6 साल की बच्ची की मौत, चांदीपुरा वायरस की आशंका, 40 के सैंपल लिए

Jageshwar prasad | Jul 19, 2026, 08:11 IST
डूंगरपुर में 6 वर्षीय बच्ची की मौत, चांदीपुरा वायरस की आशंका
राजस्थान के डूंगरपुर की 6 वर्षीय बालिका की गुजरात के हिम्मतनगर में मृत्यु। बच्ची में चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण थे। जांच की रिपोर्ट आना अभी बाकी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • डूंगरपुर में 6 वर्षीय बच्ची की मौत, चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण।
  • तबीयत बिगड़ने के बाद गुजरात ले जाया गया, जहां हिम्मतनगर में दम तोड़ा।
  • मौत के बाद पूरे गांव में अलर्ट, 75 घरों का सर्वे, 353 लोगों की जांच।
  • 40 लोगों के सैंपल भेजे गए, फॉगिंग कराई गई, लेकिन रिपोर्ट अभी बाकी।
  • चांदीपुरा वायरस 15 साल से कम उम्र के बच्चों को करता है प्रभावित।

राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र के रतनपुरा गांव में एक 6 वर्षीय बालिका की मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। बच्ची की मौत गुजरात के हिम्मतनगर के सरकारी अस्पताल में 15 जुलाई को हुई।



बच्ची में चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण बताए जा रहे हैं। हालांकि आधिकारिक मेडिकल रिपोर्ट अभी आना बाकी है इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।



गांव में फॉगिंग हो चुकी है, 353 लोगों की जांच की गई और 40 लोगों के रक्त के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।



तीन दिन का दर्दनाक सफर

BCMHO (Block Chief Medical Health Officer) डॉ. नरेंद्र प्रजापति ने बताया कि बालिका 13 जुलाई को गुजरात के सीमावर्ती गांव तम्बोलिया से घर लौटी थी। उसी रात अचानक उल्टियां शुरू हुईं और तबीयत बिगड़ने लगी।



परिजन उसे सीमलवाड़ा के निजी अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर स्थिति के कारण रेफर कर दिया गया। फिर गुजरात के मेघराज के जलाराम अस्पताल ले गए। 14 जुलाई को वहां से हिम्मतनगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया। 15 जुलाई को बच्ची ने दम तोड़ दिया।



गांव में अलर्ट

मृत्यु की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। शुक्रवार को पूरे गांव में पायरेथ्रम स्प्रे से फॉगिंग कराई गई। टीम ने 75 घरों का सर्वे कर 353 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की।



राहत की बात यह रही कि किसी में भी बुखार या चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण नहीं मिले। एहतियात के तौर पर मृतका के संपर्क में आए 40 लोगों के रक्त के सैंपल जिला अस्पताल भेजे गए हैं।



क्या है चांदीपुरा वायरस?

चांदीपुरा वायरस मुख्य रूप से 15 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। इसकी पहली पहचान 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में हुई थी। यह वायरस सैंडफ्लाई और कुछ मामलों में मच्छरों के जरिए फैलता है।



डूंगरपुर में 6 वर्षीय बच्ची की मौत, चांदीपुरा वायरस की आशंका


चांदीपुरा वायरस के लक्षणमें तेज बुखार, उल्टी, दौरे और दिमाग में सूजन यानी एन्सेफलाइटिस शामिल हैं। गंभीर स्थिति में मरीज की हालत 24 से 48 घंटे में बिगड़ सकती है। फिलहाल इसकी कोई विशेष दवा या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। बच्चों में लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी है।



FAQ

  1. चांदीपुरा वायरस क्या है और यह कैसे फैलता है?
    यह एक वायरल संक्रमण है जो मुख्यतः 15 साल से कम उम्र के बच्चों को प्रभावित करता है। सैंडफ्लाई और कुछ मामलों में मच्छरों के काटने से फैलता है। 1965 में महाराष्ट्र के चांदीपुरा गांव में पहली बार पहचाना गया था।
  2. अगर बच्चे में चांदीपुरा वायरस जैसे लक्षण दिखें तो क्या करें?
    तेज बुखार, उल्टी, दौरे या बेहोशी जैसे लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं। 24 से 48 घंटे में हालत तेजी से बिगड़ सकती है, इसलिए देर बिल्कुल न करें। घर में मच्छरों और सैंडफ्लाई से बचाव के उपाय करें।

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