संपत्ति विवरण भरने का अब अंतिम मौका, 1 से 15 अगस्त तक खुला रहेगा राजकाज पोर्टल
समझें क्या है पूरा मामला
- अधिकारी और कर्मचारियों के लिए संपत्ति विवरण भरने का अंतिम मौका।
- 15 अगस्त 2026 तक राजकाज पोर्टल पर भर सकेंगे ऑनलाइन आईपीआर।
- प्रदेश में अब तक दो लाख से अधिक कर्मचारियों ने नहीं भरा आईपीआर।
- आईपीआर फाइल नहीं करने पर कर्मचारी की पदोन्नति व इंक्रीमेंट पर रोक।
Jaipur: राजस्थान सरकार ने अचल संपत्ति विवरण (आईपीआर) नहीं भरने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अंतिम मौका दिया है।
सरकार ने ऐसे सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत देते हुए अंतिम अवसर दिया है, जिन्होंने पिछले वर्षों का अपना आईपीआर राजकाज पोर्टल पर अब तक ऑनलाइन दर्ज नहीं कराया था।
कार्मिक विभाग के सर्कुलर के अनुसार लंबित आईपीआर अब 1 अगस्त 2026 से 15 अगस्त 2026 तक भरा जा सकेगा।
प्रदेश में 10.5 लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारी हैं। इनमें से दो लाख से अधिक अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी आईपीआर दाखिल नहीं की है।
क्या है आदेश में?
कार्मिक विभाग के सर्कुलर के अनुसार सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, स्वायत्तशासी संस्थाओं तथा उपक्रमों में कार्यरत सरकारी कर्मचारी अब निर्धारित समयावधि में आईपीआर राजकाज पोर्टल पर ऑनलाइन भर सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों/अधिकारियों का पिछले वर्षों का आईपीआर किसी भी कारण लंबित रह गया था, वे 15 दिन के भीतर अपनी जानकारी अपडेट कर सकता है।
आईपीआर फाइल नहीं तो पदोन्नति व इंक्रीमेंट पर रोक
राजस्थान में 14.04.2011 तथा 29.06.2021 के सर्कुलर के अनुसार समस्त राजपत्रित अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रतिवर्ष आईपीआर ऑनलाइन प्रस्तुत करना अनिवार्य किया है।
सर्कुलर के अनुसार आईपीआर समय पर जमा नहीं करने पर संबंधित कर्मचारी को विजिलेंस क्लीयरेंस नहीं दिया जाता है। ऐसे कर्मचारियों की पदोन्नति और वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने की व्यवस्था है। सरकार ने कड़े व्यवस्था से राहत देने के लिए यह अंतिम अवसर देने का निर्णय लिया है।
उच्च अधिकारियों को सख्त निर्देश
कार्मिक विभाग ने समस्त विभागों के प्रमुखों और कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि उनके अधीनस्थ सभी राजसेवक निर्धारित समयावधि में आईपीआर दाखिल कर सकें।
विभाग ने ऑनलाइन आईपीआर भरने में तकनीकी समस्या के निराकरण के लिए आईटी अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं।
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