अपनी कार्यप्रणाली
News In Detail
राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के निशाने पर एक बार फिर फसल बीमा कंपनियां है। उन्होंने बारां के अंता में बीमा कंपनियों की कार्यप्रणाली को धोखाधड़ी करार देते हुए उन्हें सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ये कंपनियां केवल मुनाफा कमाने में लगीं हैं।
बीमा कंपनियां संवेदनहीन
किसानों से मुखातिब होते हुए डॉ. मीणा ने कहा कि हाड़ौती क्षेत्र का किसान प्राकृतिक आपदाओं और फसल खराबे से जूझ रहा है, लेकिन बीमा कंपनियां संवेदनहीन बनी हुई हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए चिंता जताई कि बारां जिले में अब तक पात्र किसानों की तुलना में बहुत कम संख्या में लोगों को फसल बीमा क्लेम मिल पाया है।
फिर भुगतान क्यों नहीं
मंत्री ने कहा, बीमा कंपनियां किसानों के खातों से प्रीमियम का पैसा काटने में तो गजब की तत्परता दिखाती हैं, लेकिन जब क्लेम देने की बारी आती है तो ये कंपनियां बहानेबाजी कर पीछे हट जाती हैं।
बीमा कंपनियां और माफिया का गठबंधन
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल केवल शिकायतों तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फसल बीमा कंपनियां माफियाओं के साथ मिली हुई हैं। उन्होंने संकेत दिया कि इस मिलीभगत के कारण नुकसान का सही आकलन प्रभावित होता है। वास्तविक पीड़ित किसान मुआवजे की दौड़ से बाहर हो जाता है।रसूखदार लोग अनुचित लाभ उठा ले जाते हैं। उन्होंने साफ किया कि सरकार नेक्सस को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
पाई-पाई का हिसाब चुकता करें
मंत्री किरोड़ी लाल ने मौके पर मौजूद कृषि विभाग के अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि फसल खराबे का पुन: और सही तरीके से आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि प्रीमियम वसूलने वाली हर कंपनी नुकसान के समय किसान के साथ खड़ी हो। मंत्री ने आश्वासन दिया कि जिन किसानों का भुगतान तकनीकी कारणों या कंपनियों की लापरवाही से अटका है, उन्हें जल्द राहत दिलाई जाएगी। खराबे के आकलन में पारदर्शिता बरती जाएगी ताकि अंतिम पंक्ति के किसान तक लाभ पहुंचे। हक मारने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसान का हित सर्वोपरि
मंत्री ने स्पष्ट किया कि भजनलाल सरकार किसानों के प्रति पूरी तरह जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी होगी, वरना उन्हें राजस्थान में काम करने के तरीके को लेकर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
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