वेतन में गड़बड़ी पर गिरेगी गाज, सितंबर तक सर्टिफिकेट दो, वरना होगी वसूली!

Mukesh Sharma | Jul 07, 2026, 17:15 IST
वेतन विसंगतियों पर वित्त विभाग सख्त, सितंबर तक जांच सर्टिफिकेट अनिवार्य, वसूली की चेतावनी
वित्त विभाग ने वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए दोबारा जांच के आदेश दिए हैं। सितंबर 2026 तक सर्टिफिकेट अनिवार्य है, गड़बड़ी पर वसूली होगी और लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • वित्त विभाग का नया फरमान,राज्य के सभी कर्मचारियों के पे-स्केल की दोबारा होगी गहन जांच।
  • सितंबर 2026 के बिल के साथ जांच सर्टिफिकेट देना अनिवार्य, लापरवाही पर कसेगा शिकंजा।
  • संयुक्त जांच दल खंगालेगा कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड, ज्यादा भुगतान मिलने पर पाई-पाई वसूलेगी सरकार।
  • दोबारा गड़बड़ी मिली तो नपेंगे अधिकारी, अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ तय होगी जिम्मेदारी।

वित्त विभाग ने राज्य कर्मचारियों के वेतनमान विसंतगतियों को दूर करने के लिए उनके वेतनमान निर्धारण की दोबारा जांच करवाने के निर्देश दिए हैं।



इस संबंध में वित्त विभाग ने परिपत्र (सर्कुलर) जारी कर राज्य के सभी कर्मचारियों के वर्तमान वेतनमान (Pay Scale) की गहन समीक्षा और दोबारा जांच करने के आदेश दिए हैं।



इससे राज्य कर्मचारीको ज्यादा या कम वेतन तय होने संबंधी गड़ब​ड़ियों का पता लग सकेगा। इस जांच का उद्धेश्य ज्यादा वेतन से सरकार को और कम वेतन मिलने से कर्मचारी को हो रहे नुकसान से बचाना है।



देना होगा सर्टिफिकेट

वित्त विभाग ने सभी विभागों को आगामी सितंबर 2026 के वेतन बिलों के साथ वेतन निर्धारण की जांच करने का एक अनिवार्य सर्टिफिकेट संलग्न करना होगा।



ज्यादा दिया है तो होगी वसूली

प्रत्येक विभाग में कार्यालयाध्यक्ष, वरिष्ठतम लेखाधिकारी और स्थापना शाखा के प्रभारी अधिकारी/कर्मचारी को मिलाकर एक संयुक्त जांच दल वेतन विसंगतियों की जांच करेगा। जांच में गलती या ज्यादा भुगतान का मामला आता है तो संबंधित कर्मचारी को नोटिस देकर दी गई ज्यादा राशि की वसूली की जाएगी।



फिर भी गड़बड़ी रही तो

यदि इस पुन: जांच के बाद भी भविष्य में कोई गलत या अनियमित वेतन भुगतान का मामला सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों की संयुक्त जवाबदेही तय होगी और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर वसूली की जाएगी।



पारदर्शी तरीके से हो जांच

जांच को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने एक विस्तृत चैकलिस्ट जारी की है जिसमें कर्मचारी की प्रथम नियुक्ति तिथि, प्रोबेशन अवधि, सेवाकाल के दंड, निलंबन, एसीपी (ACP), पे-लेवल और पदोन्नति का पूरा ब्यौरा शामिल किया जाएगा।



वेतन विसंगति या गलत भुगतान के मामलों में संबंधित कर्मचारी/अधिकारी को अपनी बात रखने और सुनवाई का पूरा अवसर दिया जाएगा।



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