डूंगरपुर के स्कूल में अचानक गिरी छत, 120 बच्चों की बची जान

Ashish Bhardwaj | Aug 25, 2026, 12:46 IST
डूंगरपुर की सरकारी स्कूल
राजस्थान में डूंगरपुर के दोवड़ा ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल में जर्जर कमरे की छत अचानक गिर गई। कमरा पहले से बंद होने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का भरोसा दिया है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • डूंगरपुर के सरकारी स्कूल में जर्जर कमरे की छत गिरी।
  • हादसे के समय स्कूल में करीब 120 बच्चे मौजूद थे।
  • पहले से बंद कमरे के कारण बड़ा हादसा टल गया।
  • शिक्षा अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
  • जर्जर कमरों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया।

राजस्थान में डूंगरपुर के दोवड़ा ब्लॉक स्थित एक सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। स्कूल परिसर में पहले से बंद पड़े जर्जर कमरे की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में करीब 120 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। कमरा पहले से खाली और असुरक्षित घोषित होने के कारण कोई हताहत नहीं हुआ। सूचना मिलते ही शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और मरम्मत का आश्वासन दिया।



अचानक गिरी जर्जर कमरे की छत

डूंगरपुर के दोवड़ा ब्लॉक की ग्राम पंचायत सत्तु देवकी के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में रोजाना की तरह कक्षाएं चल रही थीं। करीब 120 बच्चे अपने-अपने कमरों में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे।



इसी दौरान स्कूल परिसर में लंबे समय से बंद पड़े एक जर्जर कमरे की छत अचानक तेज आवाज के साथ भरभराकर गिर गई। आवाज सुनते ही पूरे स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। शिक्षक और विद्यार्थी घबराकर तुरंत अपने-अपने कमरों से बाहर निकल आए।



एक साल से बंद था कमरा, इसी वजह से बची जान

जिस कमरे की छत गिरी, वह पिछले एक साल से बेहद जर्जर हालत में था। स्कूल प्रशासन ने इसे पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया था और वहां बच्चों की कक्षाएं लगाना पूरी तरह बंद कर दिया था।



अगर बच्चों को उस कमरे में बैठाया गया होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। समय रहते बरती गई इसी सावधानी से 120 विद्यार्थियों और शिक्षकों की जान बाल-बाल बच गई। इस घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ।



स्कूल के 10 में से 2 कमरे थे जर्जर

स्कूल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय भवन में कुल 10 कमरे हैं। इनमें से 2 कमरे काफी समय से पुराने और जर्जर हो चुके थे।



सुरक्षा को देखते हुए इन दोनों कमरों का इस्तेमाल पहले ही पूरी तरह रोक दिया गया था। इन्हीं दो जर्जर कमरों में से एक की पूरी छत अचानक ढह गई। घटना के तुरंत बाद स्कूल शिक्षकों ने पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी पंकज वर्मा को सूचना दी।



अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा

सूचना मिलते ही PEEO पंकज वर्मा और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी दीपक शाह तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।



अधिकारियों ने दुर्घटनाग्रस्त कमरे के साथ-साथ स्कूल के दूसरे जर्जर कमरे का भी गहन निरीक्षण किया। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि आगे कोई और खतरा तो नहीं है।



जल्द होगी मरम्मत, भेजा गया प्रस्ताव

CBEO दीपक शाह ने बताया कि दूसरे जर्जर कमरे की स्थिति को देखते हुए नई छत डालने और मरम्मत कार्य कराने का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है।



उनके मुताबिक स्वीकृति मिलते ही निर्माण और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाएगा। इससे स्कूल में आगे किसी भी तरह के खतरे को टाला जा सकेगा।



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