फर्जी सर्टिफिकेट से डॉक्टर ने की इंटर्नशिप, SOG ने किया गिरफ्तार

Ashish Bhardwaj | Jul 27, 2026, 20:03 IST
डॉक्टर ने बनाए फर्जी सर्टिफिकेट
राजस्थान एसओजी ने फर्जी FMG सर्टिफिकेट के जरिए मेडिकल इंटर्नशिप करने वाले एक डॉक्टर को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। जांच में अब तक 29 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले में 100 से ज्यादा विदेशी MBBS डॉक्टर जांच के दायरे में हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • राजस्थान एसओजी ने दिल्ली के एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।
  • आरोप है कि उसने फर्जी FMG सर्टिफिकेट बनवाया।
  • इसी सर्टिफिकेट के आधार पर मेडिकल इंटर्नशिप पूरी की गई।
  • आरोपी विदेश से MBBS करने के बाद कई बार परीक्षा में असफल हुआ था।
  • अब इस पूरे नेटवर्क की जांच लगातार आगे बढ़ रही है।

राजस्थान में विदेशी मेडिकल डिग्री से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG – Special Operations Group) को एक और बड़ी सफलता मिली है। टीम ने दिल्ली निवासी डॉक्टर नितिन कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने 10 लाख रुपए देकर फर्जी FMG सर्टिफिकेट बनवाया और उसके आधार पर मेडिकल इंटर्नशिप पूरी की।



क्या है पूरा मामला

एडीजी एसओजी विशाल बंसल के अनुसार, नितिन कुमार कजाकिस्तान से MBBS की पढ़ाई पूरी कर वर्ष 2022 में भारत लौटा था। भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए उसे FMG स्क्रीनिंग परीक्षा पास करनी थी। कई प्रयासों के बावजूद वह परीक्षा में सफल नहीं हो सका।



जांच के मुताबिक इसके बाद आरोपी ने दौसा निवासी शुभम गुर्जर के संपर्क में आकर 10 लाख रुपए में फर्जी FMG सर्टिफिकेट बनवाया। इसी दस्तावेज के आधार पर उसने राजकीय मेडिकल कॉलेज, करौली में इंटर्नशिप के लिए आवेदन किया और प्रशिक्षण पूरा किया।



दिल्ली से हुई गिरफ्तारी

एसओजी ने इससे पहले शुभम गुर्जर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान नितिन कुमार का नाम सामने आया। इसके बाद टीम ने दिल्ली में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।



फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।



जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क

एसओजी की जांच के अनुसार यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है। अब तक फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर इंटर्नशिप करने वाले 24 विदेशी MBBS डॉक्टर गिरफ्तार किए जा चुके हैं।



इसके अलावा राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC – Rajasthan Medical Council) के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी (UDC – Upper Division Clerk) अखिलेश माथुर, एलडीसी (LDC – Lower Division Clerk) फरहान हसन और मुख्य आरोपी भानाराम माली समेत कुल 29 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



प्रति व्यक्ति लाखों रुपए की वसूली

जांच एजेंसियों के अनुसार मुख्य आरोपी भानाराम माली, शुभम गुर्जर और इंद्रराज गुर्जर फर्जी FMG सर्टिफिकेट तैयार करवाने और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने के बदले प्रत्येक व्यक्ति से 20 से 30 लाख रुपए तक लेते थे।



एसओजी का कहना है कि विदेश से MBBS करने वाले 100 से अधिक डॉक्टरों की पहचान की जा चुकी है। इन सभी मामलों की जांच जारी है। यदि जांच में फर्जी दस्तावेज मिलने की पुष्टि होती है तो आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह मामला केवल दस्तावेजों की धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है। यदि कोई व्यक्ति बिना वैध पात्रता के मेडिकल प्रैक्टिस करता है तो इससे मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यही कारण है कि एसओजी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।



FAQ

  1. FMG क्या है?
    FMG विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए अनिवार्य स्क्रीनिंग परीक्षा से जुड़ा प्रमाणन है। भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए पात्रता सुनिश्चित करने में इसकी भूमिका होती है।

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