खराब हेयरकट के बहाने निकाला था नौकरी से, अब पांच सितारा होटल को देना होगा 22.5 लाख का हर्जाना
Mukesh Sharma | Apr 23, 2026, 15:07 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान में जयपुर के एक पांच सितारा होटल को कर्मचारी को खराब हेयरकट के नाम पर नौकरी से निकालना भारी पड़ा। इस मामले में साढ़े उन्नीस साल तक चली कानूनी लड़ाई। लेबर कोर्ट ने होटल को 22.50 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
News In Short
- जयपुर के एक होटल ने कर्मचारी को खराब हेयरकट के नाम पर नौकरी से निकाला।
- कर्मचारी अजय बहादुर ने होटल के फैसले को लेबर कोर्ट में दी चुनौती।
- नौकरी से निकालने पर साढ़े उन्नीस साल तक चली कानूनी लड़ाई।
- कोर्ट ने माना लेबर यूनियन की गतिविधियों के कारण निकाला था कर्मचारी को।
- कोर्ट ने होटल को 22.50 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया।
News In Short
जज दिनेश गुप्ता ने कहा है कि बेहतर होगा कि राजपूताना शेरटन होटल के जनरल मैनेजर एक मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर कर्मचारी को कुल 22,50,000 रुपए का चैक या डीडी अपने ऑफिस में या कोर्ट में दे दें। कोर्ट ने कहा है कि यदि एक मई तक पैसा नहीं दिया तो कर्मचारी एक मई, 2026 से अदायगी के दिन तक 18 फीसदी ब्याज प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
यह है मामला
साढे उन्नीस साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने माना है कि प्रार्थी कर्मचारी को यूनियन गतिविधियों में भाग लेने के कारण नौकरी से बर्खास्त किया था। बेतरतीब तरीके से बाल कटवाने का आरोप बेबुनियाद और आधारहीन है। ना ही बालों की सही कटिंग होना किसी कर्मचारी को नौकरी से निकालने का उचित कारण ही है।
होटल मैनेजमेंट की ओर से पेश गवाहों ने भी विरोधाभासी बयान दिए हैं। एक गवाह ने उसे गंजा बताया है तो कटिंग बेतरतीब होने का आरोप ही निराधार हो गया।
अंदरुनी जांच भी फौरी तौर पर
कोर्ट ने कहा है कि यदि आरोप सही भी माना जाए तो ऐसे मामूली आरोप में कर्मचारी को बर्खास्त करना की सजा अत्यधिक कठोर और मनमानी है। ऐसे आरोप में तो कर्मचारी को चेतावनी देने जैसी हल्की सजा देनी चाहिए थी। विशेषकर उस स्थिति में, जब प्रार्थी कर्मचारी के विरुद्ध पहले दुराचरण की कोई शिकायत तक नहीं है। मैनेजमेंट का आरेाप है कि होटल के एक अतिथि ने प्रार्थी की बेतरतीब कटिंग की शिकायत की थी। लेकिन उस अतिथि की गवाही तक नहीं करवाई गई।
कोर्ट ने कहा है कि यूनियन गतिविधियों में भाग लेने के कारण होटल मैनेजमेंट ने प्रार्थी पर झूठा आरेाप लगाकर अत्याचार किया है। यह व्यवहार अनफेयर लेकर प्रैक्टिस में आता है।
60 साल से ज्यादा है उम्र इसलिए
इसलिए उसे बैक-वेजेज व समस्त परिलाभों के साथ पुन: नौकरी में बहाल करने का आदेश देना कानूनी तौर पर सही नहीं होगा। इसलिए होटल प्रार्थी को एकमुश्त मुआवजे के 21 लाख और खर्चे के डेढ़ लाख रुपए अदा करे।
ये भी पढे़:-
इलाज के नाम पर सेहत से खिलवाड़, खांसी और इंफेक्शन की 7 दवाएं फेल, सरकार ने बिक्री पर लगाई रोक
8वीं पास उस विजनरी की कहानी, जिसने हाथ से बनने वाली बीकानेरी भुजिया को इंटरनेशनल ब्रांड बना दिया
पचपदरा रिफाइनरी में आग: हाईटेक कवच में कहां रह गई कमी? उठ रहे गंभीर सवाल
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari