गोविंद सिंह डोटासरा का आरोप, एसआईआर में नाम जोड़ने व कटवाने के लिए फर्जीवाड़ा कर रही भाजपा
News In Short
- गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर एसडीओ दफ्तरों में फर्जी फार्म जमा करने का आरोप लगाया।
- बीजेपी ने 14 जनवरी को बिना बीएलओ के हस्ताक्षरों के हजारों फार्म एसडीओ दफ्तरों में जमा किए।
- डोटासरा ने कहा, भाजपा ने अफसरों पर दबाव डालकर कांग्रेस समर्थकों के नाम काटने का टास्क दिया।
- डोटासरा ने भाजपा की चुनावी गड़बड़ी को डेटा माइनिंग वाली तानाशाही करार दिया।
- उन्होंने चुनाव आयोग से 14 और 15 जनवरी को आए फार्म का डेटा सार्वजनिक करने की मांग की।
News In Detail
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा व नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर एसआईआर में गड़बड़ी करने व इसके लिए रातों-रात फर्जी हस्ताक्षरों से हजारों फार्म जमा करवाने का आरेाप लगाया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि भाजपा की सत्ता के घमंड में आकर गड़बड़ी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता इनकी पुंगी बजा देगा
गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने बताया कि भाजपा ने अचानक 14 जनवरी को प्रत्येक एसडीओ स्तर पर हजारों नाम जोड़ने व हटाने के लिए फार्म जमा करवाए है। इन फार्म में ना किसी के हस्ताक्षर है ना मोबाइल नंबर है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक से सात हजार तक फार्म पहुंचाए गए है।
किसी भी फार्म पर बीएलओ के हस्ताक्षर नहीं
डोटासरा ने आरोप लगाया कि रातों रात फर्जी हस्ताक्षरों से नाम हटवाने जोड़ने के फार्म एसडीओ दफ्तरों में जमा करवाए हैं। किसी भी फार्म पर बीएलओ के हस्ताक्षर नहीं है। जबकि ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन होने के बाद अब दावे आपत्तियां देने की अंतिम तारीख 15 जनवरी है। नियम के अनुसार ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद बीएलओ या बीएलए नाम जोड़ने या घटाने के लिए एक दिन में 10 फॉर्म ही दे सकता है। इसका भी ब्यौरा चुनाव आयोग को पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध कराना होता है। लेकिन,बीजेपी ने एक ही दिन में हजारों फार्म किस नियम के तहत जमा करवाए है !
भाजपा नेता धमका रहे हैं एसडीओ-बीएलओ को
डोटासरा ने आरोप लगाया है कि अमित शाह और बीएल संतोष के जयपुर दौरे के बाद भाजपा ने मंत्रियों औ नेताओं को कांग्रेस समर्थकों के नाम काटने का टास्क दिया है। इसके लिए सीएमआर से पेन ड्राइव दिया गया। भाजपा दफ्तर में पहले से प्रिंटेड फार्म तैयार कर सीधे एसडीओ दफ्तरों में जमा करवाए हैं। भाजपा नेता फोन करके एसडीओ और बीएलओ को उनके फार्म एक साथ नहीं लेने पर तबादला और सर्विस रिकार्ड खराब करने की धमकी दे रहे है। भाजपा नेताओं की ओर से एक बूथ पर 50 नाम जोड़ने के लिए धमकी देकर कांग्रेस समर्थित वोट काटने का दबाव बना रहे हैं।
यह डेटा माइनिंग वाली तानाशाही है
डोटासरा ने कहा भाजपा अब डेटा माइनिंग वाली तानाशाही कर रही है। भाजपा के पास दिल्ली से डेटा आया है और इसके लिए किसी कंपनी को इन्होंने जिम्मेदारी दी थी। सरकार का विरोध करने वाले तथा सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पर आवाज उठाने वालों,आंदोलन करने वालों,अरावली पर मुहिम चलाने वालों से लेकर सरकार की नीतियों के आलोचकों का डेटा तैयार किया गया है। ऐसे आलोचकों के विधानसभावार डेटा तैयार कर उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए टास्क दिया है।
अफसरों पर बना रहे हैं दबाव
डोटासरा ने दावा किया कि भाजपा के दबाव से कई परेशान अफसरों ने उनसे बात की है। जबकि कई अफसरों का कहना है कि जांच करने के बाद ही नाम हटाए या जोड़े जाएंगे लेकिन,हजारों फार्म एक साथ लेने का नियम पूछने पर अफसर जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कई कलेक्टर को तो इस बात पर ही परेशानी है कि उनके समक्ष इस कार्रवाई पर आपत्ति क्यों की जा रही है ! इन कलक्टरों का कहना है कि निकाय व पंचायत चुनाव पुरानी वोटर लिस्ट से ही होंगे तो आपत्ति क्यों कर रहे हो और यदि कोई नाम गलत कट गया है तो वापिस जोड़ देंगे। डोटासरा ने सवाल उठाया है कि जब 25 फरवरी को नई वोटर लिस्ट आ जाएगी तो पुरानी लिस्ट से पंचायत व निकाय चुनाव करवाने की किसकी हिम्मत है ।
छोड़ेंगे नहीं गड़बड़ी करने वालों को
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि भाजपा की सत्ता के घमंड में आकर गड़बड़ी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ता इनकी पुंगी बजा देगा। भाजपा के दबाव में काम करने वाले अफसर भी सावधान सचेत हो जाएं क्योंकि गड़बड़ी करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।
जबरन ओटीपी ले रहे हैं बीएलओ से
डोटासरा ने दावा किया कि उन्हें एक-दो लोगों का मैसेज आया है कि अब बीएलओ पर दबाव बनाकर अधिकारी उससे नाम जोड़ने हटाने के लिए ओटीपी ले रहे हैं। कई एसडीओ बीएलओ को दफ्तर बुलाकर फार्म वेरिफाई करने का दबाव बना रहे हैं। क्योंकि उसके बिना कुछ नहीं हो सकता। उनके पास ओटीपी आए तो कितने भी नाम काट सकते हैं और कितने भी जोड़ सकते हैं। यह सबसे गंभीर बात है।
दो दिन का डेटा सार्वजनिक करे चुनाव आयोग
डोटासरा ने बताया कि पिछले दिनों राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बैटक हुई। बीजेपी से राव राजेंद्र सिंह और लक्ष्मीनारायण दवे गए थे। इस बैठक में बीजेपी प्रतिनिधियों ने एक दिन में अनलिमिटेड फार्म लेने की छूट देने की मांग की थी जिसे मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मानने से साफ इनकार कर दिया थाा। अब ये गड़बड़ी का नया रास्ता निकाल लाए हैं। नाम जुड़वाने और हटवाने के 14 और 15 जनवरी को कितने फार्म आए इसका डेटा सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
अशोक गहलोत ने भी सोशल साइट्स पर किया पोस्ट
खनन से अरावली हो रही खोखली, पूर्वी राजस्थान के रेगिस्तान बनने का खतरा, रिपोर्ट में खुलासा