पानी पर सुलगता विवाद, ब्यूरोक्रेसी में बदलाव की बयार, जरूरत धरातल पर काम दिखाने की

Jinesh Jain | Mar 21, 2026, 18:02 IST
Share
bha
Photograph: (the sootr)

यह सप्ताह राजस्थान के लिए विवादों और बदलावों का संगम रहा। जहां पंजाब के साथ जल विवाद को कूटनीतिक व कानूनी मजबूती से लड़ने की जरूरत है, वहीं ब्यूरोक्रेसी में फेरबदल के बाद अब सरकार को धरातल पर काम दिखाने की आवश्यकता है।

राजस्थान इस समय बदलाव के दौर से गुजर रहा है। चाहे वह पानी का हक हो या प्रशासनिक गलियारों की नई जमावट। इस सप्ताह की सबसे बड़ी सुगबुगाहट पानी की रॉयल्टी और सुशासन के दावों के बीच नौकरशाही में हुए बड़े बदलावों को लेकर रही। भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना अभी सरकार की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

पानी पर पंजाब की टेढ़ी नजर

इस सप्ताह राजस्थान और पंजाब के बीच पानी को लेकर एक नया और चौंकाने वाला विवाद खड़ा हो गया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान के सामने 1.44 लाख करोड़ रुपये की वाटर रॉयल्टी का बिल पेश कर दिया। आधार बनाया गया 1920 के उस समझौते को, जो बीकानेर रियासत, बहावलपुर और तत्कालीन ब्रिटिश सरकार के बीच हुआ था।
हकीकत यह है कि पंजाब का यह दावा कानूनी रूप से कमजोर दिखता है। राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने इसे असंवैधानिक बताकर सही स्टैंड लिया है। आजादी के बाद 1955, 1959 और 1981 में हुए नए समझौतों ने पुराने रियासतकालीन प्रावधानों को बेअसर कर दिया है।

दरअसल, यह विवाद केवल पानी का नहीं, बल्कि पॉलिटिकल माइलेज का अधिक लगता है। जब भी राज्यों में संसाधनों की कमी होती है या चुनाव नजदीक होते हैं, ऐसे पुराने मुर्दे उखाड़े जाते हैं। नदी जल राष्ट्रीय संपत्ति है। इसे किसी एक राज्य की जागीर मानकर रॉयल्टी वसूलना संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ है। यदि यह विवाद गहराता है तो आने वाले गर्मियों के सीजन में राजस्थान के लिए परेशानी बढ़ सकती है।



kishan
kishan

पूर्व आईएएस सुबोध की सुनवाई से जज हटे

इस सप्ताह जल जीवन मिशन घोटाले में एक नाटकीय मोड़ आया। राजस्थान हाई कोर्ट के जस्टिस अनिल कुमार उपमन ने मुख्य आरोपी और रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल की याचिका पर सुनवाई करने से खुद को अलग कर लिया।
​हालांकि, एक जज का सुनवाई से हटना कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन हाई-प्रोफाइल मामलों में यह चर्चा का विषय बन जाता है। एसीबी जिस तरह सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है और उन्हें 'भगोड़ा' घोषित करने की तैयारी में है, वह संदेश देता है कि अब ब्यूरोक्रेसी का कवच काम नहीं आ रहा है।

​जेजेएम घोटाला सीधे आम आदमी के घर तक पहुंचने वाले पानी से जुड़ा है। इसमें हुई अनियमितताएं न केवल आर्थिक अपराध हैं, बल्कि राजस्थान की ग्रामीण जनता के हक पर डाका हैं। आरोपियों की संपत्तियां अटैच करने की कार्रवाई शासन के इकबाल को बुलंद करेगी।

ब्यूरोक्रेसी की सर्जरी

सप्ताह के मध्य में भजनलाल सरकार ने प्रशासनिक मशीनरी में बड़ी सर्जरी करते हुए 25 आईएएस और 9 आईपीएस अधिकारी के तबादले किए। यह फेरबदल केवल रूटीन ट्रांसफर नहीं, बल्कि सत्ता के केंद्रों के पुनर्गठन का संकेत है।
एसीएस अखिल अरोड़ा को पीएचईडी के प्रभार से मुक्त कर केवल सीएमओ तक सीमित करना यह बताता है कि सरकार अब सीएमओ की मॉनिटरिंग को और अधिक सेंट्रलाइज्ड और मजबूत करना चाहती है।

सीनियर आईएएस अजिताभ शर्मा को ऊर्जा विभाग से हटाकर रेवेन्यू बोर्ड अजमेर भेजना स्पष्ट रूप से साइड लाइन करने जैसा है। सचिवालय से बाहर की पोस्टिंग अक्सर नाराजगी का संकेत होती है। IAS आलोक गुप्ता का सीएमओ से हटाए जाने के बाद दोबारा यूडीएच जैसे महत्वपूर्ण विभाग में आना उनके कौशल पर भरोसे को दिखाता है।

इससे पहले 64 आईपीएस के तबादलों के बाद फिर से संशोधन और कुछ तबादलों को निरस्त करना यह दर्शाता है कि कहीं न कहीं समन्वय की कमी रही या स्थानीय राजनीतिक दबाव ने काम किया। बार-बार संशोधनों से पुलिस बल के मनोबल पर असर पड़ता है।

हाई कोर्ट का स्टेनो भर्ती पर बड़ा हंटर

राजस्थान के बेरोजगार युवाओं के लिए यह सप्ताह राहत और चिंता दोनों लेकर आया। हाई कोर्ट ने स्टेनोग्राफर भर्ती 2024 की मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया। हाई कोर्ट ने आरएसएसबी द्वारा दी गई अतिरिक्त 5 फीसदी छूट को नियमों के विरुद्ध माना।

चयन बोर्ड अक्सर भर्ती प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने के चक्कर में नियमों में लचीलापन लाता है, जो बाद में कोर्ट में टिक नहीं पाता। कोर्ट का यह फैसला उन योग्य अभ्यर्थियों के पक्ष में है, जो निर्धारित मापदंडों के भीतर आए थे।

​राजस्थान में पेपर लीक और भर्ती विवादों का पुराना इतिहास रहा है। ऐसे में चयन बोर्ड को अपनी कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और 'कोर्ट-प्रूफ' बनानी होगी। बार-बार रिजल्ट रद्द होने से युवाओं का सिस्टम पर से भरोसा डगमगाता है।



ka
ka


आरआर की रॉयल डील, ललित मोदी की आहट

खेल की दुनिया से चौंकाने वाली खबर यह रही कि पहली आईपीएल चैंपियन राजस्थान रॉयल्स अपनी बहुमत हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसकी वेल्यूएशन 7737 करोड़ से बढ़कर 12074 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

इस रेस में ललित मोदी का नाम आना सबसे अधिक दिलचस्प है। आईपीएल के जनक कहे जाने वाले मोदी की परोक्ष या अपरोक्ष रूप से वापसी राजस्थान क्रिकेट की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।

​आदित्य बिड़ला ग्रुप और वालमार्ट जैसे दिग्गजों की दिलचस्पी यह बताती है कि राजस्थान ब्रांड की वैल्यू वैश्विक बाजार में कितनी मजबूत है। टीम का मालिकाना हक बदलना केवल एक बिजनेस डील नहीं है, बल्कि इसका असर टीम के स्थानीय जुड़ाव और भविष्य की रणनीतियों पर भी पड़ेगा।



rr
rr

ये भी पढे़:-

क्या हैं वो जल समझौते, जिसके आधार पर पंजाब मांग रहा 1.44 लाख करोड़ की वाटर रॉयल्टी

एसीएस अखिल अरोड़ा सीएमओ ही देखेंगे, अजिताभ शर्मा सचिवालय से हुए बाहर

​पंजाब ने पानी के बदले मांगी 1.44 लाख करोड़ की वाटर रॉयल्टी, राजस्थान की चिंता बढ़ी

राजस्थान रॉयल्स की हो रही नीलामी, जानिए 12,000 करोड़ की रेस में कौन?



Tags:
  • राजस्थान
  • आईपीएल
  • जल जीवन मिशन घोटाले
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • राजस्थान रॉयल्स
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान
  • स्टेनोग्राफर भर्ती
  • ललित मोदी
  • ब्रिटिश सरकार
  • आईपीएस अधिकारी
  • IAS आलोक गुप्ता
  • रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल
  • वाटर रॉयल्टी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती