सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश पर रोक, नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई

Mukesh Sharma | Aug 16, 2026, 22:24 IST
सरकारी स्कूलों में बाहरी प्रवेश पर रोक, फोटो-वीडियोग्राफी प्रतिबंधित, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। बिना अनुमति फोटो-वीडियोग्राफी प्रतिबंधित रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस व अन्य कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई होगी।

समझें क्या है पूरा मामला

  • बाहरी व्यक्तियों के विद्यालय परिसर में प्रवेश पर रोक।
  • आगंतुकों के लिए विज़िटर रजिस्टर में एंट्री अनिवार्य।
  • बिना अनुमति फोटो, वीडियोग्राफी और लाइव स्ट्रीमिंग प्रतिबंधित।
  • नियम तोड़ने पर पुलिस और विभिन्न कानूनों के तहत कार्रवाई।

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, गरिमा और निजता को लेकर शिक्षा विभाग ने स्कूल परिसरों में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।



माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार प्रधानाचार्य या संस्था प्रधान की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।



आधिकारिक दायित्वों के निर्वहन के लिए विधिवत अधिकृत सरकारी अधिकारियों को इससे अपवाद रखा गया है।



हर आगंतुक की एंट्री होगी दर्ज

स्कूल में आने वाले प्रत्येक आगंतुक को प्रवेश से पहले विजिटर रजिस्टर में अपनी एंट्री करनी होगी। बाहरी व्यक्ति प्रधानाचार्य, शिक्षक या अधिकृत स्कूल अधिकारी के साथ के बिना कक्षा-कक्ष, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, छात्रावास, खेल मैदान, शौचालय अथवा विद्यार्थियों की गतिविधियों वाले क्षेत्र में प्रवेश नहीं कर सकेगा।



फोटो-वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग भी प्रतिबंधित

प्रधानाचार्य की पूर्व लिखित अनुमति के बिना विद्यार्थियों, शिक्षकों या स्कूल की गतिविधियों की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, साक्षात्कार, ऑडियो रिकॉर्डिंग या लाइव स्ट्रीमिंग नहीं की जा सकेगी। विद्यार्थियों की फोटो, वीडियो अथवा व्यक्तिगत जानकारी का ऐसा संग्रह या प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा, जिससे उनकी निजता, गरिमा या सुरक्षा प्रभावित हो।





नियम तोड़ने पर इन धाराओं में कार्रवाई

आदेश में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति बिना अनुमति स्कूल में प्रवेश करता है, परिसर छोड़ने से इनकार करता है, अनधिकृत फोटो-वीडियोग्राफी का प्रयास करता है या स्कूल के कामकाज में बाधा डालता है तो प्रधानाचार्य तत्काल स्थानीय पुलिस और जिला शिक्षा अधिकारी को सूचना देंगे।



मामले की परिस्थितियों के अनुसार भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS), लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO), किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 सहित अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई शुरू की जा सकती है।



सुरक्षा को खतरा होने पर प्रवेश से इनकार

प्रधानाचार्य ऐसे किसी आगंतुक को प्रवेश करने से इंकार कर सकते हैं, जिसकी मौजूदगी से स्कूल की सुरक्षा, विद्यार्थियों की निजता, अनुशासन या शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होने की आशंका हो। जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस की सहायता से बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर से बाहर भी कराया जा सकता है।



शिक्षा विभाग ने सभी सुपरवाईजरी अधिकारियों और संस्था प्रधानों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने विद्यार्थियों की सुरक्षा और निजता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा जारी निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।



ये भी पढ़ें:-

सीएम भजनलाल शर्मा ने बहनों को दिया राखी गिफ्ट, खाते में डाले 14.65 करोड़



निकाय चुनाव से पहले 41 नगर पालिका अधिकारियों के तबादले, 24 APO को मिली पोस्टिंग



शिक्षक के तबादले पर फूट-फूट कर रोए बच्चे, विपक्ष ने उठाए सवाल



तीज की सवारी में दिखी राजस्थान की संस्कृति, कच्छी घोड़ी और फड़ गायन ने बांधा समा



Tags:
  • शिक्षा विभाग
  • POCSO
  • दिशा-निर्देश
  • बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं