आरपीएससी की परीक्षा में फर्जी डिग्री का बड़ा मामला, मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कर्मचारी को किया गिरफ्तार

Ashish Bhardwaj | Apr 23, 2026, 16:41 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान लोक सेवा आयोग की परीक्षा में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी पाने के मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

News In Short

  • आरपीएससी की परीक्षा में फर्जी डिग्री के मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के कर्मचारी को किया गिरफ्तार।
  • आरोपी ध्वज कीर्ति शर्मा पहले भी फर्जी डिग्री बनाने के मामलों में रह चुका है संलिप्त।
  • महिला अभ्यर्थी ने मेवाड़ यूनिवर्सिटी से जारी फर्जी एम.ए. (हिन्दी) डिग्री का किया इस्तेमाल ।
  • पुलिस ने मामले में अब तक 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
  • आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज।

News In Detail

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित 2022 की प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार के एक कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया है।



आरोपी पहले भी फर्जी मामले में रह चुका है संलिप्त

पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम ध्वज कीर्ति शर्मा (55) है और वह भीलवाड़ा का निवासी है। आरोपी पहले भी फर्जी डिग्री बनाने के मामलों में संलिप्त रह चुका है। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनमें कमला कुमारी भी शामिल हैं।



महिला अभ्यर्थी ने किया फर्जी डिग्री का इस्तेमाल

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि महिला अभ्यर्थी कमला कुमारी ने अपनी आवेदन प्रक्रिया के दौरान मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार से जारी एक एम.ए. (हिन्दी) की डिग्री का उपयोग किया। जांच के दौरान आयोग को यह डिग्री फर्जी पाई गई। मेवाड यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट रूप से बताया कि ऐसी कोई डिग्री कभी जारी नहीं की गई थी।



नकली दस्तावेजों का निर्माण और यूनिवर्सिटी अधिकारियों की संलिप्तता

मामले में 20 मार्च 2023 को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच में पता चला कि मेवाड़ विश्वविद्यालयसे जुड़े कुछ कर्मचारियों और अन्य आरोपियों ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा। उन्होंने फर्जी मार्कशीट, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और चरित्र प्रमाण-पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों पर यूनिवर्सिटी अधिकारियों की नकली मुहर और साइन भी थे।



जांच और कानूनी कार्रवाई

इस मामले की एसओजी द्वारा जांच की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फर्जी डिग्री के जरिए प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।



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