द्रव्यवती नदी पर HC ने सरकार से मांगा जवाब, कहा- 12 अगस्त तक स्पष्ट करें रुख

Jageshwar prasad | Jul 24, 2026, 12:43 IST
द्रव्यवती नदी मामले में राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, 12 अगस्त तक मांगा जवाब
राजस्थान हाई कोर्ट ने द्रव्यवती नदी संरक्षण मामले में राज्य सरकार को 12 अगस्त तक रुख स्पष्ट करने का आदेश दिया है। न्यायमित्र की रिपोर्ट पर छह महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • द्रव्यवती नदी पर राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाब।
  • नदी में बह रहा बिना उपचारित पानी, हाईकोर्ट ने जताई चिंता।
  • जयपुर की द्रव्यवती नदी पर छह महीने बाद भी कार्रवाई नहीं।
  • हाथी गांव में भी सुरक्षा की अनदेखी, हाई कोर्ट ने मांगा शपथ पत्र।
  • पत्रकार कॉलोनी कम्युनिटी सेंटर पर जेडीए को मरम्मत के आदेश।

राजस्थान हाईकोर्ट ने द्रव्यवती नदी के संरक्षण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने राज्य सरकार से न्यायमित्र की रिपोर्ट पर स्पष्ट जवाब मांगा है।



इसके साथ ही अंबाबाड़ी कैनाल की सिफारिश पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है। मामले में 12 अगस्त तक सरकार को अपना रुख साफ करना होगा। अदालत ने हाथी गांव में हाथियों की सुरक्षा पर भी जवाब तलब किया है।



द्रव्यवती नदी पर हाई कोर्ट सख्त

राजस्थान हाईकोर्ट ने द्रव्यवती नदी संरक्षण मामले में राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। अदालत ने न्यायमित्र की रिपोर्ट पर सरकार से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है।



एक्टिंग चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस भुवन गोयल की खंडपीठ ने यह आदेश जारी किया। यह सुनवाई पीएन मैंदोला की जनहित याचिका पर हुई।



सुनवाई के दौरान न्यायमित्र शोभित तिवाड़ी और अलंकृता शर्मा ने अदालत में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि फरवरी में रिपोर्ट पेश की गई थी। छह महीने बीतने के बाद भी सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।



अदालत ने कहा कि न्यायमित्र की रिपोर्ट पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। यदि रिपोर्ट में कोई कमी है, तो सरकार उसे स्पष्ट करे।



बिना उपचारित पानी से बढ़ा खतरा

न्यायमित्र की रिपोर्ट में द्रव्यवती नदी की स्थिति पर गंभीर चिंता जताई गई है। नदी में कई स्थानों पर बिना उपचारित पानी सीधे छोड़ा जा रहा है।



इस गंदे पानी के कारण चंदलाई बांध का जल भी लगातार दूषित हो रहा है। इसके साथ ही नदी क्षेत्र में अवैध पंपिंग कर खेती की जा रही है। याचिका में नदी की जमीन पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण को चुनौती दी गई है।



नीरी (NEERI – National Environmental Engineering Research Institute) ने अंबाबाड़ी में कैनाल बनाने की सिफारिश की थी। कोर्ट ने पूछा कि नीरी की सिफारिश पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है। सरकार को इन सभी बिंदुओं पर 12 अगस्त तक जवाब देना होगा।



हाथी गांव में सुरक्षा पर सवाल

हाई कोर्ट की इसी पीठ ने हाथी गांव में हाथियों के कल्याण पर भी सुनवाई की। अदालत ने स्वप्रेरित संज्ञान वाले मामले में पीसीसीएफ (PCCF – Principal Chief Conservator of Forests) को तलब किया था।



पीसीसीएफ ने अदालत में शपथ पत्र पेश कर सभी व्यवस्थाएं सही होने का दावा किया। हालांकि न्यायमित्र ने अदालत के सामने जमीनी हकीकत की अलग तस्वीर पेश की।



न्यायमित्र ने बताया कि वहां बिना अनुमति व्यावसायिक हाथी सवारी कराई जा रही है। हाल ही में एक पर्यटक से सवारी के लिए 4500 रुपए लिए गए। सवारी के दौरान हथिनी पानी के तालाब में चली गई। इस हादसे में पर्यटक की छोटी बच्ची नीचे गिर गई।



इसके अलावा उचित इलाज न मिलने से हथिनी मालती को वंतारा भेजना पड़ा। एक अन्य हथिनी चंचल को गुलाबी रंग से पोता गया था। बाद में उसकी मौत हो गई। अदालत ने पीसीसीएफ से 17 अगस्त तक नया विस्तृत शपथ पत्र पेश करने को कहा है।



पत्रकार कॉलोनी सेंटर की मरम्मत होगी

हाई कोर्ट ने मानसरोवर स्थित पत्रकार कॉलोनी के कम्युनिटी सेंटर से जुड़े मामले में भी सुनवाई की। जेडीए (JDA – Jaipur Development Authority) ने इस सेंटर में अपना जोनल ऑफिस खोल रखा था।



याचिकाकर्ता श्याम सुंदर शर्मा ने सुविधा क्षेत्र पर बने भवन के व्यावसायिक उपयोग को चुनौती दी थी। जेडीए के वकील ने बताया कि जोनल ऑफिस वहां से शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि याचिकाकर्ता ने बताया कि भवन की हालत इस समय बेहद खराब है। इसका सार्वजनिक उपयोग संभव नहीं है।



अदालत ने जेडीए को 20 अगस्त तक भवन की मरम्मत और रंग-रोगन कराने के निर्देश दिए। इस मामले में अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।





FAQ

  1. राजस्थान हाई कोर्ट ने द्रव्यवती नदी मामले में सरकार को क्या निर्देश दिया है?
    हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को न्यायमित्र की रिपोर्ट और नीरी की सिफारिशों पर 12 अगस्त तक अपना रुख स्पष्ट करने का आदेश दिया है। अदालत ने छह महीने से कार्रवाई न होने पर जवाब मांगा है।
  2. हाथी गांव से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
    कोर्ट ने पीसीसीएफ को 17 अगस्त तक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें हाथियों के स्वास्थ्य, अवैध सवारी रोकने और निगरानी व्यवस्था की पूरी जानकारी देनी होगी।
  3. पत्रकार कॉलोनी कम्युनिटी सेंटर मामले में जेडीए को क्या करना होगा?
    जेडीए को 20 अगस्त तक कम्युनिटी सेंटर भवन की मरम्मत और रंग-रोगन करके सभी जरूरी सुविधाएं बहाल करनी होंगी। 21 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होगी।

ये भी पढ़ें:-

द्रव्यवती नदी की जमीन पर भू-माफिया का कब्जा, जेडीए सचिव ने मंगवाया रिकार्ड



जोजरी नदी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने लगाई सरकार को फटकार, जांच पर भी सवाल



क्या हाथी गांव से गुजरात ले जाकर बेचे जा रहे हाथी! नहीं लौटे दो दर्जन गजराज



छत्तीसगढ़-राजस्थान में बढ़ा ग्रीन कवर, एमपी के छूटे पसीने, जानिए कौन पास, कौन फेल



Tags:
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • हाई कोर्ट
  • NEERI
  • हाथी गांव
  • जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा
  • द्रव्यवती नदी
  • जस्टिस भुवन गोयल