नदी में अब सिर्फ एसिड बचा है, द्रव्यवती पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, अधिकारी तलब
समझें क्या है पूरा मामला
- नदी में अब सिर्फ एसिड बचा है, द्रव्यवती पर हाईकोर्ट का सख्त रुख, अधिकारी तलब
- जेडीए को नदी क्षेत्र में हुए अतिक्रमणों की सूची पेश करने के निर्देश
- अगली सुनवाई में संबंधित अफसरों को हाजिर होने का हुक्म
- 6 महीने में भी जवाब न देने पर नाराजगी,जेडीए को अंतिम मौका
राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर शहर के बीच होकर निकल रही द्रव्यवती नदी में गंदगी और अतिक्रमण पर नाराजगी जताई है। एक्टिंग जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की बैंच ने मौखिक रुप से कहा कि द्रव्यवती नदी में अब केवल द्रव्य यानि (एसिड) ही रह गया है पानी तो बचा नहीं।
अदालत ने जेडीए को द्रव्यवती नदी में हुए अतिक्रमणों की जानकारी पेश करने के आदेश दिए हैं। वहीं अगली सुनवाई तक सरकार को यह भी बताना है कि द्रव्यवती नदी की जमीन से जुड़े मुकदमे किस-किस कोर्ट में किस स्तर पर चल रहे हैं। अदालत ने अगली सुनवाई पर संबंधित अधिकारियों को भी उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
सरकार को अंतिम मौका दिया
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र शोभित तिवाड़ी ने अदालत को बताया कि उन्होंने फरवरी में अपनी रिपोर्ट में कई कमियों को उजागर किया था।
लेकिन राजस्थान सरकार ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर सरकार ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा। जिस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए कहा कि 6 महीने बाद भी सरकार समय ही मांग रही है। हम सरकार को अंतिम मौका दे रहे हैं।
जेडीए अतिक्रमण का नियमन कर रहा है
मामले में याचिकाकर्ता पीएन मैंदोला ने कोर्ट को बताया कि नदी क्षेत्र की जमीन के कई खसरों पर अतिक्रमण हो गया है। जेडीए इनमें से कई का नियमन भी कर रहा है।
इस पर जेडीए की ओर से कहा गया कि हम अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। लेकिन कई जगह पर अदालत रोक की वजह से कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस पर हाई कोर्ट ने इन मुकदमों की जानकारी पेश करने के आदेश दिए।
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