महंगी गाड़ियों के दिखाए नकली एक्सीडेंट, करोड़ों का घोटाला उजागर, 17 आरोपियों पर केस दर्ज

Ashish Bhardwaj | Apr 29, 2026, 13:08 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में महंगी गाड़ियों का फर्जी एक्सीडेंट क्लेम मामला अब सीबीआई के पास आ गया है। उसने 17 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह करीब 1.23 करोड़ का घोटाला बताया जा रहा है।

News In Short

  • सीबीआई ने फर्जी एक्सीडेंट क्लेम मामले में 17 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
  • गिरोह ने एक साल में 2-3 बार गाड़ियों का फर्जी एक्सीडेंट दिखाकर बीमा क्लेम उठाया।
  • सीबीआई ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय पर छापा मारा और दस्तावेजों की जांच की।
  • आरोपियों ने गाड़ियों की तस्वीरें अपलोड कर और कागजों में बदलाव कर फर्जी क्लेम किए।
  • सीबीआई ने सीकर, चूरू, झुंझुनूं, सुजानगढ़ और नागौर में संयुक्त अभियान चलाया।

News In Detail

राजस्थान के सीकर जिले में महंगी गाड़ियों के फर्जी एक्सीडेंट प्रमाण पत्र बनाने का मामला अब सीबीआई (CBI) तक पहुंच चुका है। सीबीआई ने 48 वाहनों के लगभग 1.23 करोड़ रुपए के क्लेम उठाने के मामले में 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला 1 नवंबर 2025 को सामने आ गया था। इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की। फर्जी तरीके से क्लेम उठाने वाले गिरोह ने कई वाहनों का एक साल में दो से तीन बार तक हादसा दिखाया। बीमा कंपनी को शक होने के बाद यह खेल सामने आया। इससे यह बड़ा घोटाला उजागर हुआ।



कैसे हुआ पूरा खेल

एफआईआर (FIR) में यह बताया गया कि 2019 से लेकर 2022 तक बीमा कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी और वर्कशॉप के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा हुआ। इस गिरोह ने कई गाड़ियों के दुर्घटना के प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से बनाए और बीमा क्लेम की राशि जालसाजी से प्राप्त की। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वाहन मालिकों को इसकी भनक तक नहीं लगी। गिरोह ने चालाकी से गाड़ियों की तस्वीरें अपलोड कीं और कागजों में वाहन मालिकों के नाम बदलकर डमी खातों में क्लेम की राशि ट्रांसफर कर दी।



सीबीआई की जांच और छापेमारी

इस फर्जीवाड़े की सूचना मिलने के बाद सीबीआई ने सीकर, चूरू, झुंझुनूं, सुजानगढ़ और नागौर में संयुक्त अभियान चलाया। न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय पर भी छापा मारा गया। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ लग्जरी गाड़ियों को सर्विस के दौरान ही निशाना बनाकर फर्जी क्लेम उठाए गए। एक ही वाहन पर दो साल में तीन बार क्लेम उठाए गए, जो इस पूरी साजिश को और भी संदिग्ध बनाता है।



आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई

सीबीआई ने इस मामले में तीन अलग-अलग मामलों में न्यू इंडिया इंश्योरेंस के वरिष्ठ अधिकारियों, सर्वेयर और वर्कशॉप से जुड़े कर्मचारियों सहित कुल 17 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है और अब आगे की जांच शुरू कर दी है। इस घोटाले में बीमा कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का पर्दाफाश हुआ है, जिससे यह साबित होता है कि कई लोग इसमें शामिल थे और बहुत बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की गई थी।



इस कार्रवाई के असर

यह कार्रवाई यह साफ करती है कि बीमा कंपनियों के साथ इस तरह के धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में जांच और कार्रवाई का होना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे गिरोहों को बेनकाब किया जा सके और जनता का विश्वास बनाए रखा जा सके। इस तरह के घोटाले बीमा कंपनियों की प्रतिष्ठा पर भी सवाल उठाते हैं और उन्हें अपने सिस्टम को और भी मजबूत करने की आवश्यकता है।



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